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Kaithal News: पराली प्रबंधन पर सख्ती, घटनाओं पर रोक के निर्देश
Tue, 15 Oct 2024 03:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 15 Oct 2024 03:16 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। लघु सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में डीसी ने पराली प्रबंधन के संदर्भ में संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण को रोकना हम सबकी साझी जिम्मेदारी है। सभी संबंधित अधिकारी गंभीरता से अपनी ड्यूटी निभाएं और पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाएं। इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाए।
उन्होंने कहा कि किसान पराली में आग न लगाएं, बल्कि इसका सही तरीके से प्रबंधन करके आय का साधन बनाएं। पराली जलाने से न केवल पर्यावरण प्रदूषित होता है। वहीं, जमीन की उर्वरा शक्ति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। पराली प्रबंधन के लिए सरकार ने किसानों के लिए अनेकों योजनाएं लागू की गई है, जो किसान पराली प्रबंधन करता है, उसको सरकार की ओर से एक हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
डीसी ने कहा कि जिला में गठित कमेटियां निरंतर क्षेत्र में रहकर आग लगाने की घटनाओं पर अंकुश लगाएं, वहीं किसानों को निरंतर जागरूक भी करते रहे। कई किसानों ने पराली प्रबंधन करके धनराशि अर्जित करके अपना नाम कमाया है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में नॉन बासमती की फसल लगी है, वहां पर विशेष निगरानी रखी जाए। क्योंकि, उन्हीं क्षेत्रों में पराली में आग लगाने की घटना का अंदेशा बना रहता है।
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उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लगातार फ्लैग मार्च करते रहें और लोगों को पराली के प्रबंधन के बारे में जागरूक करें। बताया कि कृषि एवं कल्याण विभाग ने एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है, जहां कोई भी व्यक्ति सुबह छह से शाम सात बजे तक सूचना दे सकता है। कंट्रोल रूम के दो नंबर जारी किए गए हैं 70156-27885 और 70155-64644 पर कॉल करें। इस मौके पर एडीसी दीपक बाबू लाल करवा, सहायक आयुक्त प्रशिक्षणाधीन अंकिता पुवार, एसडीएम अजय सिंह, सत्यवान सिंह मान, कृष्ण कुमार, आरटीए गिरिश कुमार, डीडीए बाबू लाल आदि मौजूद रहे।
किसानों को पुलिस भी कर रही जागरूक
कैथल। पराली के अवशेष ना जलाने के बारे में किसानों को पुलिस भी लगातार जागरूक कर रही है। कार्यक्रम के तहत एसपी राजेश कालिया ने सभी डीएसपी व थाना प्रबंधकों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले गांवों में जागरूक करने के आदेश जारी किए हैं।
एसपी राजेश कालिया ने कहा कि किसान धान की फसल के अवशेषों को आग न लगाएं, बल्कि कस्टम हायरिंग सेंटरों व फसल अवशेष प्रबंधन कृषि यंत्रों की मदद से इन्हें मिट्टी में मिलाएं तथा इन फसल अवशेषों का बेहतर प्रबंधन करें, ताकि पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाया जा सके और भूमि की उपजाऊ शक्ति भी बनी रहे। एसपी राजेश कालिया ने किसानों से अपील की है कि पराली न जलाएं। इसकी निगरानी जारी है तथा फसल अवशेष जलाने का दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। संवाद
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कैथल। लघु सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में डीसी ने पराली प्रबंधन के संदर्भ में संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण को रोकना हम सबकी साझी जिम्मेदारी है। सभी संबंधित अधिकारी गंभीरता से अपनी ड्यूटी निभाएं और पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाएं। इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाए।
उन्होंने कहा कि किसान पराली में आग न लगाएं, बल्कि इसका सही तरीके से प्रबंधन करके आय का साधन बनाएं। पराली जलाने से न केवल पर्यावरण प्रदूषित होता है। वहीं, जमीन की उर्वरा शक्ति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। पराली प्रबंधन के लिए सरकार ने किसानों के लिए अनेकों योजनाएं लागू की गई है, जो किसान पराली प्रबंधन करता है, उसको सरकार की ओर से एक हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
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डीसी ने कहा कि जिला में गठित कमेटियां निरंतर क्षेत्र में रहकर आग लगाने की घटनाओं पर अंकुश लगाएं, वहीं किसानों को निरंतर जागरूक भी करते रहे। कई किसानों ने पराली प्रबंधन करके धनराशि अर्जित करके अपना नाम कमाया है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में नॉन बासमती की फसल लगी है, वहां पर विशेष निगरानी रखी जाए। क्योंकि, उन्हीं क्षेत्रों में पराली में आग लगाने की घटना का अंदेशा बना रहता है।
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उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लगातार फ्लैग मार्च करते रहें और लोगों को पराली के प्रबंधन के बारे में जागरूक करें। बताया कि कृषि एवं कल्याण विभाग ने एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है, जहां कोई भी व्यक्ति सुबह छह से शाम सात बजे तक सूचना दे सकता है। कंट्रोल रूम के दो नंबर जारी किए गए हैं 70156-27885 और 70155-64644 पर कॉल करें। इस मौके पर एडीसी दीपक बाबू लाल करवा, सहायक आयुक्त प्रशिक्षणाधीन अंकिता पुवार, एसडीएम अजय सिंह, सत्यवान सिंह मान, कृष्ण कुमार, आरटीए गिरिश कुमार, डीडीए बाबू लाल आदि मौजूद रहे।
किसानों को पुलिस भी कर रही जागरूक
कैथल। पराली के अवशेष ना जलाने के बारे में किसानों को पुलिस भी लगातार जागरूक कर रही है। कार्यक्रम के तहत एसपी राजेश कालिया ने सभी डीएसपी व थाना प्रबंधकों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले गांवों में जागरूक करने के आदेश जारी किए हैं।
एसपी राजेश कालिया ने कहा कि किसान धान की फसल के अवशेषों को आग न लगाएं, बल्कि कस्टम हायरिंग सेंटरों व फसल अवशेष प्रबंधन कृषि यंत्रों की मदद से इन्हें मिट्टी में मिलाएं तथा इन फसल अवशेषों का बेहतर प्रबंधन करें, ताकि पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाया जा सके और भूमि की उपजाऊ शक्ति भी बनी रहे। एसपी राजेश कालिया ने किसानों से अपील की है कि पराली न जलाएं। इसकी निगरानी जारी है तथा फसल अवशेष जलाने का दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। संवाद