{"_id":"65bd7178303a0503ba044556","slug":"technology-incubation-centers-prepared-for-start-ups-kaithal-news-c-18-1-knl1004-318564-2024-02-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: स्टार्ट अप के लिए तैयार किए टेक्नोलॉजी इनक्यूबेशन सेंटर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: स्टार्ट अप के लिए तैयार किए टेक्नोलॉजी इनक्यूबेशन सेंटर
Sat, 03 Feb 2024 04:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 03 Feb 2024 04:19 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुवि के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि छात्रों को इन-हाउस नवाचार व उद्यमिता के अवसर प्रदान करने के लिए एक अच्छा पारिस्थितिकी तंत्र आवश्यक है, जिसके मद्देनजर केयू में स्टार्ट अप को बढ़ावा देने के लिए टेक्नोलॉजी इनक्यूबेशन सेंटर बनाए गए हैं। वे प्रौद्योगिकी इनक्यूबेशन सेंटर की ओरसे विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए प्रयास 2.0 ‘एक स्टार्ट-अप बिल्डिंग पहल’ के शुभारंभ पर संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उद्देश्य ज्ञान हस्तांतरण को ज्ञान के सृजन के रूप में बदलना है। केयू देश में एनईपी-2020 को कैंपस यूजी प्रोग्राम्स एवं संबंधित महाविद्यालयों में सभी प्रावधानों के साथ लागू करने वाला पहला विश्वविद्यालय है और यह 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाने में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के साथ लगातार प्रगति कर रहा है। नोडल अधिकारी प्रो. प्रदीप कुमार ने कहा कि प्रयास 2.0 छात्रों के लिए एक अवसर प्रदान करता है जिसमें छात्र पर्यावरण, स्वास्थ्य सेवा, साइबर सुरक्षा, कृषि-बायोटेक के साथ-साथ विश्वविद्यालय की बेहतरी से संबंधित आइडिया को प्रस्तुत कर सकते हैं।
केयू कुटिक की समन्वयक प्रो. अनुरेखा शर्मा ने कहा कि प्रयास 2.0 का मुख्य उद्देश्य छात्रों को विचारों को उत्पादों में बदलने के लिए नवाचार पाइपलाइन में शामिल करना, नवीन समाधान बनाने के लिए उद्योग-अकादमिक इंटरफेस का निर्माण करना, स्टार्ट अप को आकर्षित करने के लिए एक आउटरीच भागीदार के रूप में उद्योग को शामिल करना, संरक्षक के रूप में केयू के संकाय की मेंटर, आविष्कारक एवं उद्यमी दृढ़ संकल्पना को प्रदर्शित करना है। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा, डीन ऑफ कॉलेजिज प्रो. अनिल वोहरा, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एआर चौधरी, प्रो. एसके चहल, प्रो. जितेंद्र, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. तेजेंद्र शर्मा, प्रो. शुचिस्मिता, प्रो. रोहताश सहित अन्य डीन, निदेशक, प्रोफेसर संकाय सदस्य, प्रो. अनीता यादव, प्रो. हरदीप आनंद, प्रो. अश्वनी मित्तल, डॉ. रीता देवी, डॉ. हरदीप राय शर्मा और मनोज इनक्यूबेशन कंसल्टेंट सहित अन्य विद्यार्थी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। कुवि के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि छात्रों को इन-हाउस नवाचार व उद्यमिता के अवसर प्रदान करने के लिए एक अच्छा पारिस्थितिकी तंत्र आवश्यक है, जिसके मद्देनजर केयू में स्टार्ट अप को बढ़ावा देने के लिए टेक्नोलॉजी इनक्यूबेशन सेंटर बनाए गए हैं। वे प्रौद्योगिकी इनक्यूबेशन सेंटर की ओरसे विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए प्रयास 2.0 ‘एक स्टार्ट-अप बिल्डिंग पहल’ के शुभारंभ पर संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उद्देश्य ज्ञान हस्तांतरण को ज्ञान के सृजन के रूप में बदलना है। केयू देश में एनईपी-2020 को कैंपस यूजी प्रोग्राम्स एवं संबंधित महाविद्यालयों में सभी प्रावधानों के साथ लागू करने वाला पहला विश्वविद्यालय है और यह 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाने में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के साथ लगातार प्रगति कर रहा है। नोडल अधिकारी प्रो. प्रदीप कुमार ने कहा कि प्रयास 2.0 छात्रों के लिए एक अवसर प्रदान करता है जिसमें छात्र पर्यावरण, स्वास्थ्य सेवा, साइबर सुरक्षा, कृषि-बायोटेक के साथ-साथ विश्वविद्यालय की बेहतरी से संबंधित आइडिया को प्रस्तुत कर सकते हैं।
विज्ञापन
केयू कुटिक की समन्वयक प्रो. अनुरेखा शर्मा ने कहा कि प्रयास 2.0 का मुख्य उद्देश्य छात्रों को विचारों को उत्पादों में बदलने के लिए नवाचार पाइपलाइन में शामिल करना, नवीन समाधान बनाने के लिए उद्योग-अकादमिक इंटरफेस का निर्माण करना, स्टार्ट अप को आकर्षित करने के लिए एक आउटरीच भागीदार के रूप में उद्योग को शामिल करना, संरक्षक के रूप में केयू के संकाय की मेंटर, आविष्कारक एवं उद्यमी दृढ़ संकल्पना को प्रदर्शित करना है। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा, डीन ऑफ कॉलेजिज प्रो. अनिल वोहरा, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एआर चौधरी, प्रो. एसके चहल, प्रो. जितेंद्र, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. तेजेंद्र शर्मा, प्रो. शुचिस्मिता, प्रो. रोहताश सहित अन्य डीन, निदेशक, प्रोफेसर संकाय सदस्य, प्रो. अनीता यादव, प्रो. हरदीप आनंद, प्रो. अश्वनी मित्तल, डॉ. रीता देवी, डॉ. हरदीप राय शर्मा और मनोज इनक्यूबेशन कंसल्टेंट सहित अन्य विद्यार्थी मौजूद रहे।
विज्ञापन