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शुगर मिल में आने वाले गन्ने की होगी ऑनलाइन तुलाई
ब्यूरो कैथल
Updated Mon, 05 Dec 2016 12:17 AM IST
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जानकारी देते किसान
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अब शुगर मिल में किसानों को गन्ने की तुलाई के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। क्योंकि जल्द ही शुगर मिल में मानव रहित तोल पद्धति की शुरुआत की जाएगी। जिससे किसानों को काफी राहत मिलेगी। मानवरहित तोल पद्धति के साथ शुगर मिल में किसानों को दी जाने वाली पर्ची की सूचना किसान के मोबाइल पर एक मैसेज के माध्यम से जाएगी। इस प्रक्रिया के माध्यम से पारदर्शिता आएगी। इससे भ्रष्टाचार और लापरवाही पर रोक लगेगी। शुगर मिल की प्रबंधन समिति ने लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली है। इस पद्धति के तहत शुगर मिल में लगे धर्म कांटे पर ट्रैफिक लाइट लगवा दी गई। साथ ही सीसीटीवी कैमरों को लगाने का कार्य भी जोरों पर है।
प्लास्टिक कार्ड किसानों के लिए होगा कारगर साबित
शुगर मिल के केन मैनेजर रामदिया श्योकंद ने बताया कि मानव रहित तोल की पद्धति को लेकर एक कंप्यूटर रूम बनाया जाएगा जिसे सीधा मेन गेट के सर्वर से जोड़ा जाएगा। इस पद्धति के तहत गन्ना बेचने वाले किसानों को मेन गेट पर यह कार्ड दिया जाएगा। जो धर्म कांटे पर आते ही प्लास्टिक कार्ड पर किसान का नाम गन्ने की किस्म के साथ ही अन्य जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही शुगर मिल में वाईफाई के टावर लगाए जाएंगे, जो सीसीटीवी की सहायता करेंगे। उन्होंने बताया कि यह पद्धति जिला सोनीपत, शाहबाद और करनाल की शुगर मिल में है। इसके बाद मानवरहित मशीन पर कार्ड लगाने के बाद उसके गन्ने का तोल आ जाएगा। इससे किसानों को भरपूर लाभ तो होगा ही इसके साथ उनके समय की भी बचत होगी।
किसानों को होगा फायदा
गन्ना बेचने आए किसान पाला राम व फतेहपुर पुंडरी से आए इंद्र वालिया ने बताया कि मानवरहित तोल की पद्धति से किसानों को भरपूर लाभ मिलेगा। ऐसे में अधिक गन्ने की आवक के कारण किसानों को पूरा दिन इंतजार करना पड़ता है। इस पद्धति के शुरू होने समय की काफी बचत होगी। दूसरा किसान को उसकी गन्ने की फसल की पूरी जानकारी मोबाइल पर होगी तो और भी अधिक फायदा होगा।
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प्लास्टिक कार्ड किसानों के लिए होगा कारगर साबित
शुगर मिल के केन मैनेजर रामदिया श्योकंद ने बताया कि मानव रहित तोल की पद्धति को लेकर एक कंप्यूटर रूम बनाया जाएगा जिसे सीधा मेन गेट के सर्वर से जोड़ा जाएगा। इस पद्धति के तहत गन्ना बेचने वाले किसानों को मेन गेट पर यह कार्ड दिया जाएगा। जो धर्म कांटे पर आते ही प्लास्टिक कार्ड पर किसान का नाम गन्ने की किस्म के साथ ही अन्य जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही शुगर मिल में वाईफाई के टावर लगाए जाएंगे, जो सीसीटीवी की सहायता करेंगे। उन्होंने बताया कि यह पद्धति जिला सोनीपत, शाहबाद और करनाल की शुगर मिल में है। इसके बाद मानवरहित मशीन पर कार्ड लगाने के बाद उसके गन्ने का तोल आ जाएगा। इससे किसानों को भरपूर लाभ तो होगा ही इसके साथ उनके समय की भी बचत होगी।
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किसानों को होगा फायदा
गन्ना बेचने आए किसान पाला राम व फतेहपुर पुंडरी से आए इंद्र वालिया ने बताया कि मानवरहित तोल की पद्धति से किसानों को भरपूर लाभ मिलेगा। ऐसे में अधिक गन्ने की आवक के कारण किसानों को पूरा दिन इंतजार करना पड़ता है। इस पद्धति के शुरू होने समय की काफी बचत होगी। दूसरा किसान को उसकी गन्ने की फसल की पूरी जानकारी मोबाइल पर होगी तो और भी अधिक फायदा होगा।
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