{"_id":"3dfa191a9294980d9a2c3968435114a4","slug":"shopkeeper-ran-away-with-millions","type":"story","status":"publish","title_hn":"करोड़ों की चपत लगाकर दुकान संचालक फरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
करोड़ों की चपत लगाकर दुकान संचालक फरार
कैथल
Updated Tue, 18 Mar 2014 11:37 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिनेमा रोड पर आधी कीमत पर सामान देने वाली दुकान के संचालक लोगों को करोड़ों की चपत लगाने के बाद फरार हो गए। गौरतलब है कि यहां से सामान खरीदने वाले लोगों को कीमत जमा करवाने के बारह दिन सामान की डिलीवरी होती थी। इसी वजह से यह दुकान सवालों के घेरे थी और चर्चा केंद्र बनी हुई थी।
बताया जा रहा है कि अब तक करीब पांच करोड़ रुपये चपत लोगों को लग चुकी है। दुकान मालिक के फरार होने के सूचना शहर में आग की तरह फेल गई तथा लोग सिनेमा रोड पर दुकान पर पहुंच गए। इस दौरान लोगों ने दुकान संचालकों और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
जानकारी के अनुसार, पिछले महीने खुद को तमिलनाडु का निवासी बताने वाले कुछ लोगों ने यहां सिनेमा रोड की महा सिंह मार्केट में एवरेस्ट हाउससोल्ड के नाम से एक दुकान शुरू की थी। दुकान संचालकों ने शहर में पर्चा बंटवाकर दावा किया था कि वे लोगों को बर्तन, एलइडी, डबल बेड, कूलर एसी जैसी घरेलू वस्तुओं के साथ साथ महंगे मोबाइल और अन्य सामान बाजार भाव से 45 प्रतिशत कम कीमत पर उपलब्ध करवाएंगे।
विज्ञापन
इसके साथ शर्त यह जोड़ी गई थी कि सामान के पैसे पहले जमा करवाने पड़ेंगे और डिलीवरी 12 दिन बाद मिलेगी। शुरू में दुकान का धंधा मंदा चला, लेकिन एक मार्च से जब बुक सामान की डिलीवरी मिलनी शुरू हुई तो दुकान पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। इसके बाद दुकान पर बुकिंग के लिए लंबी लाइनें लगी रहती थी।
सात दुकाने लीं थी किराये पर, सभी सील
इस संबंध में चीका पुलिस ने बदसुई निवासी सुरेश कुमार की शिकायत पर एवरेस्ट हाउससोेल्ड आर्टिकर्ल्स दुकान के मालिक उदय कुमार सहित कुल पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। थाना प्रभारी ने बताया कि सभी सात दुकानों व मकान को सील कर दिया गया है और कल अदालत के आदेश प्राप्त कर उन्हें पुन: खोला जाएगा।
पुलिस अधिकारी का कहना है कि दुकान संचालकों की मंशा तो साफ दिख रही थी मगर उनके खिलाफ कोई शिकायत न होने के कारण वे चाहकर भी कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहे थे। एसएचओ चीका बलबीर सिंह ने कहा कि ठगों के पास न सिर्फ बिक्री कर विभाग का टिन नंबर था, बल्कि उन्होंने नगर पालिका से भी बाकायदा दुकान चलाने का लायसेंस ले रखा था।
उन्होंने बताया कि वे जिला अधिकारियों के आदेश पर उक्त दुकान की छानबीन करने गए थे, लेकिन दुकान संचालकों ने उनके खिलाफ ही कोर्ट में शिकायत डाल दी, जिसका उन्हें जवाब देना पड़ा। गौरतलब है कि ठगी करने वालों ने यहां सात आठ दुकानें किराए पर ले रखी थीं। लोगों ने यह सवाल भी उठाया है कि दुकान मालिकों ने दुकानें किराए पर देने से पहले उनकी वेरिफिकेशन क्यों नहीं करवाई?
