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Kaithal News: कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ 9 को हड़ताल
Sat, 05 Jul 2025 12:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 05 Jul 2025 12:31 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी फेडरेशन और राष्ट्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर केंद्र और राज्य सरकारों की कर्मचारी व जनता विरोधी नीतियों के खिलाफ 9 जुलाई को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जाएगी। इसमें सभी विभागों के कर्मचारी बढ़-चढ़कर भाग लेंगे।
यह जानकारी सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रेस प्रवक्ता सुरेश, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के वरिष्ठ नेता जयप्रकाश शास्त्री, सीटू नेता सत्यवान और एमपीएचई एशो की जिलाध्यक्ष देवरानी ने दी। वे उपमंडल नागरिक अस्पताल में नरेंद्र बुरा की अध्यक्षता में आयोजित गेट मीटिंग में स्वास्थ्य कर्मचारियों को संबोधित कर रहे थे।
नेताओं ने कहा कि भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार लगातार कर्मचारियों, परियोजना कर्मियों, मजदूरों और आम मेहनतकश जनता की उपेक्षा कर रही है और अपने वायदों से मुकर रही है। यह लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने बताया कि संगठन की ओर से कई बार सरकार को मांगपत्र भेजकर बातचीत से समाधान की अपील
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की गई, लेकिन सरकार बातचीत से बच रही है। इसी कारण कर्मचारियों, मजदूरों और परियोजना कर्मियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
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कलायत। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी फेडरेशन और राष्ट्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर केंद्र और राज्य सरकारों की कर्मचारी व जनता विरोधी नीतियों के खिलाफ 9 जुलाई को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जाएगी। इसमें सभी विभागों के कर्मचारी बढ़-चढ़कर भाग लेंगे।
यह जानकारी सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रेस प्रवक्ता सुरेश, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के वरिष्ठ नेता जयप्रकाश शास्त्री, सीटू नेता सत्यवान और एमपीएचई एशो की जिलाध्यक्ष देवरानी ने दी। वे उपमंडल नागरिक अस्पताल में नरेंद्र बुरा की अध्यक्षता में आयोजित गेट मीटिंग में स्वास्थ्य कर्मचारियों को संबोधित कर रहे थे।
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नेताओं ने कहा कि भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार लगातार कर्मचारियों, परियोजना कर्मियों, मजदूरों और आम मेहनतकश जनता की उपेक्षा कर रही है और अपने वायदों से मुकर रही है। यह लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने बताया कि संगठन की ओर से कई बार सरकार को मांगपत्र भेजकर बातचीत से समाधान की अपील
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की गई, लेकिन सरकार बातचीत से बच रही है। इसी कारण कर्मचारियों, मजदूरों और परियोजना कर्मियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।