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1.72 लाख हेक्टेयर में गेहूं की फसल के लिए वरदान बनकर बरसे बादल
ब्यूरो कैथल
Updated Sun, 08 Jan 2017 12:19 AM IST
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67 एमएम बरसात से मौसम में बड़ा परिवर्तन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शनिवार सुबह हुई क्यारी भर बरसात ने किसानों की बांछें खिला दी। सर्दी के मौसम में बरसात की बाट जो रहे किसानों के फसल में एक तो पानी की बचत हुई और 67 एमएम बरसात से गेहूं की फसल लहलहा उठी। अब तक बरसात के इंतजार में जिले में एक लाख 72 हजार हेक्टेयर में बोई गई गेहूं की फसल में फुटाव कम होने से उत्पादन पर असर होने की आशंकाएं जताई जा रही थीं। लेकिन शनिवार सुबह हुई बरसात किसानों के लिए वरदान साबित होगी। अगले 24 घंटे तक आसमान में बादल छाए रहने का अनुमान है। बरसात के चलते दो दिनों में अधिकतम तापमान में 10 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।
जिले भर में इस सर्दी में बरसात ना होने के कारण किसानों सहित मौसम विशेषज्ञों को चिंता होने लगी थी। बरसात की कमी में गेहूं की फसल में फुटाव कम होता है। साथ ही तापमान में भी ज्यादा गिरावट नहीं आती। जनवरी माह के प्रथम सप्ताह में भी अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस चल रहा था। शनिवार सुबह शुरू हुई बरसात ने पूरे मौसम को ही बदल कर रख दिया। सुबह शुरू हुई बरसात दोपहर करीब बारह बजे तक जारी रही। इस दौरान क्यारी भर बरसात हुई। लगभग 67 एमएम बरसात से खेतों में अच्छा-खासा पानी जमा हो गया। जिससे गेहूं की फसल में एक बार की सिंचाई की बचत हुई। साथ ही बरसात के पानी से कई तरह की बीमारियां अपने आप खत्म हो जाएंगी। वहीं बरसात से तापमान में 23 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।
शहर में हुई परेशानियां
बरसात के कारण सब्जी मंडी, रेलवे अंडर ब्रिज, भगत सिंह, रेलवे ओवर ब्रिज के साइड की सड़कों पर पानी जमा हो गया। जिस कारण लोगों को काफी परेशानियां हुईं। शनिवार को बरसात के चलते शीत लहर से लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर होना पड़ा। दिन में कुछ समय के लिए धूप भी निकलीं। लेकिन बाद दोपहर फिर से बादल छा गए।
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ठंड बढ़ने से भी परेशान हुए लोग
इस सीजन में अभी तक ज्यादा ठंड नहीं हुई थी। लेकिन बरसात से वीरवार को अधिकतम तापमान जो 23 डिग्री सेल्सियस था। वह शनिवार को 13 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। अधिकतम तापमान अभी 9 डिग्री सेल्सियस के आस-पास है। बरसात के बाद चली ठंडी हवाओं ने भी लोगों को काफी परेशान किया। मौसम वैज्ञानिक डा. चंद्रशेखर डागर ने बताया कि अगले 24 घंटों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे। करीब 67 एमएम बरसात हुई है। जिससे गेहूं सहित सभी फसलों में लाभ होगा। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी व इस बरसात के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
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जिले भर में इस सर्दी में बरसात ना होने के कारण किसानों सहित मौसम विशेषज्ञों को चिंता होने लगी थी। बरसात की कमी में गेहूं की फसल में फुटाव कम होता है। साथ ही तापमान में भी ज्यादा गिरावट नहीं आती। जनवरी माह के प्रथम सप्ताह में भी अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस चल रहा था। शनिवार सुबह शुरू हुई बरसात ने पूरे मौसम को ही बदल कर रख दिया। सुबह शुरू हुई बरसात दोपहर करीब बारह बजे तक जारी रही। इस दौरान क्यारी भर बरसात हुई। लगभग 67 एमएम बरसात से खेतों में अच्छा-खासा पानी जमा हो गया। जिससे गेहूं की फसल में एक बार की सिंचाई की बचत हुई। साथ ही बरसात के पानी से कई तरह की बीमारियां अपने आप खत्म हो जाएंगी। वहीं बरसात से तापमान में 23 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।
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शहर में हुई परेशानियां
बरसात के कारण सब्जी मंडी, रेलवे अंडर ब्रिज, भगत सिंह, रेलवे ओवर ब्रिज के साइड की सड़कों पर पानी जमा हो गया। जिस कारण लोगों को काफी परेशानियां हुईं। शनिवार को बरसात के चलते शीत लहर से लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर होना पड़ा। दिन में कुछ समय के लिए धूप भी निकलीं। लेकिन बाद दोपहर फिर से बादल छा गए।
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ठंड बढ़ने से भी परेशान हुए लोग
इस सीजन में अभी तक ज्यादा ठंड नहीं हुई थी। लेकिन बरसात से वीरवार को अधिकतम तापमान जो 23 डिग्री सेल्सियस था। वह शनिवार को 13 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। अधिकतम तापमान अभी 9 डिग्री सेल्सियस के आस-पास है। बरसात के बाद चली ठंडी हवाओं ने भी लोगों को काफी परेशान किया। मौसम वैज्ञानिक डा. चंद्रशेखर डागर ने बताया कि अगले 24 घंटों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे। करीब 67 एमएम बरसात हुई है। जिससे गेहूं सहित सभी फसलों में लाभ होगा। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी व इस बरसात के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।