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Kaithal News: पंजाब से सटा इलाका, लोग कहते हैं इसे ‘उड़ता गुहला’
Wed, 04 Dec 2024 12:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 04 Dec 2024 12:55 PM IST
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कमल बहल/गुरमीत सीड़ा कैथल/गुहला-चीका। पंजाब सीमा से लगते क्षेत्र खरकां, समाधां, महमूदपुर, अरनौली, अजीमगढ़, चीका में नशा युवाओं का जीवन लील रहा है। हालात यह हैं कि इस क्षेत्र को अब पंजाब की तरह ‘उड़ता गुहला’ कहा जाने लगा है।
यहां समय के साथ नशेड़ियों के शौक भी शाही होते जा रहे हैं। नशेड़ी व्यक्ति अब केवल शराब ही नही बल्कि अफीम, स्मैक, हेरोइन, चरस, गांजा जैसे महंगे नशे करते है। एक बार नशे की लत लगने के बाद अगर पैसे के अभाव में लत पूरी न हो तो नशेड़ी व्यक्ति अपराध करने से भी नहीं चुकते।
युवा नशे के इंजेक्शन खुद ही लगा रहे हैं और नशे की ओवरडोज के कारण उनकी मौत भी हो रही है। गुहला में नशे का कारोबार तेजी से पांव पसार रहा है। इसकी चपेट में सबसे ज्यादा विद्यार्थी व युवा वर्ग ही है। इस कारण एक तरफ जहां अपराध का ग्राफ बढ़ रहा है वहीं दूसरी तरफ कई घर नशे के कारण बर्बाद हो चुके है। गुहला क्षेत्र में रोजाना नशा तस्कर पकड़े जा रहे हैं इसके बावजूद तस्करी पर लगाम नहीं लग रही है और नशा तस्करों ने छोटे-छोटे गांवों में पकड़ बना ली है। सामाजिक संस्थाओं व पुलिस की ओर से जागरूकता अभियान चलाने के बावजूद युवा वर्ग लगातार नशे का शिकार हो रहा है।
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सरकर ने गांव व शहर में शराब ठेके खोले हुए है लेकिन बावजूद इसके अवैध शराब पर रोकथाम नहीं लग पा रही है। गांव ही नहीं बल्कि शहर की कई कॉलोनियां व मोहल्ले ऐसे है जो खुर्दों व अवैध शराब के कारण बदनाम है। इनमें शामिल वाल्मीकि माहौल, संजय बस्ती, रविदास मंदिर के पीछे बनी नगरपालिका की मार्केट में बने खुर्दे शामिल हैं। इनमें से कई जगह तो ऐसी है जहां पुलिस भी जाने से कतराती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस के संज्ञान में होने के बावजूद इन खुर्दों पर रोक नही लग पा रही है। नशे की जड़े कितनी गहरी हैं, इसका सही आकलन करना शायद पुलिस के लिए भी आसान नहीं है। इस संबंध में एसपी राजेश कालिया ने कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस लगातार मुहिम चलाए हुए है। ज्यादातर मामलों में आरोपियों को पकड़ा जा चुका है और कड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस को जैसे ही सूचना मिलती है, वह कार्रवाई करती है। पुलिस का अभियान लगातार जारी है और आगे भी निरंतर चलाया जाएगा। आमजन से भी तस्करों की सूचना मांगी है। कहा, सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।
बढ़ रहे अपराध
नशे का सबसे ज्यादा शिकार युवा वर्ग हो रहा है। युवा नशे की चपेट में आसानी से आ जाते हैं। नशे के कारण ही कई घर बर्बाद हो चुके हैं जबकि कई युवा नशे की लत लगने के बाद अपराध के रास्ते पर चल पड़े हैं। महंगे नशे करने की लत लगने के बाद जब रुपये के अभाव में नशा नहीं मिल पाता तो नशेड़ी अपनी लत पूरी करने के लिए अपराध के रास्ते पर चलने से भी नहीं हिचकाते। नशा के कारण लूट, चोरी जैसी घटनाओं के पीछे कई बार नशेड़ियों का ही हाथ मिलता है। संवाद
गुहला में युवा नशे की लत के शिकार हो रहे हैं और सारा क्षेत्र इस समस्या से प्रभावित हैं। पंजाब की सीमा से लगे गुहला में मादक द्रव्यों के दुरुपयोग के मामले अधिक हैं। कभी पंजाब को ‘उड़ता पंजाब’ के नाम से जाना जाता था और अब बढ़ते नशे के खतरे के कारण गुहला को ‘उड़ता गुहला’ कहा जाने लगा है। -देवेंद्र हंस, कांग्रेस विधायक
