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किसानों के लिए आफत बनी बारिश, धान की फसल का भारी नुकसान
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लगातार कई दिनों तक हुई बारिश से पूंडरी क्षेत्र के गांवों में धान की फसल जमीन पर बिछ गई है, जिससे किसानों भारी नुकसान हुआ है। किसानों ने नुकसान की भरपाई के लिए सरकार से मुआवजा देने की मांग की है।
किसान रामचंद्र गुर्जर ढांड, दीपक शर्मा चंदलाना, धर्मपाल राणा फरल, बलबीर राणा टयोंठा, मदनपाल, तेजिंद्र सिंह हाबड़ी, शमशेर बरसाना, सुरेश खनौदा, विक्रम म्योली, प्रेम राणा, जोगेंद्र पूंडरी, प्रताप राणा टयोंठा व रजनीश खेड़ी मटरवा ने बताया कि उनके खेतों में फसल लगभग खराब हो चुकी है। पकी धान की फसल दरी की तरह बिछ गई है। धान की बालियां अंकुरित होने लगी हैं।
किसानों का कहना है कि इस बार सही समय पर बारिश होने से किसानों के खेतों में बंपर पैदावार की आस लगाए थे, लेकिन क्षेत्र में हुई बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। अब फिर बारिश हो गई तो कुछ हद तक बची हुई फसल भी बर्बाद जाएगी। क्षेत्र के किसानों की सरकार से मांग है कि उनको उचित मुआवजा दिया जाए।
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भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय सलाहकार सरदार अजीत सिंह हाबड़ी ने सरकार से प्रदेश सरकार से मांग कि है कि गिरदावरी करवाकर किसानों को उचित मुआवजा बिना किसी भेदभाव के दिया जाए। उन्होंने कहा कि किसान पहले ही परेशान व हताश है। ऐसे में पकी हुई फसल के बर्बाद होने से परेशानी और बढ़ गई है। वहीं मौसम वैज्ञानिकों ने 28, 29 और 30 सितंबर को फिर बरसात की संभावना जताई है।
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किसान रामचंद्र गुर्जर ढांड, दीपक शर्मा चंदलाना, धर्मपाल राणा फरल, बलबीर राणा टयोंठा, मदनपाल, तेजिंद्र सिंह हाबड़ी, शमशेर बरसाना, सुरेश खनौदा, विक्रम म्योली, प्रेम राणा, जोगेंद्र पूंडरी, प्रताप राणा टयोंठा व रजनीश खेड़ी मटरवा ने बताया कि उनके खेतों में फसल लगभग खराब हो चुकी है। पकी धान की फसल दरी की तरह बिछ गई है। धान की बालियां अंकुरित होने लगी हैं।
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किसानों का कहना है कि इस बार सही समय पर बारिश होने से किसानों के खेतों में बंपर पैदावार की आस लगाए थे, लेकिन क्षेत्र में हुई बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। अब फिर बारिश हो गई तो कुछ हद तक बची हुई फसल भी बर्बाद जाएगी। क्षेत्र के किसानों की सरकार से मांग है कि उनको उचित मुआवजा दिया जाए।
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भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय सलाहकार सरदार अजीत सिंह हाबड़ी ने सरकार से प्रदेश सरकार से मांग कि है कि गिरदावरी करवाकर किसानों को उचित मुआवजा बिना किसी भेदभाव के दिया जाए। उन्होंने कहा कि किसान पहले ही परेशान व हताश है। ऐसे में पकी हुई फसल के बर्बाद होने से परेशानी और बढ़ गई है। वहीं मौसम वैज्ञानिकों ने 28, 29 और 30 सितंबर को फिर बरसात की संभावना जताई है।