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शिक्षण संस्थान खोलने की मांग को लेकर छात्र छात्राओं ने किया प्रदर्शन
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Students demonstrated for the demand to open educational institutions
- फोटो : Kaithal
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कैथल। शिक्षण संस्थान खोलने की मांग को लेकर महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के सैकड़ों विद्यार्थी संयुक्त छात्र मोर्चा के बैनर तले पिहोवा चौक पर एकत्रित हुए। उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विद्यार्थियों ने स्कूल, कॉलेज व कोचिंग सेंटर बंद रखने के सरकार के निर्णय का विरोध किया। उन्होंने शिक्षण संस्थान खोलने की मांग की।
छात्रों ने पिहोवा चौक से पैदल मार्च करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। जहां विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार सुदेश मेहरा को ज्ञापन सौंपा।
संयुक्त छात्र मोर्चा के सदस्य गुरमेल ढाबी, सोहन पूनिया, मंजीत करोड़ा, रिंकू सैनी सुखबीर उझाना ने बताया कि दो साल महामारी को हो गए है, लेकिन सरकार लॉकडाउन में किसी भी प्रकार का समाधान नहीं ढूंढ पाई। जब भी कोरोना की लहर आती है तो शिक्षण संस्थानों को बंद किया जाता है, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसके चलते छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना नियमों के तहत चुनाव करवाए जा रहे हैं, लेकिन शिक्षण संस्थानों को नहीं खोला जा रहा है। विद्यार्थियों की सरकार से मांग है कि जल्द ही शिक्षण संस्थान खोले जाएं। छात्रा सुनिधि, सुमन व पूर्णा ने कहा कि सरकार हर बार कोरोना में शिक्षण संस्थाओं को ही बंद करती है। जिससे विद्यार्थियों का भविष्य खराब हो रहा है। जो छात्र सरकारी नौकरी के लिए पेपर की तैयारी करते हैं, उनका काफी नुकसान हो रहा है।
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छात्रों ने पिहोवा चौक से पैदल मार्च करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। जहां विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार सुदेश मेहरा को ज्ञापन सौंपा।
संयुक्त छात्र मोर्चा के सदस्य गुरमेल ढाबी, सोहन पूनिया, मंजीत करोड़ा, रिंकू सैनी सुखबीर उझाना ने बताया कि दो साल महामारी को हो गए है, लेकिन सरकार लॉकडाउन में किसी भी प्रकार का समाधान नहीं ढूंढ पाई। जब भी कोरोना की लहर आती है तो शिक्षण संस्थानों को बंद किया जाता है, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसके चलते छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना नियमों के तहत चुनाव करवाए जा रहे हैं, लेकिन शिक्षण संस्थानों को नहीं खोला जा रहा है। विद्यार्थियों की सरकार से मांग है कि जल्द ही शिक्षण संस्थान खोले जाएं। छात्रा सुनिधि, सुमन व पूर्णा ने कहा कि सरकार हर बार कोरोना में शिक्षण संस्थाओं को ही बंद करती है। जिससे विद्यार्थियों का भविष्य खराब हो रहा है। जो छात्र सरकारी नौकरी के लिए पेपर की तैयारी करते हैं, उनका काफी नुकसान हो रहा है।
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