यदि विभाग के पास सूचना आती है कि कहीं पर नशीली दवाएं अवैध रूप से बिक रही है तो टीम को गठित करके तुरंत सूचना पर कार्रवाई की जाती है। अब तक कई ऐसे मामलों में केस
दर्ज करवाए जा चुके है। - डॉ. संजीव गोयल, सर्जन, गुहला
पिछले साल की अपेक्षा अब तक दोगुने नशा तस्कर काबू किए जा चुके हैं। इंसान को नशा पशु के समान बना देता है, इस कारण अपराध का ग्राफ भी बढ़ता है। पुलिस व सामाजिक संस्थाएं मिलकर नशे से बचने के लिए जागरूकता अभियान चलाते हैं।
- कुलदीप बैनीवाल, उपपुलिस अधीक्षक, गुहला।
पुलिस का उद्देश्य जिले को नशामुक्त करना है। यह अभियान आगे भी निरंतर चलाया जाएगा। आमजन से अपील की कि नशा तस्करों की सूचना पुलिस को दें। - राजेश कालिया, एसपी, कैथल।
आंकड़े पर एक नजर
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2023 में जिले में नशा तस्करी के 100 मामले सामने आए, जिनमें पुलिस ने 163 आरोपियों को गिरफ्तार किया। 2023 के इन मामलों में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करके सात किलो 171 ग्राम अफीम, 1056 किलो चूरापोस्त, 925 ग्राम चरस, एक किलो स्मैक व 471 ग्राम हेरोइन बरामद की। इसके अलावा 19 किलो गांजा, 586 किलो डोडापोस्त, ढाई किलो डोडा की फसल, 14236 नशीली गोलियां और 17 नशे के टीके बरामद किए थे।
2023 के तकरीबन सभी मामलों में आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया था। वर्ष 2024 में अक्तूबर तक नशा तस्करी के 71 मामले सामने आए हैं। इन मामलों में पुलिस ने 109 आरोपियों को काबू कर सलाखों के पीछे भेजा है। मामलों में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से साढ़े 10 किलो अफीम, 376 ग्राम चरस, 13.8 किलो चूरापोस्त, 143 ग्राम हेरोइन व सवा नौ किलो गांजा बरामद किया है। इसके अलावा 292.5 किलो डोडापोस्त, 3030 नशीली गोलियां व 501 नशे के टीके बरामद किए गए हैं।
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यहां समय के साथ नशेड़ियों के शौक भी शाही होते जा रहे हैं। नशेड़ी व्यक्ति अब केवल शराब ही नही बल्कि अफीम, स्मैक, हेरोइन, चरस, गांजा जैसे महंगे नशे करते है। एक बार नशे की लत लगने के बाद अगर पैसे के अभाव में लत पूरी न हो तो नशेड़ी व्यक्ति अपराध करने से भी नहीं चुकते।
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युवा नशे के इंजेक्शन खुद ही लगा रहे हैं और नशे की ओवरडोज के कारण उनकी मौत भी हो रही है। गुहला में नशे का कारोबार तेजी से पांव पसार रहा है। इसकी चपेट में सबसे ज्यादा विद्यार्थी व युवा वर्ग ही है। इस कारण एक तरफ जहां अपराध का ग्राफ बढ़ रहा है वहीं दूसरी तरफ कई घर नशे के कारण बर्बाद हो चुके है। गुहला क्षेत्र में रोजाना नशा तस्कर पकड़े जा रहे हैं इसके बावजूद तस्करी पर लगाम नहीं लग रही है और नशा तस्करों ने छोटे-छोटे गांवों में पकड़ बना ली है। सामाजिक संस्थाओं व पुलिस की ओर से जागरूकता अभियान चलाने के बावजूद युवा वर्ग लगातार नशे का शिकार हो रहा है।
