फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Relief from lumpy virus disease, no animal died in four days

लंपी वायरस बीमारी से राहत, चार दिन में नहीं हुई किसी पशु की मौत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 12 Sep 2022 02:48 AM IST
विज्ञापन
Relief from lumpy virus disease, no animal died in four days
23-कैथल। गोवंश का टीकाकरण करते हुए चिकित्सक। - फोटो : Kaithal
कैथल। पशुओं में लंपी वायरस का संक्रमण अब थमने लगा है। राहत की बात है कि पिछले चार दिनों से किसी पशु की लंपी वायरस से मौत नहीं हुई है। साथ ही संक्रमित पशुओं की संख्या में भी कमी आई है। पशु चिकित्सकों के अनुसार लंपी वायरस का प्रकोप कम हुआ है। पशुपालक एहतियात बरतें तो जल्द ही बीमारी पर पूरी तरह से काबू किया जा सकेगा।
विज्ञापन

विदित हो कि शुरुआत में 300 से ज्यादा रोजाना संक्रमित पशु मिल रहे थे, लेकिन अब यह संख्या 110 से भी नीचे पहुंच गई है। माना जा रहा है कि टीकाकरण से लंपी वायरस काबू में है। इससे पशुपालकों को बड़ी राहत मिली है। आंकड़ों के मुताबिक, अब तक कुल 7853 पशु इस वायरस से संक्रमित हुए हैं। इसमें से 6260 पशु ठीक हो चुके हैं और 66 पशुओं की मौत हो चुकी है, जबकि फिलहाल 1593 पशु संक्रमित हैं। रविवार को किसी पशु की बीमारी से मौत नहीं हुई है, हालांकि 101 नए संक्रमित पशु मिले हैं। दूसरी ओर अब तक 80 हजार 538 डोज वैक्सीन की लग चुकी है। पशु पालन विभाग के डॉक्टरों का कहना है कि वायरस का प्रसार मक्खी, मच्छर व चीचड़ के काटने से होता है। स्वस्थ पशु का संक्रमित के संपर्क में आने से भी यह रोग होता है। संक्रमित पशुओं को पहले बुखार आता है। फिर मुंह व नाक से स्राव निकलता है। दुग्ध कम हो जाता है, तत्पश्चात खाल के नीचे छोटी-छोटी गांठे बन जाती हैं। कुछ पशुओं में गले के नीचे, छाती और पैरों में सूजन आ सकती है। पशुपालन विभाग के एसडीओ कुलदीप श्योकंद ने बताया कि अब तक 80 हजार डोज वैक्सीन लग चुकी है। पशुओं का टीकाकरण अभियान जारी है। पिछले चार दिनों से किसी पशु की मौत नहीं हुई है। फिलहाल जिले में अब 1593 पशु संक्रमित है। पशुपालक एहतियात बरतें तो जल्द ही संक्रमण से पशुओं को निजात मिल सकती है।
विज्ञापन

रोग के लक्षण दिखाई देने पर इन बातों का रखें ध्यान
पशुओं में लंपी वायरस के लक्षण दिखने पर तुरंत अपने नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क करें। बीमार पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखें। बीमार पशु की उचित देखभाल करें। पशुओं के बाड़े को सूखा व साफ-सुथरा रखें तथा नियमित रूप से मक्खी और मच्छर रोधी दवाइयों का प्रयोग करें। बीमार पशु की नियमित रूप से लाल दवा और फिटकरी से सफाई करें, बीमार पशु से उत्पादित दूध का सेवन उबालकर ही करना चाहिए। बीमार पशु के संपर्क में आने पर अपने हाथों को अच्छी तरह साबुन से धोएं। संक्रमण के प्रसार को कम करने के लिए इन पशुओं को मेले व तालाब में न लेकर जाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रदेश में जल्द ही पशुओं के लिए मिलेगी 70 एंबुलेंस : रणधीर गोलन
पूंडरी। श्री जयराम आदर्श गोशाला में वार्षिक समारोह का आयोजन किया गया। इसमें हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड के चेयरमैन एवं स्थानीय विधायक रणधीर सिंह गोलन ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की।

उन्होंने कहा कि लंपी बीमारी से बचाव के लिए प्रदेश में 19 लाख गोवंश के लिए 20 लाख वैक्सीन पहुंच चुकी है और तेजी से टीकाकरण किया जा रहा है। पशुपालकों को डरने की आवश्यकता नहीं है, अपितु समझदारी से इस फैलती बीमारी को रोकने के लिए अपने-अपने गोवंश का टीकाकरण अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जल्द ही 70 एंबुलेंस मिलेंगी जो पशुओं के जल्द उपचार के लिए काफी फायदेमंद रहेगी। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में हैफेड के चेयरमैन कैलाश भगत, चांदी राम, रामप्रकाश गोगी, रामपाल, पवन सैनी, मंदीप गोलन, रमेश मनचंदा, रोशन सैनी, चमेल सिंह व निजी सचिव संजीव कुमार गामड़ी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed