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जाट समाज ने स्थगित किया धरना

Mon, 20 Jun 2016 12:44 AM IST
beauro kaithal
beauro kaithal Updated Mon, 20 Jun 2016 12:44 AM IST
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जाट समाज ने ध्‍ारना स्‍थ्‍ा‌गित ‌किया - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
जाट समाज द्वारा किच्छाना कूई पर आरक्षण सहित अन्य मांगों को लेकर दिया जा रहा धरना रविवार को स्थगित कर दिया गया। धरने को आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक के आह्वान पर स्थगित किया गया। वे रविवार सांय धरनास्थल पर पहुंचे थे।
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इससे पूर्व धरने के 15वें दिन सुबह से ही धरना स्थल पर महिलाओं व जाट समाज के लोगों का जमावड़ा लगना शुुरू हो गया था, बीते शनिवार से ही यशपाल मलिक के धरने पर पहुंचने की संभावना को लेकर जाट समाज के लोगों में उत्सुकता बनी हुई थी। रविवार को मलिक, कार्यकारिणी सदस्य निशा चौधरी दिल्ली, बी एस अह्लावत दिल्ली, सतबीर खत्री दिल्ली, प्रदीप खत्री दिल्ली सहित धरना स्थल पर पहुंचे। धरने के संयोजक बलवान कोटड़ा, भरत सिंह बैनीवाल, प्रवीण किच्छाना, रोड़ समाज के प्रदेशाध्यक्ष छज्जू राम जांबा ने राष्ट्रीय अध्यक्ष व साथ आए कार्यकारिणी सदस्यों का जोरदार स्वागत किया। हजारों की संख्या में मौजूद जाट समाज के लोगों व महिलाओं ने भी तालियों की गड़गड़ाहट से राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत किया।
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धरना स्थल पर मौजूद भारी जन समूह को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने गत दिवस दिल्ली में सरकार के साथ हुई बातचीत के तहत धरने को स्थगित करने का आह्वान किया। मलिक ने बताया कि सरकार को जाट समाज द्वारा आरक्षण व अन्य मांगों को लेकर 31 अगस्त तक का समय दिया गया है। ताकि सरकार किसी भी प्रकार से अपनी कानूनी अड़चनों के साथ-साथ सभी मांगों पर विचार विमर्श कर सके।
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उन्होंने बताया कि फरवरी माह में हुए आंदोलन के दौरान मरने वाले लोगों के परिजनों को मुआवजा व सरकारी नौकरी देने की मांग को जल्द ही पूरा करेगी। जाट समाज के नेताओं पर दर्ज देशद्रोह के मुकद्दमे तुरंत वापस होंगे। जाट समाज के जिन युवाओं पर फरवरी के आंदोलन को लेकर झूठे मुकद्दमे दर्ज किए गए हैं उनकी फिर से जांच करवाई जाएगी। यदि सरकार ने 31 अगस्त तक जाट समाज के मांगों की अनदेखी की तो फिर से आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 13 सितंबर को हिसार के मय्यड़ गांव में शहीद सुनील श्योराण की बरसी पर जाट समाज द्वारा एक विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को संघर्ष के आगे झुकना पड़ा है। जाट जब जून की गर्मी में धरना दे सकते हैं तो सितंबर में तो मौसम भी ठीक रहेगा।


मलिक ने शाम 5 बजे धरना उठाने का आह्वान किया। जिसका जाट समाज ने तालियां बजाकर समर्थन दिया। धरने के संयोजक बलवान सिंह कोटड़ा ने कहा कि राष्ट्रीय समिति के आह्वान पर धरना स्थगित किया गया है। धरने में भाग लेने के लिए समाज के लोगों के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें सफलता नहीं मिल जाती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। धरने में शीशराम बालू, जिला पार्षद अंजू जागलान, संजय जागलान, दलीप, गजे सिंह, बलबीर, वजीर किठाना, कपूर सिंह, ईश्वर सरपंच गुलियाणा, जिले सिंह, रामपाल, रामफल, राजाराम कसान, मनोज मलिक, मा. रामकिशन ढाडा, मा. रामकला बालू सहित जाट समाज के लोग मौजूद थे।
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