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मंडियों और खेतों में गेहूं भीगा, भंडारण में होगी परेशानी

Sun, 20 Apr 2014 12:17 AM IST
कैथल
कैथल Updated Sun, 20 Apr 2014 12:17 AM IST
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Rain lashes out in city, Wheat drenched in open Markets
कैथल। शुक्रवार रात को हुई तेज बरसात के कारण मंडियों में पड़ा करोड़ों रुपये का गेहूं भीग गया। इससे गेहूं में नमी की मात्रा भी बढ़ गई है। जिस कारण इसका भंडारण करने में भी अब समय लगेगा। शनिवार को दिन भर गोदामों के बाहर ट्रकों एवं ट्रैक्टर-ट्रालियों की कतारें लगी रहीं।
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खरीद एजेंसियों के अधिकारियों ने नमी की जांच करने के बाद ही कट्टों को गोदामों में भंडारण किया। शुक्रवार रात्रि जिले भर में तेज बरसात हुई। जिस कारण अनाज मंडी के साथ-साथ खेतों में पड़ा पीला सोना भीग गया। अनाज मंडी में खुले एवं तुलाई के बाद बोरियाें में रखा गेहूं भीग गया।
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 कई जगहों पर पानी भी जमा होने से गेहूं की बारियों तर हो गई। नई अनाज मंडी में करीब चार लाख कट्टे पड़े हुए हैं। जबकि काफी मात्रा में गेहूं बिना तुलाई के ढेरियों के रूप में पड़ा हुआ था। जो बरसात में भीग गया। यदि दो-तीन दिनों तक यह गेहूं इसी हालत में रहा तथा मौसम न खुला तो यह खराब हो सकता है। जिससे किसानों, आढ़तियों एवं एजेंसियों का करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है। अभी मौसम विभाग द्वारा मौसम खुलने की भी संभावनाएं नहीं बताई जा रही हैं।
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गेहूं का भंडारण प्रभावित

नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश कुमार मित्तल का कहना है कि बरसात से काफी काम प्रभावित हुआ है। एक तो आवक पर असर पड़ा है। वहीं पहले से पहुंचे गेहूं का भंडारण भी प्रभावित हो गया है। क्योंकि नमीयुक्त गेहूं को भंडारित किए जाने पर नुकसान हो सकता है। ऐसे में इस गेहूं को सुखाने के बाद ही गोदामों में लगाया जा सकेगा।

उधर, मार्केट कमेटी सचिव रविंद्र सैनी का कहना है कि बरसात के कारण उठान कार्य प्रभावित हुआ है। प्रयास किया जा रहा है कि सूखे हुए गेहूं का उठान हो जाए।

काफी गेहूं भीगा : डीएफएससी
डीएफएससी सुरेंद्र कुमार का कहना है कि भीग गए गेहूं के कारण खरीद एजेंसियों के अधिकारियों के लिए परेशानी आ सकती है। क्योंकि यदि नमी युक्त गेहूं गोदाम में भंडारित हो गया तो बाद में इसके सूखने पर जो वजन कम होगा, उसकी जिम्मेवारी विभागीय अधिकारियों की होगी। ऐसे में वे भीगे हुए गेहूं के अंतर को कहां से पूरा करेंगे। बरसात के कारण काफी गेहूं भीग गया है।
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