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Kaithal News: हड़ताल से अटकीं रजिस्ट्रियां आज से होंगी शुरू
Wed, 11 Feb 2026 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 11 Feb 2026 01:02 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। वीरवार से जारी तहसीलदारों की हड़ताल मंगलवार देर शाम खत्म हो गईं। अब अटकी अटकीं रजिस्ट्रियां बुधवार से शुरू हो जाएंगी। इससे आम जनता को बहुत राहत होगी।
मंगलवार को हड़ताल के दौरान तहसील कार्यालयों में राजस्व कार्य पूरी तरह ठप रहा। लोगों को बिना काम करवाए ही उन्हें लौटना पड़ रहा था। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी दिख रही थी। दरअसल, हड़ताल के कारण इंतकाल, जाति प्रमाण पत्र, रजिस्ट्री, नामांतरण सहित अन्य राजस्व मामलों का निपटारा नहीं हो पा रहा था।
लोगों का कहना था कि जरूरी कार्य समय पर न होने से उन्हें भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सबसे अधिक दिक्कत छात्रों, ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों और दूरदराज से आए नागरिकों को हो रही थी, जिन्हें समय पर जाति प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेजों की आवश्यकता होती है।
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रोजाना करीब 120 रजिस्ट्री अटकीं ः जमीन की रजिस्ट्री, नामांतरण और संपत्ति से जुड़े मामलों में भी कोई प्रगति नहीं हो रही थी। गौरतलब है कि जिले में प्रतिदिन करीब 120 रजिस्ट्रियां होती हैं, जो हड़ताल के चलते अटकी पड़ी थीं। इससे न केवल आम जनता बल्कि कारोबार और संपत्ति से जुड़े लेन-देन भी प्रभावित हो रहे थे।
स्थानीय लोगों लालूराम, गोविंद सहित अन्य का कहना था कि यदि हड़ताल लंबी चली तो आने वाले दिनों में राजस्व कार्यों का बोझ और बढ़ जाएगा, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। हालांकि देर शाम हड़ताल खत्म होने की जानकारी मिलने पर लोगों ने राहत की सांस ली। लोगों का कहना था कि पहले पटवारियों और फिर तहसीलदारों की हड़ताल से जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। अब फिर से काम शुरू होने से राहत मिलेगी।
छह तहसीलें व उप-तहसीलें प्रभावित ः जिले में छह तहसीलें और उप-तहसीलें हैं। इनमें गुहला, कलायत और पूंडरी मुख्य तहसीलें हैं, जबकि राजौंद, ढांड और सीवन उप-तहसीलें हैं। इन सभी कार्यालयों में प्रतिदिन सैकड़ों राजस्व कार्य होते हैं, जिनमें जमीन के दस्तावेज, प्रमाण पत्र, रजिस्ट्री और अन्य जरूरी मामले शामिल हैं। हड़ताल के चलते इन सभी कार्यों में देरी हो रही थी।
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कैथल। वीरवार से जारी तहसीलदारों की हड़ताल मंगलवार देर शाम खत्म हो गईं। अब अटकी अटकीं रजिस्ट्रियां बुधवार से शुरू हो जाएंगी। इससे आम जनता को बहुत राहत होगी।
मंगलवार को हड़ताल के दौरान तहसील कार्यालयों में राजस्व कार्य पूरी तरह ठप रहा। लोगों को बिना काम करवाए ही उन्हें लौटना पड़ रहा था। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी दिख रही थी। दरअसल, हड़ताल के कारण इंतकाल, जाति प्रमाण पत्र, रजिस्ट्री, नामांतरण सहित अन्य राजस्व मामलों का निपटारा नहीं हो पा रहा था।
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लोगों का कहना था कि जरूरी कार्य समय पर न होने से उन्हें भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सबसे अधिक दिक्कत छात्रों, ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों और दूरदराज से आए नागरिकों को हो रही थी, जिन्हें समय पर जाति प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेजों की आवश्यकता होती है।
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रोजाना करीब 120 रजिस्ट्री अटकीं ः जमीन की रजिस्ट्री, नामांतरण और संपत्ति से जुड़े मामलों में भी कोई प्रगति नहीं हो रही थी। गौरतलब है कि जिले में प्रतिदिन करीब 120 रजिस्ट्रियां होती हैं, जो हड़ताल के चलते अटकी पड़ी थीं। इससे न केवल आम जनता बल्कि कारोबार और संपत्ति से जुड़े लेन-देन भी प्रभावित हो रहे थे।
स्थानीय लोगों लालूराम, गोविंद सहित अन्य का कहना था कि यदि हड़ताल लंबी चली तो आने वाले दिनों में राजस्व कार्यों का बोझ और बढ़ जाएगा, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। हालांकि देर शाम हड़ताल खत्म होने की जानकारी मिलने पर लोगों ने राहत की सांस ली। लोगों का कहना था कि पहले पटवारियों और फिर तहसीलदारों की हड़ताल से जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। अब फिर से काम शुरू होने से राहत मिलेगी।
छह तहसीलें व उप-तहसीलें प्रभावित ः जिले में छह तहसीलें और उप-तहसीलें हैं। इनमें गुहला, कलायत और पूंडरी मुख्य तहसीलें हैं, जबकि राजौंद, ढांड और सीवन उप-तहसीलें हैं। इन सभी कार्यालयों में प्रतिदिन सैकड़ों राजस्व कार्य होते हैं, जिनमें जमीन के दस्तावेज, प्रमाण पत्र, रजिस्ट्री और अन्य जरूरी मामले शामिल हैं। हड़ताल के चलते इन सभी कार्यों में देरी हो रही थी।