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Kaithal News: छात्रवृत्ति नहीं मिलने पर घेराव कर की नारेबाजी
Sat, 26 Aug 2023 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 26 Aug 2023 01:15 AM IST
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कैथल। अंबाला रोड स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में शुक्रवार को अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रविंद्र बलियाला पहुंचे। छात्रवृत्ति न मिलने पर विभिन्न कॉलेजों की छात्राओं ने यहां पर विरोध स्वरूप घेराव कर नारेबाजी की।
उन्होंने कहा, सर हमारी छात्रवृत्ति नहीं मिल रही। हमारे कॉलेज के प्राचार्य को भी बैठक में बुलाकर हमारी छात्रवृत्ति दिलवाओ। छात्राएं यह बातें चेयरमैन को बोल ही रही थी कि, इतने में चेयरमैन छात्राओं की बात सुने निकल गए।
एसएफआई नेता व छात्रा पूर्णिमा ने कहा कि काफी दिनों से छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिल रही। पहले तो डीएचई ने कुछ विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति डाल दी। कुछ की नहीं डाली। छात्रवृत्ति के बिना कई जगहों पर विद्यार्थी द्वितीय वर्ष में दाखिला लेने से वंचित रह गए। इसके बाद डीएचई ने 40 प्रतिशत छात्रवृत्ति डाल दी 50 बच्चों की। 60 प्रतिशत छात्रवृत्ति भी शेष है। कई विद्यार्थी ऐसे हैं जिनकी छात्रवृत्ति ही नहीं आई। यह सूची विद्यार्थियों ने चेयरमैन को दे दी है, लेकिन चेयरमैन ने आश्वासन तक नहीं दिया।
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इसके साथ ही बीसी वर्ग के विद्यार्थियों की भी छात्रवृत्ति बढ़ाई जाने की मांग की है। पूर्णिमा ने कहा कि इन दिनों अनुसूचित जातियों के विद्यार्थियों को पिछले लंबे समय से छात्रवृत्ति की राशि नहीं मिल रही है। इस कारण वे दर-दर की ठोकरें खा रही हैं। सरकार तो नियम पूरे करने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के नाम पर करोड़ों रुपये की राशि मुहैया कॉलेजों में करवाती है, लेकिन आगे कॉलेज प्रबंधन इन विद्यार्थियों को उनके हक और आर्थिक सहायता के रूप में मिलने वाली छात्रवृत्ति की राशि नहीं देती है। इस कारण कैथल जिले में ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के विद्यार्थियों में रोष है। आयोग के अध्यक्ष रविंद्र बलियाला ने कहा कि इस मामले में जानकारी ली जाएगी। यदि किसी भी प्रकार से कॉलेज प्रबंधन की गलती पाई गई तो उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। विद्यार्थियों को उनकी छात्रवृत्ति से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।
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उन्होंने कहा, सर हमारी छात्रवृत्ति नहीं मिल रही। हमारे कॉलेज के प्राचार्य को भी बैठक में बुलाकर हमारी छात्रवृत्ति दिलवाओ। छात्राएं यह बातें चेयरमैन को बोल ही रही थी कि, इतने में चेयरमैन छात्राओं की बात सुने निकल गए।
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एसएफआई नेता व छात्रा पूर्णिमा ने कहा कि काफी दिनों से छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिल रही। पहले तो डीएचई ने कुछ विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति डाल दी। कुछ की नहीं डाली। छात्रवृत्ति के बिना कई जगहों पर विद्यार्थी द्वितीय वर्ष में दाखिला लेने से वंचित रह गए। इसके बाद डीएचई ने 40 प्रतिशत छात्रवृत्ति डाल दी 50 बच्चों की। 60 प्रतिशत छात्रवृत्ति भी शेष है। कई विद्यार्थी ऐसे हैं जिनकी छात्रवृत्ति ही नहीं आई। यह सूची विद्यार्थियों ने चेयरमैन को दे दी है, लेकिन चेयरमैन ने आश्वासन तक नहीं दिया।
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इसके साथ ही बीसी वर्ग के विद्यार्थियों की भी छात्रवृत्ति बढ़ाई जाने की मांग की है। पूर्णिमा ने कहा कि इन दिनों अनुसूचित जातियों के विद्यार्थियों को पिछले लंबे समय से छात्रवृत्ति की राशि नहीं मिल रही है। इस कारण वे दर-दर की ठोकरें खा रही हैं। सरकार तो नियम पूरे करने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के नाम पर करोड़ों रुपये की राशि मुहैया कॉलेजों में करवाती है, लेकिन आगे कॉलेज प्रबंधन इन विद्यार्थियों को उनके हक और आर्थिक सहायता के रूप में मिलने वाली छात्रवृत्ति की राशि नहीं देती है। इस कारण कैथल जिले में ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के विद्यार्थियों में रोष है। आयोग के अध्यक्ष रविंद्र बलियाला ने कहा कि इस मामले में जानकारी ली जाएगी। यदि किसी भी प्रकार से कॉलेज प्रबंधन की गलती पाई गई तो उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। विद्यार्थियों को उनकी छात्रवृत्ति से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।