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स्टेट विजिलेंस टीम ने जिले की 22 ड्रेनों का किया निरीक्षण
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कैथल। सिंचाई विभाग द्वारा वर्ष 2021-22 में बारिश के मौसम से पहले करवाई गई ड्रेनों की सफाई के मामले में हरियाणा स्टेट विजिलेंस की टीम ने पूरा रिकॉर्ड लेकर गंभीरता से छानबीन शुरू कर दी है। विजिलेंस की तकनीकी शाखा ने जिले की सभी ड्रेनों का दौरा करके रिकॉर्ड में दिखाए गए सफाई कार्य और मौके पर ड्रेनों की स्थिति का निरीक्षण किया है। तकनीकी शाखा द्वारा अब सफाई के काम की पूरी रिपोर्ट एवं इस पर आई संभावित लागत की रिपोर्ट बनाकर जांच टीम को दी जानी है। इसके बाद आगे की कार्रवाई संभव है।
मई-जून में जिलेभर की दो दर्जन ड्रेनों की लगभग दो करोड़ रुपये से अधिक की राशि से सफाई करवाने के कार्य पर सवाल उठे थे। अमर उजाला ने भी इस मामले में समाचार प्रकाशित किए थे। इसके बाद किसी व्यक्ति द्वारा इस मामले की शिकायत सिंचाई विभाग व स्टेट विजिलेंस को कर दी। सिंचाई विभाग की विजिलेंस टीम ने जांच कर रिपोर्ट को बंद भी कर दिया था। विभाग की कार्रवाई को आज तक सार्वजनिक नहीं किया गया। इसी बीच उसी शिकायत पर स्टेट विजिलेंस टीम ने भी जांच शुरू कर दी थी।
पिछले सप्ताह इस मामले की जांच के लिए स्टेट विजिलेंस मुख्यालय की तकनीकी शाखा में एसई दीपक गोयल की अगुवाई में पूरी टीम ने जिले की सभी ड्रेनों का दौरा किया। इन ड्रेनों में पूंडरी लिंक ड्रेेन, कसान लिंक ड्रेन, तितरम लिंक डे्रन, अमीन ड्रेन, कैथल ड्रेन, कैथल-पाड़ला रोड, मानस लिंक ड्रेन, पाबसर लिंक ड्रेन, पुरानी घग्गर लिंक ड्रेन, चीका ड्रेन, पूंडरी डे्रन, कलायत ड्रेन, लांबा खेड़ी ड्रेन, कुराड़ लिंक ड्रेन, कोयल ड्रेन, कपिलमुनि लिंक ड्रेन, डंडौता ड्रेन सहित करीब 22 ड्रेनों का दौरा किया।
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अधीक्षक अभियंता की अगुवाई में विजिलेंस की टीम ने सिंचाई विभाग द्वारा बनाई गई सफाई की रिपोर्ट, वीडियो व फोटो सहित अन्य रिकॉर्ड कब्जे में लिया है। टीम ने इस बात की जांच की है कि विभाग ने किस जगह पर सफाई के लिए कितना फंड खर्च किया हुआ बताया है। मौके पर इसके खर्च किए जाने की कितनी संभावनाएं हैं। विजिलेंस को भेजी गई शिकायत में दो करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च करने की बात कही गई है।
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मई-जून में जिलेभर की दो दर्जन ड्रेनों की लगभग दो करोड़ रुपये से अधिक की राशि से सफाई करवाने के कार्य पर सवाल उठे थे। अमर उजाला ने भी इस मामले में समाचार प्रकाशित किए थे। इसके बाद किसी व्यक्ति द्वारा इस मामले की शिकायत सिंचाई विभाग व स्टेट विजिलेंस को कर दी। सिंचाई विभाग की विजिलेंस टीम ने जांच कर रिपोर्ट को बंद भी कर दिया था। विभाग की कार्रवाई को आज तक सार्वजनिक नहीं किया गया। इसी बीच उसी शिकायत पर स्टेट विजिलेंस टीम ने भी जांच शुरू कर दी थी।
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पिछले सप्ताह इस मामले की जांच के लिए स्टेट विजिलेंस मुख्यालय की तकनीकी शाखा में एसई दीपक गोयल की अगुवाई में पूरी टीम ने जिले की सभी ड्रेनों का दौरा किया। इन ड्रेनों में पूंडरी लिंक ड्रेेन, कसान लिंक ड्रेन, तितरम लिंक डे्रन, अमीन ड्रेन, कैथल ड्रेन, कैथल-पाड़ला रोड, मानस लिंक ड्रेन, पाबसर लिंक ड्रेन, पुरानी घग्गर लिंक ड्रेन, चीका ड्रेन, पूंडरी डे्रन, कलायत ड्रेन, लांबा खेड़ी ड्रेन, कुराड़ लिंक ड्रेन, कोयल ड्रेन, कपिलमुनि लिंक ड्रेन, डंडौता ड्रेन सहित करीब 22 ड्रेनों का दौरा किया।
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अधीक्षक अभियंता की अगुवाई में विजिलेंस की टीम ने सिंचाई विभाग द्वारा बनाई गई सफाई की रिपोर्ट, वीडियो व फोटो सहित अन्य रिकॉर्ड कब्जे में लिया है। टीम ने इस बात की जांच की है कि विभाग ने किस जगह पर सफाई के लिए कितना फंड खर्च किया हुआ बताया है। मौके पर इसके खर्च किए जाने की कितनी संभावनाएं हैं। विजिलेंस को भेजी गई शिकायत में दो करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च करने की बात कही गई है।