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सरकर ने गांव व शहर में शराब ठेके खोले हुए है लेकिन बावजूद इसके अवैध शराब पर रोकथाम नहीं लग पा रही है। गांव ही नहीं बल्कि शहर की कई कॉलोनियां व मोहल्ले ऐसे है जो खुर्दों व अवैध शराब के कारण बदनाम है। इनमें शामिल वाल्मीकि माहौल, संजय बस्ती, रविदास मंदिर के पीछे बनी नगरपालिका की मार्केट में बने खुर्दे शामिल हैं। इनमें से कई जगह तो ऐसी है जहां पुलिस भी जाने से कतराती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस के संज्ञान में होने के बावजूद इन खुर्दों पर रोक नही लग पा रही है। नशे की जड़े कितनी गहरी हैं, इसका सही आकलन करना शायद पुलिस के लिए भी आसान नहीं है। इस संबंध में एसपी राजेश कालिया ने कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस लगातार मुहिम चलाए हुए है। ज्यादातर मामलों में आरोपियों को पकड़ा जा चुका है और कड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस को जैसे ही सूचना मिलती है, वह कार्रवाई करती है। पुलिस का अभियान लगातार जारी है और आगे भी निरंतर चलाया जाएगा। आमजन से भी तस्करों की सूचना मांगी है। कहा, सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।
बढ़ रहे अपराध
नशे का सबसे ज्यादा शिकार युवा वर्ग हो रहा है। युवा नशे की चपेट में आसानी से आ जाते हैं। नशे के कारण ही कई घर बर्बाद हो चुके हैं जबकि कई युवा नशे की लत लगने के बाद अपराध के रास्ते पर चल पड़े हैं। महंगे नशे करने की लत लगने के बाद जब रुपये के अभाव में नशा नहीं मिल पाता तो नशेड़ी अपनी लत पूरी करने के लिए अपराध के रास्ते पर चलने से भी नहीं हिचकाते। नशा के कारण लूट, चोरी जैसी घटनाओं के पीछे कई बार नशेड़ियों का ही हाथ मिलता है। संवाद
गुहला में युवा नशे की लत के शिकार हो रहे हैं और सारा क्षेत्र इस समस्या से प्रभावित हैं। पंजाब की सीमा से लगे गुहला में मादक द्रव्यों के दुरुपयोग के मामले अधिक हैं। कभी पंजाब को ‘उड़ता पंजाब’ के नाम से जाना जाता था और अब बढ़ते नशे के खतरे के कारण गुहला को ‘उड़ता गुहला’ कहा जाने लगा है। -देवेंद्र हंस, कांग्रेस विधायक
यदि विभाग के पास सूचना आती है कि कहीं पर नशीली दवाएं अवैध रूप से बिक रही है तो टीम को गठित करके तुरंत सूचना पर कार्रवाई की जाती है। अब तक कई ऐसे मामलों में केस
दर्ज करवाए जा चुके है। - डॉ. संजीव गोयल, सर्जन, गुहला
पिछले साल की अपेक्षा अब तक दोगुने नशा तस्कर काबू किए जा चुके हैं। इंसान को नशा पशु के समान बना देता है, इस कारण अपराध का ग्राफ भी बढ़ता है। पुलिस व सामाजिक संस्थाएं मिलकर नशे से बचने के लिए जागरूकता अभियान चलाते हैं।
- कुलदीप बैनीवाल, उपपुलिस अधीक्षक, गुहला।
पुलिस का उद्देश्य जिले को नशामुक्त करना है। यह अभियान आगे भी निरंतर चलाया जाएगा। आमजन से अपील की कि नशा तस्करों की सूचना पुलिस को दें। - राजेश कालिया, एसपी, कैथल।
आंकड़े पर एक नजर
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2023 में जिले में नशा तस्करी के 100 मामले सामने आए, जिनमें पुलिस ने 163 आरोपियों को गिरफ्तार किया। 2023 के इन मामलों में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करके सात किलो 171 ग्राम अफीम, 1056 किलो चूरापोस्त, 925 ग्राम चरस, एक किलो स्मैक व 471 ग्राम हेरोइन बरामद की। इसके अलावा 19 किलो गांजा, 586 किलो डोडापोस्त, ढाई किलो डोडा की फसल, 14236 नशीली गोलियां और 17 नशे के टीके बरामद किए थे।
2023 के तकरीबन सभी मामलों में आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया था। वर्ष 2024 में अक्तूबर तक नशा तस्करी के 71 मामले सामने आए हैं। इन मामलों में पुलिस ने 109 आरोपियों को काबू कर सलाखों के पीछे भेजा है। मामलों में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से साढ़े 10 किलो अफीम, 376 ग्राम चरस, 13.8 किलो चूरापोस्त, 143 ग्राम हेरोइन व सवा नौ किलो गांजा बरामद किया है। इसके अलावा 292.5 किलो डोडापोस्त, 3030 नशीली गोलियां व 501 नशे के टीके बरामद किए गए हैं।