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Kaithal News: देखिए दरारें... जीर्णोद्धार का इंतजार

Wed, 18 Dec 2024 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Wed, 18 Dec 2024 12:57 AM IST
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See the cracks... waiting for restoration
संवाद न्यूज एजेंसी
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कलायत। प्राचीन श्री कपिल मुनि तीर्थ को सदियों से अपने जीर्णोद्धार का इंतजार है। न तो सरोवर में देश-दुनिया से स्नान करने को आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ जल उपलब्ध हो पा रहा है और न ही गंदे पानी की निकासी की कोई व्यवस्था। हालात इस कदर खराब हैं कि घाट, परिक्रमा मार्ग, सरोवर चहारदीवारी और दूसरे निर्माण मरम्मत की गुहार लगा रहे हैं।

श्री कपिल मुनि धाम सरोवर की परिक्रमा का बड़ा हिस्सा विभिन्न स्थानों से धंस गया है। परिक्रमा मार्ग की दीवारें टूट चुकी हैं और वे दीवारों में उगे वृक्षों के सहारे ही खड़ी हैं। इसके साथ-साथ अन्य निर्माण भी धंस गए हैं।
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सामाजिक संगठनों और श्रद्धालुओं का कहना है कि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड और भारतीय पुरातत्व विभाग को धरोहर के संरक्षण का जिम्मा सौंपा है। बावजूद इसके श्री कपिल मुनि तट के इर्द-गिर्द अव्यवस्था का आलम है। लोगों का कहना है कि एक दशक पहले वर्ष 2014 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने तीर्थ स्थलों के विकास की योजना बनाई थी। इसके तहत करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं की सौगात कलायत को दी।
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समाज सेवी संगठनों का आरोप है कि लंबे कार्यकाल में भी केडीबी अधिकारी विकास योजनाओंं को धरातल पर नहीं उतार पाए। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आखिरकार करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं पर काम न शुरू करवाने में बोर्ड के समक्ष क्या दिक्कत है।


श्री कपिल मुनि मंदिर के पुजारी संजय गौतम और अनिरुद्ध गौतम ने बताया कि भगवान कपिल मुनि तीर्थ के ऐतिहासिक महत्व के कारण देश-दुनिया से पर्यटक कलायत का रुख करते हैं। सरोवर तट पर विभिन्न देवी-देवताओं के पुराने मंदिरोंं की लंबी श्रंखला है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विकास कार्यों की जरूरत है।

गौरतलब है कि ऐसी मान्यता है कि कलायत में इसी पावन स्थान पर भगवान कपिल ने माता देवाहुति को सांख्य दर्शन का ज्ञान करवाया था। इसलिए उन्हें

सांख्य दर्शन प्रवर्तक माना जाता है।

विश्व पटल के इस प्रकार के महत्व के बाद भी कलायत के पौराणिक श्री कपिल मुनि सरोवर की स्थिति बद से बदतर है। इसे जीर्णोद्धार का इंतजार है।
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