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Kaithal News: साइबर क्राइम से बचाव पर किया जागरूक
Thu, 06 Feb 2025 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 06 Feb 2025 12:40 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पाडला और सांघन गांवों में बुधवार को पुलिस की टीमों ने आमजन को साइबर क्राइम से बचाव पर जागरूक किया। इस मौके पर साइबर क्राइम थाना प्रभारी पीएसआई शुभ्रांशु की अगुवाई में एसआई सुरेंद्र सिंह व एचसी कृष्ण कुमार की टीम ने साइबर क्राइम से बचाव की जानकारी दी। टीम ने बताया कि आधुनिकता के युग में आज हर क्षेत्र का डिजिटलाइजेशन हो गया है।
इस कारण आम नागरिकों को जहां इस कारण बहुत लाभ हुआ है वही अपराधी किस्म के लोग इसमें सेंध लगाकर साइबर क्राइम कर आम आदमी के साथ रोज नित नए तरीके अपनाकर फ्रॉड कर रहे हैं, इन्हें रोकने के लिए हम सबको मिलकर साझे प्रयास करने होंगे।
उन्होंने सभी से अपील की कि वे किसी भी प्रकार से प्राप्त हुए लिंक को ना खोले और किसी भी फोन कॉल, संदेश, ईमेल इत्यादि पर दिए गए प्रलोभन या विश्वास में आकर अपनी कोई भी निजी जानकारी किसी के साथ साझा ना करे। ऑनलाइन खरीदारी करते समय विशेष तौर पर सावधानी बरते व सतर्क रहकर एडवांस पे ना करें।
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पुलिस टीम ने लोगों को समझाया कि आपकी सहायता करने के लिए आपको यदि कोई बैंक, बिजली निगम, टेलीफोन एक्सचेंज, आयकर या किसी भी विभाग का कर्मचारी बताकर आपसे कोई जानकारी मांगता है तो आप उसे अपनी कोई भी जानकारी ना दें।
उन्होंने बताया कि साइबर ठगों के निशाने पर हर वह आदमी है, जो किसी भी डिजिटल माध्यम से जुड़ा है। फिर चाहे वह इंटरनेट मीडिया हो या फिर इंटरनेट बैंकिंग। बदलते वक्त के साथ साइबर ठगों ने अपने पैंतरे भी बदले हैं। साइबर ठग इंटरनेट मीडिया के जरिए लोगों के पास किसी एप्लीकेशन के माध्यम से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते हैं।
वह उनसे दोस्ती करके धीरे-धीरे उनके बारे में समस्त जानकारियां जुटा लेते हैं। उसके बाद शातिर उनको ठगी का शिकार बनाने से नहीं चुकते। वह उनकी निजी फोटो/बैंक खातों से संबंधी जानकारी भी एकत्रित कर लेते हैं और अपने जाल में फंसाकर उनके खाते में जमा पूंजी को खाली कर देते हैं।
ऐसे में इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि सभी अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंट व बैंकिंग एप को सुरक्षित लॉक करके रखें तथा अपनी निजी जानकारी को किसी भी व्यक्ति से सांझा करने से बचें।
मल्टी फैक्टर ऑथेंटिकेशन का यूज़ करे, अपने पासवर्ड स्ट्रांग रखें तथा किसी के साथ ओटीपी या अन्य जानकारी साझा ना करें तथा किसी भी प्रकार की एप को सतर्कता के साथ यूज करें। अगर लापरवाही के कारण कोई साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करके शिकायत दर्ज करवाएं।
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कैथल। पाडला और सांघन गांवों में बुधवार को पुलिस की टीमों ने आमजन को साइबर क्राइम से बचाव पर जागरूक किया। इस मौके पर साइबर क्राइम थाना प्रभारी पीएसआई शुभ्रांशु की अगुवाई में एसआई सुरेंद्र सिंह व एचसी कृष्ण कुमार की टीम ने साइबर क्राइम से बचाव की जानकारी दी। टीम ने बताया कि आधुनिकता के युग में आज हर क्षेत्र का डिजिटलाइजेशन हो गया है।
इस कारण आम नागरिकों को जहां इस कारण बहुत लाभ हुआ है वही अपराधी किस्म के लोग इसमें सेंध लगाकर साइबर क्राइम कर आम आदमी के साथ रोज नित नए तरीके अपनाकर फ्रॉड कर रहे हैं, इन्हें रोकने के लिए हम सबको मिलकर साझे प्रयास करने होंगे।
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उन्होंने सभी से अपील की कि वे किसी भी प्रकार से प्राप्त हुए लिंक को ना खोले और किसी भी फोन कॉल, संदेश, ईमेल इत्यादि पर दिए गए प्रलोभन या विश्वास में आकर अपनी कोई भी निजी जानकारी किसी के साथ साझा ना करे। ऑनलाइन खरीदारी करते समय विशेष तौर पर सावधानी बरते व सतर्क रहकर एडवांस पे ना करें।
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पुलिस टीम ने लोगों को समझाया कि आपकी सहायता करने के लिए आपको यदि कोई बैंक, बिजली निगम, टेलीफोन एक्सचेंज, आयकर या किसी भी विभाग का कर्मचारी बताकर आपसे कोई जानकारी मांगता है तो आप उसे अपनी कोई भी जानकारी ना दें।
उन्होंने बताया कि साइबर ठगों के निशाने पर हर वह आदमी है, जो किसी भी डिजिटल माध्यम से जुड़ा है। फिर चाहे वह इंटरनेट मीडिया हो या फिर इंटरनेट बैंकिंग। बदलते वक्त के साथ साइबर ठगों ने अपने पैंतरे भी बदले हैं। साइबर ठग इंटरनेट मीडिया के जरिए लोगों के पास किसी एप्लीकेशन के माध्यम से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते हैं।
वह उनसे दोस्ती करके धीरे-धीरे उनके बारे में समस्त जानकारियां जुटा लेते हैं। उसके बाद शातिर उनको ठगी का शिकार बनाने से नहीं चुकते। वह उनकी निजी फोटो/बैंक खातों से संबंधी जानकारी भी एकत्रित कर लेते हैं और अपने जाल में फंसाकर उनके खाते में जमा पूंजी को खाली कर देते हैं।
ऐसे में इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि सभी अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंट व बैंकिंग एप को सुरक्षित लॉक करके रखें तथा अपनी निजी जानकारी को किसी भी व्यक्ति से सांझा करने से बचें।
मल्टी फैक्टर ऑथेंटिकेशन का यूज़ करे, अपने पासवर्ड स्ट्रांग रखें तथा किसी के साथ ओटीपी या अन्य जानकारी साझा ना करें तथा किसी भी प्रकार की एप को सतर्कता के साथ यूज करें। अगर लापरवाही के कारण कोई साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करके शिकायत दर्ज करवाएं।