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Kaithal News: सलोनी बनीं जिला टॉपर
Tue, 16 May 2023 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 16 May 2023 01:52 AM IST
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कलायत/कैथल। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (एचबीएससी) की ओर से सोमवार को दोपहर बाद 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। इसमें कलायत क्षेत्र के विज्ञान संकाय में तीन विद्यार्थियों ने जिले में टॉप किया है। इनमें शहीद भगत सिंह स्कूल मटौर की छात्रा सलोनी 489 अंक लेकर जिले में प्रथम, निर्मल वर्ल्ड स्कूल की टीना ने 488 अंक लेकर दूसरे व बाल विकास स्कूल के छात्र साहिल ने 486 अंक लेकर तीसरा स्थान हासिल किया।
पूरे प्रदेश में कैथल जिला परिणाम की दृष्टि से दसवें स्थान पर रहा। सफल विद्यार्थियों ने सफलता का खूब जश्न मनाया।
हरियाणा शिक्षा बोर्ड के माध्यम से जिले के 13,009 विद्यार्थियों ने इस बार परीक्षा दी थी। इनमें से 11,056 बच्चे पास हुए हैं। 1953 बच्चे परीक्षा को पास नहीं कर पास। इस बार जिले का 84.99 प्रतिशत परीक्षा परिणाम रहा है। कलायत क्षेत्र के गांव मटोर के शहीद भगत सिंह वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मटोर की छात्रा सलोनी ने विज्ञान संकाय में (489) प्रथम, कलायत के निर्मल वर्ल्ड स्कूल की छात्रा टीना (488) द्वितीय व कलायत के बाल विकास पब्लिक स्कूल के छात्र साहिल कुमार (486) जिले में तृतीय रहे।
सलोनी ने 489 अंकों में फिजिक्स में 100, अंग्रेजी में 99, केमिस्ट्री में 97, हिंदी में 99 और गणित में 94 अंक हासिल किए। निर्मल पब्लिक स्कूल की छात्रा टीना ने अंग्रेजी में 97, होम साइंस में 100, केमिस्ट्री में 98, गणित में 94 व फिजिक्स में 99 अंक हासिल किए। जिला में तीसरे स्थान पर रहने वाले बाल विकास स्कूल के छात्र साहिल ने 486 अंक हासिल किए हैं। उन्होंने अंग्रेजी में 97, केमिस्ट्री में 97, होम साइंस में 100, बायो में 99 और फिजिक्स में 95 अंक हासिल किए।
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फिजिक्स का शिक्षक बनना उद्देश्य
गांव खेड़ी शेरखां निवासी छात्रा सलोनी ने कहा कि वह गांव मटोर के शहीद भगत सिंह वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पढ़ती है। उसने जिले में साइंस संकाय में 489 अंक लेकर प्रथम स्थान हासिल किया है। उसके पिता रामनिवास किसान है। उसका लक्ष्य फिजिकस की शिक्षिका बनना है। उसने सोशल मीडिया व मोबाइल से दूरी बनाकर यह मुकाम हासिल किया है। वह आठ से दस घंटे पढ़ती थी। उसके माता पिता ने हमेशा पढ़ाई करने के उसे प्रेरित किया है। उनका संयुक्त परिवार है। यहां से उसे हर समय पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण मिला। मानसिक ताजगी के लिए वह हर रोज सैर करती है व साथ में संगीत सुनती है। इस समय वह कुरुक्षेत्र में बीएससी फिजिक्स में दाखिले की तैयारी कर रही है।
सफलता मंत्र-सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखी और टाइम टेबल बनाकर की पढ़ाई
आईआईटी कर इंजीनियर बनना है लक्ष्य
एक अंक से पिछड़ कर जिला में दूसरे स्थान पर रहने वाली छात्रा टीना ने कहा कि उसका लक्ष्य आईआईटी कर इंजीनियर बनना है। अपनी सफलता का श्रेय अपने अध्यापकों व अभिभावकों को देते हुए टीना ने कहा कि पढ़ाई में उसके अध्यापकों ने पूरा सहयोग दिया। अभिभावकों ने भी पढ़ाई को लेकर सही मार्गदर्शन किया। टीना ने कहा कि जीवन में कोई भी सफलता हासिल करने के लिए लगन का होना जरूरी है। जब तक लगन नहीं होगी तब तक सफलता पास नहीं आती। उन्होंने कहा कि फोन व इंटरनेट का प्रयोग केवल अपने ज्ञान को बढ़ाने के लिए किया जाए तो वह उन्नति के मार्ग को प्रशस्त करता है। यदि फेसबुक, इंस्टा, व्हाटसएप तक ही सीमित रहे तो सफलता का मिलना बहुत कठिन है। बच्चों को समझ सभी एप्स की होना चाहिए पर दुरुपयोग से बचना चाहिए।
उसकी सफलता का मंत्र यही रहा कि फोन व इंटरनेट का प्रयोग केवल अपने ज्ञान को बढ़ाने के लिए किया।
एमबीबीएस डॉक्टर बनकर सेवा करना-
जिले में तीसरे स्थान पर रहे छात्र साहिल कुमार ने कहा कि उसने साइंस संकाय में जिले में 486 अंक लेकर तीसरा स्थान हासिल किया है। उसने इसके लिए शुरू से ही लक्ष्य निर्धारित कर लिया था कि इस बार टॉप में रहना है। इसी के अनुसार उसने निरंतर पढ़ाई की। वह सुबह तीन बजे उठकर पढ़ाई शुरु करता था। इसके बाद स्कूल और घर आने के बाद भी देर रात एक से दो बजे तक पढ़ता था। उसका लक्ष्य डॉक्टर बनना है। उसके पिता रणबीर सिंह किसान हैं। उसे पढ़ना व संगीत सुनना अच्छा लगता है।
