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Kaithal: 26/11 हमले के कमांडो सुनील जोधा आज भी सीने में लिए है गोली, दास्तां सुन भावुक हो गए सुनने वाले
Fri, 01 Dec 2023 07:04 PM IST
भूपेंद्र सिंह
कुलदीप प्रजापति, संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल (हरियाणा)
कुलदीप प्रजापति, संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Fri, 01 Dec 2023 07:04 PM IST
सार
कमांडो सुनील के सीने में आज भी 26/11 हमले की गोली है। कैथल में जय हिंद मंच की विचार गोष्ठी में ताज होटल पर हुई आतंकी हमले की दास्तां सुनाई तो सुनने वाले भावुक हो गए।
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मंच पर मौजूद सदस्य।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
हरियाणा के कैथल में कमांडो सुनील जोधा के सीने में आज भी मौजूद है मुंबई में हुए 26/11 हमले की गोली। ताज होटल पर हुई आतंकी हमले की जब उन्होंने दास्तां सुनाई तो इसे सुनने वाले लोग भावुक हो गए। मौका था जय हिंद मंच की ओर से हनुमान वाटिका में आयोजित विचार गोष्ठी कार्यक्रम का। इसमें कमांडो सुनील ने यह वाकया सुनाया।
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गौरतलब है कि इस आतंकी हमले के सर्च ऑपरेशन में शामिल होने वाले राजस्थान के अलवर निवासी कमांडो सुनील जोधा ने ताज होटल में फंसे करीब 40 लोगों को बाहर निकालने में योगदान दिया था। इस दौरान उनके सीने में सात गोलियां लगी थी, जिसमें से एक गोली आज तक नहीं निकली जा सकी है। जोधा ने बताया कि 26/11 को मुंबई में हमला हुआ और अगले दिन ही उन्होंने मेजर उन्नी कृष्णन के नेतृत्व में कमांडो ऑपरेशन में हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि हमले के समय वह दिल्ली कैंट में बतौर एनएसजी कमांडो ड्यूटी पर थे।
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उन्हें मुंबई हमले की सूचना दी गई और कहा गया कि आतंकियों को ढूंढने और वहां पर फंसे आम लोगों को निकालने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जाना है। वह टीम के साथ फौरन मुंबई के लिए निकल पड़े। उन्होंने बताया कि 27/11 की सुबह सात बजे कमांडो की टीम ने होटल में प्रवेश किया।
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उसकी छठी मंजिल पर बने 671 नंबर कमरे में वे पहुंचे और दरवाजा खटखटाने पर भी किसी ने दरवाजा नहीं खोला तो उन्हें अंदेशा हुआ कि इसमें आतंकी छिपे हैं। जब उन्होंने दरवाजा तोड़ा तो वहां पर दो आतंकी मौजूद थे। उन्होंने हम पर फायरिंग शुरू कर दी। मुठभेड़ में एक आतंकी ढेर हो गया। इस बीच उनके सीने में सात गोलियां लगने से वह घायल हो गए।
उन्होंने बताया कि गोलियां लगने से वह गिर गए और बिल्कुल मूवमेंट नहीं की। दूसरे आतंकी को लगा कि वे मर गए हैं। इस बीच दूसरा आतंकी नीचे चला गया तो साथी कमांडो ने कवर फायरिंग देते हुए उन्हें अस्पताल पहुंचाया। वहां सात दिन बाद उन्हें होश आया। ऑपरेशन में छह गोलियां तो निकल गई, लेकिन एक गोली अभी भी उनके सीने में फंसी हुई है। कमाडो सुनील ने बताया कि डॉक्टरों का कहना है कि यदि यह गोली निकली तो उनकी जान को खतरा हो सकता है। इसलिए आज भी वह एक गोली को अपने सीने में लिए हुए हैं। उनकी यह दास्तां सुनकर वहां मौजूद लोग भावुक हो गए।