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छात्राओं को सिखाए आत्मरक्षा के गुर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Dec 2021 02:24 AM IST
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Self-defense tricks taught to girl students
15-कैथल। शैमरॉक स्कूल में अमर उजाला द्वारा आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में छात्राओं को महत्पूर्ण ज? - फोटो : Kaithal
कैथल। खुराना रोड स्थित शैमरॉक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दुर्गा शक्ति की टीम ने छात्राओं को आत्मरक्षा और दुर्गा शक्ति एप के बारे में जानकारी दी। साथ ही छात्राओं द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब दिए। विद्यालय की निदेशक नीलम मौदगिल ने भी छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए और अपनी सुरक्षा स्वयं करने के लिए प्रेरित किया।
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दुर्गा शक्ति की टीम की इंचार्ज मुकेश रानी, सुमन व सुषमा ने छात्राओं को सबसे पहले दुर्गा शक्ति एप के बारे में जानकारी दी। सुमन ने छात्राओं को बताया कि दुर्गा शक्ति को नारी शक्ति भी कहा जाता है। यह विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा के लिए कार्य करती है। अगर सड़क, मोहल्ले में या फिर किसी अन्य स्थान पर महिलाओं या लड़कियों के साथ कोई छेड़छाड़ या दुर्व्यवहार की घटना हो तो तुरंत दुर्गा शक्ति फोर्स को कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा महिला हेप्पलाइन नंबर 1091 पर कॉल की जा सकती है। उन्होंने बताया कि अब तो पुलिस ने 112 नंबर भी जारी किया है, जिस पर सहायता के लिए कॉल करें तो 15 से 20 मिनट में पुलिस व्यक्ति की सहायता के लिए पहुंच जाती है। उन्होंने छात्राओं को दुर्गा शक्ति एप के बारे में भी जानकारी दी और इसे अपने मोबाइल में डाउनलोड करने के लिए छात्राओं को प्रेरित किया।
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टीम की सदस्य सुमन ने बताया कि अगर लड़कियों को स्कूल या कॉलेज से घर जाते समय कोई परेशान करे तो सबसे पहले अपने माता-पिता या शिक्षकों को बताएं। अगर इमरजेंसी सहायता की जरूरत हो तो दुर्गा शक्ति एप के माध्यम से पुलिस को सूचित करें। सूचना के साथ-साथ जरूरतमंद की लोकेशन भी टीम को मिल जाती है और वह तुरंत सहायता के लिए पहुंचती हैं। स्कूल की निदेशक नीलम मौदगिल ने छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर भी सिखाए। कहा कि वह खुद एक जूडो खिलाड़ी रही हैं। ऐसे में वे अपनी रक्षा करने में स्वयं समर्थ हैं। इसलिए सभी छात्राओं को चाहिए कि वह जूडो, कराटे, ताइक्वांडो व मार्शल आर्ट जैसी खेल गतिविधियों में भाग लें और आत्मरक्षा के लिए तैयार हों। उन्होंने यह भी कहा कि छात्राएं खुद की सुरक्षा में तो सक्षम बनें ही, साथ में दूसरों की रक्षा का भी प्रयास करें।
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