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Kaithal News: कविराज भाई संतोख सिंह हवेली की संतों ने संभाली सेवा

Mon, 04 Sep 2023 02:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Mon, 04 Sep 2023 02:44 AM IST
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Saints took over the service of Kaviraj Bhai Santokh Singh Haveli
कैथल। माता गेट स्थित बोडान मोहल्ला में महान कविराज भाई संतोख सिंह की 200 साल पुरानी गुरु साहिब सूरज प्रकाश रिहायशी हवेली की संतों ने रविवार को सेवा संभाल ली। अब सोमवार से इस हवेली के जीर्णोद्धार के कार्य की शुरूआत की जाएगी। वहीं रविवार को हवेली पर आयोजित तीन दिवसीय अखंड पाठ का समापन हुआ। यहां पर गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश किया।
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इस हवेली जर्जर हालात सुधारने के लिए संत समाज आगे आया। इस ऐतिहासिक हवेली को कविराज भाई संतोख सिंह की धरोहर के रूप में बनाने के लिए संत समाज ने यह कदम उठाया है। साहिब ज्ञानी शेर सिंह अंबाले वाले ने बताया कि कार्यक्रम में गुरविंद्र सिंह मांडी वाले, मान सिंह, ज्ञानी गुरपाल सिंह, सुल्तान सिंह, महंत रमनुपरी और सहजधारी और केसधारी समाज के संत पहुंचें।
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उन्होंने बताया कि भाई संतोख सिंह भाई उदय सिंह के शासन में महान कवि हुए हैं। यह हवेली उन्हें भाई उदय सिंह ने अपने शासन के समय दी थी। उन्होंने इसी हवेली में अपने जीवन के अंतिम 20 साल इसी हवेली में ही गुजारे थे। यहां पर ही उन्होंने श्री वाल्मीकि रामायण का अनुवाद पंजाबी में किया। इसके साथ ही गुरु नानक देव जी का जपुजी साहिब गुरबाणी उन्होंने कैथल में स्थित हवेली में ही लिखी थी। वे एक महान कवि व साहित्यकार थे, जिन्होंने सिख धर्म के बारे में अनेक धार्मिक ग्रंथ लिखे है। यहां पर ही भाई संतोख सिंह ने गुरु प्रताप सूरज ग्रंथ ही रचना की थी। जिनको पढ़ कर आने वाली पीढ़ियों को धर्मिक ग्रंथों से अच्छी शिक्षाएं मिल रही है। इनमें से एक जपजी साहिब व इनका यादगार ग्रंथ है श्री गुरु प्रताप सूरज ग्रंथ जिसमें 51 हजार 820 छंद है। यह ग्रंथ भाई संतोख सिंह जी ने 1835-43 के समय में पूरा किया था। जो हमारे समाज व धर्म के लिए एक यादगार व पूजनीय बना।
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इसके साथ ही उन्होंने अमर कोश संस्कृत ग्रंथ का पंजाबी में अनुवाद किया था। 1843 में उनके स्वर्गवास के बाद उनके बच्चों ने इस हवेली को स्थानीय लोगों को दे दिया था। अब फिर से यह हवेली गुरुघर के लिए संगत को मिली है। इस मौके पर बाबा मान सिंह, निरतार सिंह, सत्य नारायण, अशोक कुमार, एडवोकेट विक्रम मुल्तानी, देवेंद्र जम्मू व गौरव शर्मा, विश्वजीत शर्मा, गुलाब व ईश्वर आदि मौजूद रहे।
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