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Kaithal News: साहिबजादों का शहीदी जोड़ मेला 25 से
Fri, 20 Dec 2024 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 20 Dec 2024 12:54 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों व माता गुजरी जी की शहादत को स्मरण करने के लिए हर वर्ष 25 से 27 दिसंबर तक जोड़ मेला मनाया जाता है। इस वर्ष भी यह मेला कैथल-पटियाला मुख्य मार्ग पर स्थित वधवा सेलर में मनाया जाएगा, जहां श्रद्धालु भारी संख्या में एकत्र होंगे। यह जानकारी पूर्व सरपंच प्रतिनिधि अमरेंद्र सिंह खारा ने दी है।
उन्होंने बताया कि शहीदी जोड़ मेले के तीनों दिन गुरु का अटूट लंगर बरताया जाएगा। यह कार्यक्रम संगत के लिए सेवा और श्रद्धा का प्रतीक होता है। 25 दिसंबर को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पाठ आरंभ होगा। 25 दिसंबर को ही नगर कीर्तन निकाला जाएगा, जो गुरुद्वारा चीमा वाला से आरंभ हो कर पूरे नगर के मुख्य मार्गों से होता हुआ वधवा सैलर में पहुंचेगा। 27 दिसंबर को पाठ का भोग डाला जाएगा।
इस अवसर पर शबद-कीर्तन, अरदास और गुरबाणी का पाठ किया जाएगा, जो वातावरण को भक्तिमय बना देगा।
उन्होंने बताया कि यह मेला सिख समाज के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन है, जो साहिबजादों की अद्वितीय शहादत को याद करता है। उनकी कुर्बानी सिख धर्म के इतिहास में वीरता और बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि संगत इस अवसर पर एकजुट होकर अपने इतिहास और संस्कृति को श्रद्धांजलि देती है। यह मेला भक्ति, सेवा और समर्पण की प्रेरणा देगा। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में भाग लेकर संगत अपनी आस्था प्रकट करेगी और गुरु घर की सेवा करेगी। इस अवसर पर उनके साथ साध संगत भी मौजूद रही।
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सीवन। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों व माता गुजरी जी की शहादत को स्मरण करने के लिए हर वर्ष 25 से 27 दिसंबर तक जोड़ मेला मनाया जाता है। इस वर्ष भी यह मेला कैथल-पटियाला मुख्य मार्ग पर स्थित वधवा सेलर में मनाया जाएगा, जहां श्रद्धालु भारी संख्या में एकत्र होंगे। यह जानकारी पूर्व सरपंच प्रतिनिधि अमरेंद्र सिंह खारा ने दी है।
उन्होंने बताया कि शहीदी जोड़ मेले के तीनों दिन गुरु का अटूट लंगर बरताया जाएगा। यह कार्यक्रम संगत के लिए सेवा और श्रद्धा का प्रतीक होता है। 25 दिसंबर को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पाठ आरंभ होगा। 25 दिसंबर को ही नगर कीर्तन निकाला जाएगा, जो गुरुद्वारा चीमा वाला से आरंभ हो कर पूरे नगर के मुख्य मार्गों से होता हुआ वधवा सैलर में पहुंचेगा। 27 दिसंबर को पाठ का भोग डाला जाएगा।
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इस अवसर पर शबद-कीर्तन, अरदास और गुरबाणी का पाठ किया जाएगा, जो वातावरण को भक्तिमय बना देगा।
उन्होंने बताया कि यह मेला सिख समाज के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन है, जो साहिबजादों की अद्वितीय शहादत को याद करता है। उनकी कुर्बानी सिख धर्म के इतिहास में वीरता और बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि संगत इस अवसर पर एकजुट होकर अपने इतिहास और संस्कृति को श्रद्धांजलि देती है। यह मेला भक्ति, सेवा और समर्पण की प्रेरणा देगा। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में भाग लेकर संगत अपनी आस्था प्रकट करेगी और गुरु घर की सेवा करेगी। इस अवसर पर उनके साथ साध संगत भी मौजूद रही।
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