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Kaithal News: पराली जलाने पर सरपंच-एसएचओ की तय होगी जवाबदेही ः डीसी

Sun, 21 Sep 2025 01:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sun, 21 Sep 2025 01:24 AM IST
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Sarpanch and SHO will be held accountable for stubble burning: DC
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। उपायुक्त प्रीति ने कहा कि पराली प्रबंधन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिस गांव में पराली जलाने की घटनाएं होंगी, उस गांव के सरपंच और संबंधित थाना क्षेत्र के एसएचओ की जवाबदेही भी तय की जाएगी।

लघु सचिवालय स्थित सभागार में जिले में पराली का प्रबंधन करने वाली फर्म मालिकों की बैंकर्स व बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ उन्होंने समन्वय बैठक की। इसका उद्देश्य पराली प्रबंधन करने वाली फर्मों को बैंकों से ऋण दिलवाने और पराली प्लांट का बीमा करवाने में आने वाली परेशानियों को दूर करना था। इस मौके पर फर्म संचालकों ने अपनी बैंकों से लोन मिलने और बीमा करवाने में आने वाली परेशानियों की जानकारी दी। उपायुक्त ने बैंकर्स को सख्त हिदायत दी कि वे नियमानुसार फर्म संचालकों को लोन उपलब्ध कराएं। साथ ही बीमा कंपनियों को निर्देश दिए गए कि वे फर्मों के प्रोजेक्ट का अध्ययन कर आवेदन स्वीकार करें।
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डीसी प्रीति ने कहा कि इस बार पराली जलाने की घटनाओं को शून्य का लक्ष्य रखा गया है। यदि कहीं पराली जलाने की घटना सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति और जिम्मेदार विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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एलडीएम एसके नंदा ने कहा कि वे बैंकर्स के साथ बैठक करके नियमानुसार जानकारी जुटाएंगे। बीमा एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भी कहा कि वे फर्मों के प्रोजेक्ट का अध्ययन कर उन्हें सुविधाएं प्रदान करेंगे। उपायुक्त ने फर्म संचालकों को निर्देश दिए कि बैंकों और बीमा कंपनियों के लिए सभी कागजात पूर्ण और सही रखें, किसी भी तरह के फर्जी कागजात नहीं होने चाहिए। कृषि विभाग के अधिकारियों को भी आदेश दिए गए कि वे बेलर सहित अन्य संसाधनों का पर्याप्त स्टॉक रखें। एसडीएम से कहा कि वे गांवों में जाकर लोगों को पराली जलाने के नुकसान और प्रबंधन के फायदे बताएं।

उपायुक्त ने बताया कि सरकार की ओर से प्रति एकड़ पराली प्रबंधन के लिए 1200 रुपये प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पराली जलाने का कोई भी मामला सामने आने पर नियमानुसार जिला प्रशासन की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जिला प्रशासन का प्रयास है कि पराली जलाने की बजाय पराली प्रबंधन में काम करने वाले लोगों को प्रोत्साहित किया जाए।


इस बैठक में जिला परिषद के सीईओ सुरेश राविश, जिले के तीनों एसडीएम अजय सिंह, कैप्टन प्रमेश सिंह, अजय हुड्डा, डीडीपीओ रितु लाठर, एलडीएम एसके नंदा आदि उपस्थित रहे।
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