फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Scholarship scam: Fake bank accounts of 386 students opened, Rs 96 lakhs grabbed

छात्रवृत्ति घोटाला : 386 विद्यार्थियों के फर्जी बैंक खाते खुलवा 96 लाख हड़पे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 09 Jun 2024 05:46 AM IST
विज्ञापन
Scholarship scam: Fake bank accounts of 386 students opened, Rs 96 lakhs grabbed
कैथल। सरकार की ओर से पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत अनुसूचित व पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति में 96 लाख रुपये का घोटाला हुआ है। इसके लिए आरोपियों ने कुल 386 छात्र और छात्राओं के खाते खुलवाए तथा पासबुक और एटीएम किट, चेक बुक अपने पास रख ली। फिर छात्रवृत्ति की रकम निकालते रहे। घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने पांच आरोपियों के नाम उजागर किए हैं, जिन्होंने विद्यार्थियों के फर्जी बैंक खाते खुलवा राशि हड़पी। इससे पहले उन्होंने करनाल रोड पर शिक्षण संस्थान की फर्म के नाम पर फर्जी कार्यालय भी बना रखा था। इसी कार्यालय में ही विद्यार्थियों को गुमराह कर डील की जाती थी।
विज्ञापन

एंटी करप्शन ब्यूरो की जांच में सामने आया है कि सबसे अधिक पंजाब के नर्सिंग कॉलेज में विद्यार्थियों के फर्जी दाखिले दिखाए गए। फिर आरोपियों ने बैंक कर्मियों के साथ मिलकर विद्यार्थियों के नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाए और पासबुक तथा एटीएम की किट, चेक बुक अपने पास रख ली। इसके बाद छात्रवृत्ति खाते में आते ही एटीएम के माध्यम से आरोपी निकलवा लेते थे। एंटी करप्शन ब्यूरो ने इस मामले में बीते दिसंबर में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसमें यूपी के नोएडा निवासी हुक्म चंद गुप्ता, कैथल निवासी धर्मबीर और राजेश, करनाल से असंध निवासी नवीन के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया। इसके अलावा मामले में तत्कालीन जिला कल्याण अधिकारी भी आरोपी हैं।
विज्ञापन


बताया जा रहा है कि विद्यार्थियों को सलाह देने के लिए आरोपी उनसे एक से तीन हजार रुपये तक की फीस लेते थे। उनसे यह फीस यह कहकर ली जाती थी कि वह उन्हें विभिन्न कोर्साें के लिए पंजाब की कॉलेज और यूनिवर्सिटी में दाखिला दिलवाएंगे। वहीं जब बैंक कर्मी ने विद्यार्थियों के खाते खोले तो उनके दस्तावेजों की जांच तक नहीं की। दस्तावेजों की जांच किए बिना की शिक्षण समिति के सदस्यों को वेलकम किट सहित बैंक खाता खोलकर दे दिया गया। इस दौरान आरोपियों ने कुल 386 छात्र और छात्राओं के खाते खुलवाए। इसमें अनुसूचित जाति के 92 छात्र और छात्राओं का फर्जी दाखिला पंजाब के नर्सिंग कॉलेजों में दिखाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


तत्कालीन जिला कल्याण अधिकारी ने भी दस्तावेजों की जांच किए बिना जारी की राशि-
मामले में तत्कालीन जिला कल्याण अधिकारी बलवान सिंह ने भी बिना दस्तावेजों की जांच किए बिना ही राशि जारी कर दी। विभाग के एसीएस की ओर से जारी किए गए पत्र के माध्यम से पंजाब के कॉलेजों व यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों के दाखिले की जांच के आदेश दिए थे, लेकिन अधिकारी ने इन दस्तावेजों की जांच किए बिना ही खातों में रुपये डाल दिए।



छात्रवृत्ति योजना के तहत हुए घोटाले की जांच लगातार जारी है। मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश भी दी जा रही है। इसके लिए अलग से टीमों का गठन किया गया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- महेंद्र सिंह, प्रभारी, एसीबी, कैथल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed