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एससी-बीसी वर्ग के कर्मचारी पहले पक्के हों
कैथल
Updated Tue, 04 Mar 2014 12:26 AM IST
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कई सामाजिक संगठनों ने सरकार से मांग की कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का करते समय एससी और बीसी वर्ग से संबंधित कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाए। सरकार घोषणा को लागू करते समय अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण की नीति का पालन करे। इसी मांग को लेकर विभिन्न संगठनों ने सोमवार को शहर में प्रदर्शन किया।
इस मुद्दे पर एससी-बीसी कर्मचारियों व विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक जवाहर पार्क में हुई। बैठक के दौरान संगठन पदाधिकारियों ने इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया जिसमें प्रतिनिधियों ने कहा कि सभी कर्मचारियों को पक्का करने से पहले इनमें एससी व बीसी वर्ग के आरक्षण कोटे को तुरंत प्रभाव से भरा जाए। यदि कोटे को तुरंत प्रभाव से भरा नहीं जाता तो संपूर्ण एससी-बीसी समाज दूसरे कर्मचारियों को पक्का करने का विरोध करेगा क्योंकि इन सभी कच्चे कर्मचारियों की भर्ती पिछले दरवाजे से की गई है। इसमें एससी-बीसी के सिर्फ 1 या 2 प्रतिशत ही लोग हैं।
उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों की नियुक्ति में आरक्षण की नीति का पालन नहीं हुआ है जिस कारण आज भी अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के लोग बेरोजगार घूम रहे हैं। सरकार की पक्का करने की नीति का एससी-बीसी वर्ग के लोग निंदा करते हैं। हरियाणा सरकार द्वारा बनाई गई पी. राघवेंद्र कमेटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए तथा उसे लागू किया जाए। वास्तव में केवल पांच या छह प्रतिशत पद ही आज तक भरे गए हैं जबकि कोटा 20 प्रतिशत व 27 प्रतिशत है। संगठनों की मांग है कि इन पदों को तुरंत भरा जाए। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों को नहीं माना गया तो चुनाव में सभी सामाजिक और कर्मचारी संगठन सरकार का विरोध करेंगे।
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ये संगठन शामिल हुए
सभी प्रदर्शनकारी एकत्रित होकर प्रदर्शन करते हुए पिहोवा चौक से होते हुए करनाल रोड पहुंचे जहां से सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। यहां पर डीसी को ज्ञापन देकर सरकार से मांगें पूरी करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व रामेश्वर फौजी, ईश्वर गुहणा, जगदीश मेहरा, चंद्रमोहन, राजेंद्र, प्रेम कल्याण, श्याम लाल, प्रकाश, सुरेश, अनिल रंगा, रोहताश, दिनेश, अनीता, सुभाष, लाल सिंह, प्रदीप कुमार ने किया। प्रदर्शनकारियों में हरियाणा अनुसूचित जाति अध्यापक संघ, हरियाणा पॉवर कारपोरेशन अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कर्मचारी यूनियन, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग अधिकार मंच, एससी रोडवेज कर्मचारी यूनियन, कृषि विभाग अनुसूचित जाति अफसर संघ, जनस्वास्थ्य विभाग, आयूष विभाग, अंबेडकर युवा सभा कैथल, डा. अंबेडकर स्टूउेंट फ्रंट ऑफ इंडिया, बामसेफ, अंबेडकरवादी लेखक संघ हरियाणा के सदस्यों ने भाग लिया।
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इस मुद्दे पर एससी-बीसी कर्मचारियों व विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक जवाहर पार्क में हुई। बैठक के दौरान संगठन पदाधिकारियों ने इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया जिसमें प्रतिनिधियों ने कहा कि सभी कर्मचारियों को पक्का करने से पहले इनमें एससी व बीसी वर्ग के आरक्षण कोटे को तुरंत प्रभाव से भरा जाए। यदि कोटे को तुरंत प्रभाव से भरा नहीं जाता तो संपूर्ण एससी-बीसी समाज दूसरे कर्मचारियों को पक्का करने का विरोध करेगा क्योंकि इन सभी कच्चे कर्मचारियों की भर्ती पिछले दरवाजे से की गई है। इसमें एससी-बीसी के सिर्फ 1 या 2 प्रतिशत ही लोग हैं।
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उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों की नियुक्ति में आरक्षण की नीति का पालन नहीं हुआ है जिस कारण आज भी अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के लोग बेरोजगार घूम रहे हैं। सरकार की पक्का करने की नीति का एससी-बीसी वर्ग के लोग निंदा करते हैं। हरियाणा सरकार द्वारा बनाई गई पी. राघवेंद्र कमेटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए तथा उसे लागू किया जाए। वास्तव में केवल पांच या छह प्रतिशत पद ही आज तक भरे गए हैं जबकि कोटा 20 प्रतिशत व 27 प्रतिशत है। संगठनों की मांग है कि इन पदों को तुरंत भरा जाए। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों को नहीं माना गया तो चुनाव में सभी सामाजिक और कर्मचारी संगठन सरकार का विरोध करेंगे।
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ये संगठन शामिल हुए
सभी प्रदर्शनकारी एकत्रित होकर प्रदर्शन करते हुए पिहोवा चौक से होते हुए करनाल रोड पहुंचे जहां से सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। यहां पर डीसी को ज्ञापन देकर सरकार से मांगें पूरी करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व रामेश्वर फौजी, ईश्वर गुहणा, जगदीश मेहरा, चंद्रमोहन, राजेंद्र, प्रेम कल्याण, श्याम लाल, प्रकाश, सुरेश, अनिल रंगा, रोहताश, दिनेश, अनीता, सुभाष, लाल सिंह, प्रदीप कुमार ने किया। प्रदर्शनकारियों में हरियाणा अनुसूचित जाति अध्यापक संघ, हरियाणा पॉवर कारपोरेशन अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कर्मचारी यूनियन, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग अधिकार मंच, एससी रोडवेज कर्मचारी यूनियन, कृषि विभाग अनुसूचित जाति अफसर संघ, जनस्वास्थ्य विभाग, आयूष विभाग, अंबेडकर युवा सभा कैथल, डा. अंबेडकर स्टूउेंट फ्रंट ऑफ इंडिया, बामसेफ, अंबेडकरवादी लेखक संघ हरियाणा के सदस्यों ने भाग लिया।