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Kaithal News: करोड़ा में दिव्यांग किसान के मकान की छत गिरी
Wed, 13 Mar 2024 02:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 13 Mar 2024 02:40 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पाई। करोड़ा गांव में सोमवार रात के समय दो मंजिला मकान की छत गिरने से एक आधा एकड़ की खेती करने वाले दिव्यांग किसान के मकान की छत ढह गई। गनीमत यह रही कि कोई बड़ा हादसा टल गया।
अचानक दो मंजिला मकान की छत नीचे गिर गई। नीचे पशु बंधे हुए थे, जो मलबे के नीचे दब गए। मकान की छत गिरने से एक बड़ा धमाका हुआ और धमाके की आवाज सुनकर आस पडोस के लोग वहां भागकर आये। लोगों ने देख कि घर वाले सही सलामत हैं, परंतु पशु मलबे में दब गए हैं। उन्होंने तुरंत मलबे के नीचे से पशुओं को बाहर निकालने लग गए।
लोगों ने बताया कि परिवार बाल- बाल बच गया। मकान मालिक कर्म सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले दिन बारिश आई थी, तो उस समय उसके मकान में दरार पड़ गई थी, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते वह मकान को ठीक नही करवा सका। मकान मालिक एक छोटा सा किसान है। वह केवल आधे एकड़ की खेती ही करता है और उसके बच्चे भी बहुत छोटे हैं।
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अब उसके सामने मकान बनाने की समस्या पैदा हो गई है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते अब उसको इन टूटे मकान में ही रहना पड़ेगा। वह खुद भी दिव्यांग है, जो चल फिर नहीं सकते।
इधर, इसने खेत में जो गेहूं की बुआई करवाई थी वो भी बारिश और ओलावृष्टि से खराब हो चुकी है। उसकी कमाई का कोई ओर साधन नहीं है। उसने व ग्रामीणों ने प्रशासन, हल्का विधायक रणधीर सिंह गोलन व संस्थाओं से गुहार लगाई है की परिवार की मदद की जाए।
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पाई। करोड़ा गांव में सोमवार रात के समय दो मंजिला मकान की छत गिरने से एक आधा एकड़ की खेती करने वाले दिव्यांग किसान के मकान की छत ढह गई। गनीमत यह रही कि कोई बड़ा हादसा टल गया।
अचानक दो मंजिला मकान की छत नीचे गिर गई। नीचे पशु बंधे हुए थे, जो मलबे के नीचे दब गए। मकान की छत गिरने से एक बड़ा धमाका हुआ और धमाके की आवाज सुनकर आस पडोस के लोग वहां भागकर आये। लोगों ने देख कि घर वाले सही सलामत हैं, परंतु पशु मलबे में दब गए हैं। उन्होंने तुरंत मलबे के नीचे से पशुओं को बाहर निकालने लग गए।
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लोगों ने बताया कि परिवार बाल- बाल बच गया। मकान मालिक कर्म सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले दिन बारिश आई थी, तो उस समय उसके मकान में दरार पड़ गई थी, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते वह मकान को ठीक नही करवा सका। मकान मालिक एक छोटा सा किसान है। वह केवल आधे एकड़ की खेती ही करता है और उसके बच्चे भी बहुत छोटे हैं।
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अब उसके सामने मकान बनाने की समस्या पैदा हो गई है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते अब उसको इन टूटे मकान में ही रहना पड़ेगा। वह खुद भी दिव्यांग है, जो चल फिर नहीं सकते।
इधर, इसने खेत में जो गेहूं की बुआई करवाई थी वो भी बारिश और ओलावृष्टि से खराब हो चुकी है। उसकी कमाई का कोई ओर साधन नहीं है। उसने व ग्रामीणों ने प्रशासन, हल्का विधायक रणधीर सिंह गोलन व संस्थाओं से गुहार लगाई है की परिवार की मदद की जाए।