{"_id":"685469e1e2ae52a9140d5e08","slug":"the-ancient-kharak-gate-will-be-renovated-with-23-lakh-rupees-kaithal-news-c-18-1-knl1004-673774-2025-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: प्राचीन खरक दरवाजे का 23 लाख से होगा जीर्णोद्धार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: प्राचीन खरक दरवाजे का 23 लाख से होगा जीर्णोद्धार
Fri, 20 Jun 2025 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 20 Jun 2025 01:19 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। नगर के ऐतिहासिक प्राचीन खरक दरवाजा का अब जीर्णोद्धार होने जा रहा है। नगर पालिका ने इस धरोहर को विकसित करने की दिशा में पहले चरण में 23 लाख रुपये के बजट से कार्य शुरू किया है। वर्षों से उपेक्षित यह स्थान अब हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत के रूप में विकसित किया जाएगा।
यह दो मंजिला भवन लंबे समय से सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। कभी पूर्वजों ने सामूहिक सोच और सामाजिक सौहार्द के उद्देश्य से इसे खड़ा किया था। तब से लेकर अब तक यह स्थल जागरूकता अभियानों, धार्मिक आयोजनों और सामाजिक संवाद का सशक्त मंच बना हुआ है।
स्थानीय नागरिकों धीमेश धीमान, दिनेश धीमान, श्रवण धीमान, सुरेंद्र धीमान, सोनू धीमान, अनु धीमान, तथा बड़ी संख्या में महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक और युवा—ने इस कार्य पर प्रसन्नता जताई और कहा कि खरक दरवाजा नगर की पहचान है। ऐसे स्थलों का संरक्षण और विकास समय की मांग है।
विज्ञापन
वार्ड पांच की पार्षद प्रीत जगदेवा ने बताया कि भगवान विश्वकर्मा द्वारा दिए गए इंजीनियरिंग सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए ऐसे प्राचीन स्थलों का जीर्णोद्धार महत्वपूर्ण है। इसी सोच के तहत पहले 15 लाख की लागत से जगदेव धर्मशाला और 40 लाख की लागत से विश्वकर्मा धर्मशाला को नया रूप दिया गया। अब खरक दरवाजा के विकास पर भी तेजी से कार्य चल रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश स्तर पर श्री रैदास तख्त की तर्ज पर विश्वकर्मा तख्त और विश्वकर्मा डिजिटल लाइब्रेरी की योजना भी रोडमैप में शामिल है, जिससे समाज की धरोहरों को संरक्षित किया जा सके।
खरक दरवाजा वर्तमान में वार्ड-8 में स्थित है, जहां से महीपाल पंवार सर्वसम्मति से पार्षद निर्वाचित हुए हैं। उन्होंने वार्ड-5 की पार्षद प्रीत जगदेव और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर इस धरोहर को संवारने में पूर्ण सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य है कि विश्वकर्मा समाज के सहयोग से नगर की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और समृद्ध किया जाए।
विज्ञापन
कलायत। नगर के ऐतिहासिक प्राचीन खरक दरवाजा का अब जीर्णोद्धार होने जा रहा है। नगर पालिका ने इस धरोहर को विकसित करने की दिशा में पहले चरण में 23 लाख रुपये के बजट से कार्य शुरू किया है। वर्षों से उपेक्षित यह स्थान अब हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत के रूप में विकसित किया जाएगा।
यह दो मंजिला भवन लंबे समय से सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। कभी पूर्वजों ने सामूहिक सोच और सामाजिक सौहार्द के उद्देश्य से इसे खड़ा किया था। तब से लेकर अब तक यह स्थल जागरूकता अभियानों, धार्मिक आयोजनों और सामाजिक संवाद का सशक्त मंच बना हुआ है।
विज्ञापन
स्थानीय नागरिकों धीमेश धीमान, दिनेश धीमान, श्रवण धीमान, सुरेंद्र धीमान, सोनू धीमान, अनु धीमान, तथा बड़ी संख्या में महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक और युवा—ने इस कार्य पर प्रसन्नता जताई और कहा कि खरक दरवाजा नगर की पहचान है। ऐसे स्थलों का संरक्षण और विकास समय की मांग है।
विज्ञापन
वार्ड पांच की पार्षद प्रीत जगदेवा ने बताया कि भगवान विश्वकर्मा द्वारा दिए गए इंजीनियरिंग सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए ऐसे प्राचीन स्थलों का जीर्णोद्धार महत्वपूर्ण है। इसी सोच के तहत पहले 15 लाख की लागत से जगदेव धर्मशाला और 40 लाख की लागत से विश्वकर्मा धर्मशाला को नया रूप दिया गया। अब खरक दरवाजा के विकास पर भी तेजी से कार्य चल रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश स्तर पर श्री रैदास तख्त की तर्ज पर विश्वकर्मा तख्त और विश्वकर्मा डिजिटल लाइब्रेरी की योजना भी रोडमैप में शामिल है, जिससे समाज की धरोहरों को संरक्षित किया जा सके।
खरक दरवाजा वर्तमान में वार्ड-8 में स्थित है, जहां से महीपाल पंवार सर्वसम्मति से पार्षद निर्वाचित हुए हैं। उन्होंने वार्ड-5 की पार्षद प्रीत जगदेव और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर इस धरोहर को संवारने में पूर्ण सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य है कि विश्वकर्मा समाज के सहयोग से नगर की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और समृद्ध किया जाए।