दुकान पर पुलिस ने दी थी दबिश
स्थानीय पुलिस ने दुकान पर कुछ दिन पहले दबिश भी दी थी। इसके अलावा पुलिस ने दुकान संचालक की वेरिफिकेशन के लिए तमिलनाडु पुलिस को ई-मेल भी की थी, जिसका अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। उधर, सिनेमा रोड पर लोगों का भारी हुजूम जमा होने की खबर पाकर वहां पहुंचे थाना प्रभारी बलबीर सिंह ने कहा कि पुलिस के पास दुकान संचालकों की आईडी व उंगलियों के निशान तक सब मौजूद हैं इसलिए उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस पूरा जोर लगा देगी। थाना प्रभारी ने बताया कि एक बैंक में ठगों के नाम से एक खाता भी है। खाते में दिए नाम पते के आधार पर कोई न कोई सुराग जरूर मिलेगा।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि अब तक करीब पांच करोड़ रुपये चपत लोगों को लग चुकी है। दुकान मालिक के फरार होने के सूचना शहर में आग की तरह फेल गई तथा लोग सिनेमा रोड पर दुकान पर पहुंच गए। इस दौरान लोगों ने दुकान संचालकों और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, पिछले महीने खुद को तमिलनाडु का निवासी बताने वाले कुछ लोगों ने यहां सिनेमा रोड की महा सिंह मार्केट में एवरेस्ट हाउससोल्ड के नाम से एक दुकान शुरू की थी। दुकान संचालकों ने शहर में पर्चा बंटवाकर दावा किया था कि वे लोगों को बर्तन, एलइडी, डबल बेड, कूलर एसी जैसी घरेलू वस्तुओं के साथ साथ महंगे मोबाइल और अन्य सामान बाजार भाव से 45 प्रतिशत कम कीमत पर उपलब्ध करवाएंगे।
विज्ञापन
इसके साथ शर्त यह जोड़ी गई थी कि सामान के पैसे पहले जमा करवाने पड़ेंगे और डिलीवरी 12 दिन बाद मिलेगी। शुरू में दुकान का धंधा मंदा चला, लेकिन एक मार्च से जब बुक सामान की डिलीवरी मिलनी शुरू हुई तो दुकान पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। इसके बाद दुकान पर बुकिंग के लिए लंबी लाइनें लगी रहती थी।
सात दुकाने लीं थी किराये पर, सभी सील
इस संबंध में चीका पुलिस ने बदसुई निवासी सुरेश कुमार की शिकायत पर एवरेस्ट हाउससोेल्ड आर्टिकर्ल्स दुकान के मालिक उदय कुमार सहित कुल पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। थाना प्रभारी ने बताया कि सभी सात दुकानों व मकान को सील कर दिया गया है और कल अदालत के आदेश प्राप्त कर उन्हें पुन: खोला जाएगा।
पुलिस अधिकारी का कहना है कि दुकान संचालकों की मंशा तो साफ दिख रही थी मगर उनके खिलाफ कोई शिकायत न होने के कारण वे चाहकर भी कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहे थे। एसएचओ चीका बलबीर सिंह ने कहा कि ठगों के पास न सिर्फ बिक्री कर विभाग का टिन नंबर था, बल्कि उन्होंने नगर पालिका से भी बाकायदा दुकान चलाने का लायसेंस ले रखा था।
उन्होंने बताया कि वे जिला अधिकारियों के आदेश पर उक्त दुकान की छानबीन करने गए थे, लेकिन दुकान संचालकों ने उनके खिलाफ ही कोर्ट में शिकायत डाल दी, जिसका उन्हें जवाब देना पड़ा। गौरतलब है कि ठगी करने वालों ने यहां सात आठ दुकानें किराए पर ले रखी थीं। लोगों ने यह सवाल भी उठाया है कि दुकान मालिकों ने दुकानें किराए पर देने से पहले उनकी वेरिफिकेशन क्यों नहीं करवाई?
दुकान पर पुलिस ने दी थी दबिश
स्थानीय पुलिस ने दुकान पर कुछ दिन पहले दबिश भी दी थी। इसके अलावा पुलिस ने दुकान संचालक की वेरिफिकेशन के लिए तमिलनाडु पुलिस को ई-मेल भी की थी, जिसका अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। उधर, सिनेमा रोड पर लोगों का भारी हुजूम जमा होने की खबर पाकर वहां पहुंचे थाना प्रभारी बलबीर सिंह ने कहा कि पुलिस के पास दुकान संचालकों की आईडी व उंगलियों के निशान तक सब मौजूद हैं इसलिए उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस पूरा जोर लगा देगी। थाना प्रभारी ने बताया कि एक बैंक में ठगों के नाम से एक खाता भी है। खाते में दिए नाम पते के आधार पर कोई न कोई सुराग जरूर मिलेगा।