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Kaithal News: प्रैक्टिकल से हुनर सीख रहे छात्र
Wed, 19 Nov 2025 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 19 Nov 2025 12:08 AM IST
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कपिल तंवर
कैथल। शिक्षा के साथ कौशल विकास को जोड़ने की दिशा में जिला काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है। नेशनल स्किल क्वालिटी फ्रेमवर्क योजना के तहत अब जिले के 91 स्कूलों में 14 वोकेशनल कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। इन कोर्सों के जरिए छात्र न केवल विषय संबंधी ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं, बल्कि फील्ड ट्रेनिंग और प्रैक्टिकल के माध्यम से रोजगार के अवसर भी हासिल कर रहे हैं।
पिछले वर्ष जिले के 193 युवाओं को इन कोर्सों की बदौलत रोजगार मिला था। इस बार भी 26 नवंबर को रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें केवल वोकेशनल कोर्स पूरा कर चुके छात्र-छात्राएं हिस्सा ले सकेंगे।
स्कूलों में इन कोर्सों की शुरुआत का उद्देश्य छात्रों को 12वीं के बाद अलग से प्रोफेशनल कोर्स में समय और खर्च करने से बचाना है। जिला शिक्षा विभाग के अनुसार 9वीं और 10वीं में ये कोर्स ऐच्छिक हैं, जबकि 11वीं और 12वीं में कम से कम एक वोकेशनल कोर्स करना अनिवार्य है। प्रत्येक स्कूल में दो वोकेशनल कोर्स उपलब्ध हैं, जबकि दो स्कूल ऐसे हैं जिनमें तीन-तीन कोर्स की सुविधा दी गई है। छात्रों को कोर्स के दौरान गेस्ट लेक्चर, फील्ड विजिट, ऑन-जॉब ट्रेनिंग और इंटर्नशिप भी करवाई जा रही है। स्कूलों में इन कोर्सों के लिए विशेष लैबें स्थापित की गई हैं, ताकि छात्र प्रैक्टिकल तरीके से नया कौशल सीखकर सीधे रोजगार से जुड़ सकें। संवाद
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वोकेशनल कोर्स
g एग्रीक्लचर
g फैशल डिजाइन
g ब्यूटी वेलनेश
g हेल्थ केयर
g ऑटोमोबाइल
g सिक्योरिटी
g फिजिकल एजुकेशन
g रिटेल
g आईटी
g मल्टीमीडिया
g पावर
g प्लंबिंग
g बैंकिंग
g ट्रेवल एंड टूरिज्म
वोकेशनल कोर्स के जरिए छात्रों को न केवल रोजगार मिल रहा है, बल्कि उनमें कौशल विकास भी बढ़ रहा है। बहुत से छात्र ये कोर्स करने के बाद खुद का काम भी शुरु कर रहे हैं जिसके बाद वह आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार को चला रहे हैं।
-विशाल शर्मा, जिला कोऑर्डिनेटर, एनएसक्यूएफ
वोकेशनल कोर्स छात्र-छात्राओं के हुनर निखारने का काम कर रहे हैं। वोकेशनल कोर्स में छात्रों को केवल थ्योरी नहीं पढ़ाई जाएगी बल्कि बकायदा फील्ड ट्रेनिंग भी दी जाती है। वहीं स्कूलों में इसको लेकर लैबें भी बनाई गई हैं। जिनके जरिए छात्र कौशल प्राप्त कर कामयाब हो रहे हैं।
-मनोज पवार, एपीसी
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कैथल। शिक्षा के साथ कौशल विकास को जोड़ने की दिशा में जिला काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है। नेशनल स्किल क्वालिटी फ्रेमवर्क योजना के तहत अब जिले के 91 स्कूलों में 14 वोकेशनल कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। इन कोर्सों के जरिए छात्र न केवल विषय संबंधी ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं, बल्कि फील्ड ट्रेनिंग और प्रैक्टिकल के माध्यम से रोजगार के अवसर भी हासिल कर रहे हैं।
पिछले वर्ष जिले के 193 युवाओं को इन कोर्सों की बदौलत रोजगार मिला था। इस बार भी 26 नवंबर को रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें केवल वोकेशनल कोर्स पूरा कर चुके छात्र-छात्राएं हिस्सा ले सकेंगे।
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स्कूलों में इन कोर्सों की शुरुआत का उद्देश्य छात्रों को 12वीं के बाद अलग से प्रोफेशनल कोर्स में समय और खर्च करने से बचाना है। जिला शिक्षा विभाग के अनुसार 9वीं और 10वीं में ये कोर्स ऐच्छिक हैं, जबकि 11वीं और 12वीं में कम से कम एक वोकेशनल कोर्स करना अनिवार्य है। प्रत्येक स्कूल में दो वोकेशनल कोर्स उपलब्ध हैं, जबकि दो स्कूल ऐसे हैं जिनमें तीन-तीन कोर्स की सुविधा दी गई है। छात्रों को कोर्स के दौरान गेस्ट लेक्चर, फील्ड विजिट, ऑन-जॉब ट्रेनिंग और इंटर्नशिप भी करवाई जा रही है। स्कूलों में इन कोर्सों के लिए विशेष लैबें स्थापित की गई हैं, ताकि छात्र प्रैक्टिकल तरीके से नया कौशल सीखकर सीधे रोजगार से जुड़ सकें। संवाद
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g फैशल डिजाइन
g ब्यूटी वेलनेश
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g रिटेल
g आईटी
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g प्लंबिंग
g बैंकिंग
g ट्रेवल एंड टूरिज्म
वोकेशनल कोर्स के जरिए छात्रों को न केवल रोजगार मिल रहा है, बल्कि उनमें कौशल विकास भी बढ़ रहा है। बहुत से छात्र ये कोर्स करने के बाद खुद का काम भी शुरु कर रहे हैं जिसके बाद वह आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार को चला रहे हैं।
-विशाल शर्मा, जिला कोऑर्डिनेटर, एनएसक्यूएफ
वोकेशनल कोर्स छात्र-छात्राओं के हुनर निखारने का काम कर रहे हैं। वोकेशनल कोर्स में छात्रों को केवल थ्योरी नहीं पढ़ाई जाएगी बल्कि बकायदा फील्ड ट्रेनिंग भी दी जाती है। वहीं स्कूलों में इसको लेकर लैबें भी बनाई गई हैं। जिनके जरिए छात्र कौशल प्राप्त कर कामयाब हो रहे हैं।
-मनोज पवार, एपीसी