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पहले लगी मशीनों की सुध नहीं, नई बायोमैट्रिक मशीनें लगाने के आदेश

Sat, 28 Nov 2015 11:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कैथ्ाल
ब्यूरो/अमर उजाला कैथ्ाल Updated Sat, 28 Nov 2015 11:27 PM IST
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सरकारी स्कूलों में चार साल पहले लगी बायोमैट्रिक मशीनों की सुध लेेने के बजाय अब नई मशीनें लगाने का फरमान जारी हुआ है। दिसंबर में सरकारी स्कूलों में बायोमैट्रिक मशीनों से हाजिरी लगेगी। देरी से हाजिरी लगी तो अध्यापकों का वेतन कट जाएगा। इस फरमान से अध्यापकों में हड़कंप मचा है। वहीं अध्यापक संघ ने पहले लगी मशीनों के मामले की जांच की मांग की है।
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146 स्कूलों में चार साल पहले भी बायोमैट्रिक मशीनें लगाई गई थीं जिनकी सहायता से अध्यापकों की हाजिरी लगाई जानी थी लेकिन इन्हें संचालित नहीं किया गया। स्कूलों में लगाकर एक तरह से विभाग इन मशीनों को भूल गया। इस समय भी ये मशीनें बंद पड़ी हुई हैं। बताया जा रहा है कि एक मशीन की कीमत एक लाख रुपये से अधिक है जिस कारण लाखों रुपये की मशीनें लापरवाही के चलते बंद पड़ी हुई हैं।
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पुरानी मशीनों की सुध लेने के बजाय अब विभाग ने नई मशीनें स्कूलों में भेज दी हैं। जिले के 597 प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च एवं सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में ये बायोमैट्रिक मशीनें लगेंगी। इसके लिए सभी स्कूल मुखिया को आदेश जारी कर दिए गए हैं। मशीनों में इंटरनेट संचालन के लिए 1200 रुपये दिए जाएंगे।
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जिले के प्राथमिक स्कूलों में चूंकि कंप्यूटर नहीं हैं इसीलिए इन स्कूलों में टैबलेट दिए जाएंगे। इन्हें स्कूल में ही रखा जाएगा।

आदेशों के अनुसार मशीन में लगी हुई हाजिरी के हिसाब से ही वेतन बनेगा। यदि कोई अध्यापक लगातार देरी से हाजिरी लगाता है। तो उसका वेतन कट भी सकता है।

अध्यापक संघ के जिला अध्यक्ष सतबीर गोयत का कहना है कि बायोमैट्रिक मशीन के संचालन से कोई आपत्ति नहीं है लेकिन सरकार एक बार लगाने के बाद इन्हें भूल जाती है। चार साल पहले जो मशीनें लगाई थीं उन्हें आज तक नहीं संभाला गया। एक दिन भी इन मशीनों से हाजिरी नहीं लग पाई। जनता के इस खून पसीने की कमाई की बर्बादी का जिम्मेदार कौन है? विभाग हर रोज नए-नए फरमान जारी कर देता है लेकिन स्कूल स्तर पर इनका क्रियान्वयन नहीं हो पाता। इस पैसे को शिक्षा के कल्याण के लिए भी खर्च किया जा सकता है। पूर्व में लगी मशीनों की खरीद में भारी गोलमाल की आशंका है। सरकार इसकी जांच करवाए और वर्तमान में मशीनें जिस उद्देश्य के लिए लगाई जा रही हैं उस उद्देश्य की पूर्ति सरकार सुनिश्चित करे।

पूर्व में लगी मशीनों को लेकर कोई आदेश नहीं आए हैं। नई मशीनें सभी स्कूलों में भेज दी गई हैं। साथ ही इनके संचालन के बारे में जानकारी दी जा रही है।
शमशेर सिरोही, उपजिला शिक्षा अधिकारी
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