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Kaithal News: शहर की पुरानी बावड़ी का चार करोड़ 46 लाख रुपए की लागत से होगा जीर्णोद्धार
Thu, 18 Sep 2025 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 18 Sep 2025 11:40 PM IST
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254 शहर की ऐतिहासिक बावड़ी का जीर्णोद्धार करते विरासत एवं पर्यटन मंत्री डा. अरविंद शर्मा सोशल
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर की ऐतिहासिक बावड़ी का जीर्णोद्धार 4 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा। वीरवार को पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने नारनौल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस परियोजना का शिलान्यास किया। लघु सचिवालय स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंस रूम से सीटीएम गुरविंद्र सिंह ने इस कार्य की औपचारिक शुरुआत की।
विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि सेवा पखवाड़े के तहत सरकार का उद्देश्य केवल विकास ही नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को संजोए रखना भी है। इसी क्रम में प्रदेशभर में करीब 20 ऐतिहासिक स्थलों और बावड़ियों के जीर्णोद्धार कार्य का शिलान्यास किया गया है, जिनमें कैथल की ब्रिक बावड़ी भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि यह बावड़ी न केवल जल संरक्षण का महत्वपूर्ण साधन है, बल्कि शहर की विरासत का अभिन्न हिस्सा भी है। सरकार ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और यह जीर्णोद्धार उसी दिशा में एक अहम कदम है। इसके पूरा होने पर शहर को एक नया गौरव मिलेगा और आने वाली पीढ़ियां अपनी समृद्ध विरासत से परिचित हो सकेंगी।
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सीटीएम गुरविंद्र सिंह ने बताया कि यह बावड़ी शहर के पुराने नागरिक अस्पताल के नजदीक स्थित है और सदियों पुरानी होने के कारण इसका ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व है। जीर्णोद्धार के बाद यह अपने पुराने गौरव को पुनः प्राप्त करेगी।
इस परियोजना के तहत बावड़ी की मरम्मत, मूलभूत सुविधाओं जैसे शौचालय, बेंच, साइनेज, शेड और लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही पारंपरिक तकनीकों का उपयोग कर संरचनात्मक मूल्यांकन और कमजोर हिस्सों को सुदृढ़ किया जाएगा।
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कैथल। शहर की ऐतिहासिक बावड़ी का जीर्णोद्धार 4 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा। वीरवार को पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने नारनौल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस परियोजना का शिलान्यास किया। लघु सचिवालय स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंस रूम से सीटीएम गुरविंद्र सिंह ने इस कार्य की औपचारिक शुरुआत की।
विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि सेवा पखवाड़े के तहत सरकार का उद्देश्य केवल विकास ही नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को संजोए रखना भी है। इसी क्रम में प्रदेशभर में करीब 20 ऐतिहासिक स्थलों और बावड़ियों के जीर्णोद्धार कार्य का शिलान्यास किया गया है, जिनमें कैथल की ब्रिक बावड़ी भी शामिल है।
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उन्होंने कहा कि यह बावड़ी न केवल जल संरक्षण का महत्वपूर्ण साधन है, बल्कि शहर की विरासत का अभिन्न हिस्सा भी है। सरकार ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और यह जीर्णोद्धार उसी दिशा में एक अहम कदम है। इसके पूरा होने पर शहर को एक नया गौरव मिलेगा और आने वाली पीढ़ियां अपनी समृद्ध विरासत से परिचित हो सकेंगी।
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सीटीएम गुरविंद्र सिंह ने बताया कि यह बावड़ी शहर के पुराने नागरिक अस्पताल के नजदीक स्थित है और सदियों पुरानी होने के कारण इसका ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व है। जीर्णोद्धार के बाद यह अपने पुराने गौरव को पुनः प्राप्त करेगी।
इस परियोजना के तहत बावड़ी की मरम्मत, मूलभूत सुविधाओं जैसे शौचालय, बेंच, साइनेज, शेड और लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही पारंपरिक तकनीकों का उपयोग कर संरचनात्मक मूल्यांकन और कमजोर हिस्सों को सुदृढ़ किया जाएगा।