{"_id":"5766e8f54f1c1bd24d11c142","slug":"technical-education-kaithal-students-kaithal-bulding-kaithal","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिल्डिंग कैथल में, कक्षाएं गुहला-चीका में और प्रबंधन देखा जाता है अंबाला से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिल्डिंग कैथल में, कक्षाएं गुहला-चीका में और प्रबंधन देखा जाता है अंबाला से
beauro kaithal
Updated Mon, 20 Jun 2016 12:18 AM IST
विज्ञापन
कैथल में बनकर तैयार है कॉलेज का भवन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिल्डिंग कैथल में, कक्षाएं लगती हैं गुहला-चीका में और प्रबंधन देखा जाता है अंबाला से, यह हाल है कैथल में तकनीकी शिक्षा का। अब सवाल यह उठता है कि ऐसे में बच्चों से तकनीकी शिक्षा में दक्षता की उम्मीद कैसे की जा सकती है? दरअसल, दो साल से शहर में भगवान परशुराम पॉलीटेक्निक कॉलेज भवन बनकर तैयार है। लेकिन बच्चों को गुहला-चीका स्थित गुरु गोबिंद सिंह पॉलीटेक्निक कॉलेज में कक्षाएं लगाने के लिए हर रोज 60 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। तीन साल से बच्चों की समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। वहीं सरकार और विभागीय लापरवाही का खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।
स्थिति यह है कि इस कॉलेज के लिए भवन कैथल के गांव शेरगढ़ की जमीन में बनकर तैयार है। लेकिन कक्षाएं 28 किलोमीटर दूर गुहला-चीका में लग रही हैं। वहीं कॉलेज के प्रबंधन का जिम्मा 70 किलोमीटर दूर स्थित अंबाला के पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्रिंसिपल के पास है।
8 करोड़ की लागत से बना है भवन
गांव शेरगढ़ की जमीन में 8 करोड़ रुपये की लागत से दो साल पहले भवन बनकर तैयार हो चुका है। लेकिन इस भवन में कक्षाएं न लगने के कारण अब यह भी जर्जर हो चला है। भवन की हालत बिगड़ने लगी है। खाली भवन का विभाग द्वारा बिल भरा जा रहा है। जिस कारण सरकार को अब तक लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है। कॉलेज में पढ़ रहे विद्यार्थियों प्रभजोत सिंह, सिमरन, संतोष, सुनील, हेमंत, शुभम सहित अन्य बच्चों की परेशानी की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। बच्चों ने कहा कि जब यहां भवन बनकर तैयार हो चुका है तो इसे शुरू क्यों नहीं किया जा रहा।
विज्ञापन
यहां कक्षाएं नहीं लगानी थीं तो इस भवन पर करोड़ों रुपया क्यों खर्च किया गया। उन्हें हर रोज सर्दी, गर्मी, धूप, छांव में गुहला-चीका जाना पड़ता है। जहां बसों की भारी समस्या है। आने-जाने में पूरा दिन खराब होता है। सरकार से मांग है कि शीघ्र इस भवन में कक्षाएं लगवाई जाएं।
कैथल कॉलेज के 600 बच्चे कक्षाएं लगाने के लिए गुहला-चीका कॉलेज में आते हैं। करीब 8 माह पहले से इसका चार्ज मेरे पास नहीं हैं। अब इस कॉलेज की जिम्मेदारी अंबाला पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्रिंसिपल के पास है।
हरीश शर्मा, प्रिंसिपल, पॉलीटेक्निक कॉलेज गुहला-चीका
पिछले सप्ताह भवन को टेक ओवर कर लिया गया है। अगली कार्रवाई सरकार सहित आला अधिकारियों के स्तर से होनी है। जैसे ही आदेश आएंगे, उसी अनुसार इस भवन में कक्षाएं शुरू करवा दी जाएंगी।
पीके सोनी, प्रिंसिपल, पॉलीटेक्निक कॉलेज अंबाला
विज्ञापन
स्थिति यह है कि इस कॉलेज के लिए भवन कैथल के गांव शेरगढ़ की जमीन में बनकर तैयार है। लेकिन कक्षाएं 28 किलोमीटर दूर गुहला-चीका में लग रही हैं। वहीं कॉलेज के प्रबंधन का जिम्मा 70 किलोमीटर दूर स्थित अंबाला के पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्रिंसिपल के पास है।
विज्ञापन
8 करोड़ की लागत से बना है भवन
गांव शेरगढ़ की जमीन में 8 करोड़ रुपये की लागत से दो साल पहले भवन बनकर तैयार हो चुका है। लेकिन इस भवन में कक्षाएं न लगने के कारण अब यह भी जर्जर हो चला है। भवन की हालत बिगड़ने लगी है। खाली भवन का विभाग द्वारा बिल भरा जा रहा है। जिस कारण सरकार को अब तक लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है। कॉलेज में पढ़ रहे विद्यार्थियों प्रभजोत सिंह, सिमरन, संतोष, सुनील, हेमंत, शुभम सहित अन्य बच्चों की परेशानी की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। बच्चों ने कहा कि जब यहां भवन बनकर तैयार हो चुका है तो इसे शुरू क्यों नहीं किया जा रहा।
विज्ञापन
यहां कक्षाएं नहीं लगानी थीं तो इस भवन पर करोड़ों रुपया क्यों खर्च किया गया। उन्हें हर रोज सर्दी, गर्मी, धूप, छांव में गुहला-चीका जाना पड़ता है। जहां बसों की भारी समस्या है। आने-जाने में पूरा दिन खराब होता है। सरकार से मांग है कि शीघ्र इस भवन में कक्षाएं लगवाई जाएं।
कैथल कॉलेज के 600 बच्चे कक्षाएं लगाने के लिए गुहला-चीका कॉलेज में आते हैं। करीब 8 माह पहले से इसका चार्ज मेरे पास नहीं हैं। अब इस कॉलेज की जिम्मेदारी अंबाला पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्रिंसिपल के पास है।
हरीश शर्मा, प्रिंसिपल, पॉलीटेक्निक कॉलेज गुहला-चीका
पिछले सप्ताह भवन को टेक ओवर कर लिया गया है। अगली कार्रवाई सरकार सहित आला अधिकारियों के स्तर से होनी है। जैसे ही आदेश आएंगे, उसी अनुसार इस भवन में कक्षाएं शुरू करवा दी जाएंगी।
पीके सोनी, प्रिंसिपल, पॉलीटेक्निक कॉलेज अंबाला