उसकी सफलता मंत्र-सुबह के समय पढ़ना और मोबाइल से दूरी बनाए रखना रहा।
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पूरे प्रदेश में कैथल जिला परिणाम की दृष्टि से दसवें स्थान पर रहा। सफल विद्यार्थियों ने सफलता का खूब जश्न मनाया।
हरियाणा शिक्षा बोर्ड के माध्यम से जिले के 13,009 विद्यार्थियों ने इस बार परीक्षा दी थी। इनमें से 11,056 बच्चे पास हुए हैं। 1953 बच्चे परीक्षा को पास नहीं कर पास। इस बार जिले का 84.99 प्रतिशत परीक्षा परिणाम रहा है। कलायत क्षेत्र के गांव मटोर के शहीद भगत सिंह वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मटोर की छात्रा सलोनी ने विज्ञान संकाय में (489) प्रथम, कलायत के निर्मल वर्ल्ड स्कूल की छात्रा टीना (488) द्वितीय व कलायत के बाल विकास पब्लिक स्कूल के छात्र साहिल कुमार (486) जिले में तृतीय रहे।
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सलोनी ने 489 अंकों में फिजिक्स में 100, अंग्रेजी में 99, केमिस्ट्री में 97, हिंदी में 99 और गणित में 94 अंक हासिल किए। निर्मल पब्लिक स्कूल की छात्रा टीना ने अंग्रेजी में 97, होम साइंस में 100, केमिस्ट्री में 98, गणित में 94 व फिजिक्स में 99 अंक हासिल किए। जिला में तीसरे स्थान पर रहने वाले बाल विकास स्कूल के छात्र साहिल ने 486 अंक हासिल किए हैं। उन्होंने अंग्रेजी में 97, केमिस्ट्री में 97, होम साइंस में 100, बायो में 99 और फिजिक्स में 95 अंक हासिल किए।
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फिजिक्स का शिक्षक बनना उद्देश्य
गांव खेड़ी शेरखां निवासी छात्रा सलोनी ने कहा कि वह गांव मटोर के शहीद भगत सिंह वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पढ़ती है। उसने जिले में साइंस संकाय में 489 अंक लेकर प्रथम स्थान हासिल किया है। उसके पिता रामनिवास किसान है। उसका लक्ष्य फिजिकस की शिक्षिका बनना है। उसने सोशल मीडिया व मोबाइल से दूरी बनाकर यह मुकाम हासिल किया है। वह आठ से दस घंटे पढ़ती थी। उसके माता पिता ने हमेशा पढ़ाई करने के उसे प्रेरित किया है। उनका संयुक्त परिवार है। यहां से उसे हर समय पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण मिला। मानसिक ताजगी के लिए वह हर रोज सैर करती है व साथ में संगीत सुनती है। इस समय वह कुरुक्षेत्र में बीएससी फिजिक्स में दाखिले की तैयारी कर रही है।
सफलता मंत्र-सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखी और टाइम टेबल बनाकर की पढ़ाई
आईआईटी कर इंजीनियर बनना है लक्ष्य
एक अंक से पिछड़ कर जिला में दूसरे स्थान पर रहने वाली छात्रा टीना ने कहा कि उसका लक्ष्य आईआईटी कर इंजीनियर बनना है। अपनी सफलता का श्रेय अपने अध्यापकों व अभिभावकों को देते हुए टीना ने कहा कि पढ़ाई में उसके अध्यापकों ने पूरा सहयोग दिया। अभिभावकों ने भी पढ़ाई को लेकर सही मार्गदर्शन किया। टीना ने कहा कि जीवन में कोई भी सफलता हासिल करने के लिए लगन का होना जरूरी है। जब तक लगन नहीं होगी तब तक सफलता पास नहीं आती। उन्होंने कहा कि फोन व इंटरनेट का प्रयोग केवल अपने ज्ञान को बढ़ाने के लिए किया जाए तो वह उन्नति के मार्ग को प्रशस्त करता है। यदि फेसबुक, इंस्टा, व्हाटसएप तक ही सीमित रहे तो सफलता का मिलना बहुत कठिन है। बच्चों को समझ सभी एप्स की होना चाहिए पर दुरुपयोग से बचना चाहिए।
उसकी सफलता का मंत्र यही रहा कि फोन व इंटरनेट का प्रयोग केवल अपने ज्ञान को बढ़ाने के लिए किया।
एमबीबीएस डॉक्टर बनकर सेवा करना-
जिले में तीसरे स्थान पर रहे छात्र साहिल कुमार ने कहा कि उसने साइंस संकाय में जिले में 486 अंक लेकर तीसरा स्थान हासिल किया है। उसने इसके लिए शुरू से ही लक्ष्य निर्धारित कर लिया था कि इस बार टॉप में रहना है। इसी के अनुसार उसने निरंतर पढ़ाई की। वह सुबह तीन बजे उठकर पढ़ाई शुरु करता था। इसके बाद स्कूल और घर आने के बाद भी देर रात एक से दो बजे तक पढ़ता था। उसका लक्ष्य डॉक्टर बनना है। उसके पिता रणबीर सिंह किसान हैं। उसे पढ़ना व संगीत सुनना अच्छा लगता है।
उसकी सफलता मंत्र-सुबह के समय पढ़ना और मोबाइल से दूरी बनाए रखना रहा।