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Kaithal News: कलायत में अध्यक्ष पद प्रतिष्ठा का प्रश्न

Thu, 27 Feb 2025 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Thu, 27 Feb 2025 12:57 AM IST
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Question of prestige of presidency in Kalayat
निशीकांत शर्मा
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कलायत। कलायत नगरपालिका चुनाव भारती जनता पार्टी के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुका है। भाजपा उम्मीदवार मैनपाल राणा को विजयी बनाने के लिए भाजपा संगठन के साथ भाजपा सरकार पूरी तरह से सक्रिय दिख रही है। विधानसभा चुनाव में पटकनी खाने के बाद भाजपा नपा चुनाव में गलती सुधारने की दिशा में अग्रसर है।

पूर्व राज्य मंत्री कमलेश ढांडा व उनके पुत्र तुषार ढांडा तो पूरी तरह से कलायत चुनाव में सक्रिय हैं। उनके अलावा अभी तक राजपूत वोटों को लुभाने के लिए कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, एससी वोटों को लुभाने के लिए विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पवार और प्रजापति वोटों को एकजुट करने के लिए मंत्री रणबीर गंगवा कलायत में जनसभाएं कर चुके हैं। वीरवार को स्वयं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी कलायत पहुंच कर मैनपाल राणा के पक्ष में प्रचार करेंगे। सवाल है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि सरकार को कलायत नगरपालिका चुनाव में अपनी जीत को सुनिश्चित करने के लिए इतना जोर लगाना पड़ रहा है? दरअसल, कलायत राजपूत बहुल नगर है। इसी समाज से तीन प्रत्याशी अध्यक्ष पद के लिए चुनावी मैदान में हैं।
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आम आदमी पार्टी ने अपने पार्टी चिह्न पर जसविंद्र राणा को मैदान में उतारा है। सक्रिय कार्यकर्ता रहे अंकित राणा टिकट न मिलने पर निर्दलीय ही मैदान में उतर गए। जिस तरह से विधानसभा चुनाव में भाजपा से नाराज हुए विनोद निर्मल ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनावी समर में उतर कर कलायत नगर में भाजपा का गणित बिगाड़ दिया था। उसी प्रकार कहीं इस चुनाव में अंकित राणा फिर से भाजपा का गणित न बिगाड़ दे। इसी आशंका को मद्देनजर रखकर भाजपा कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही। तीसरे सशक्त उम्मीदवार के रूप में विधानसभा चुनाव में भाजपा से किनारा कर चुके राजू कौशिक मैदान में हैं। राजू कौशिक भी भाजपा के सामने बड़ी चुनौती बने हैं। चुनाव में राजपूत वोटों में हुए विभाजन का लाभ राजू कौशिक को मिल सकता है। भाजपा की नजर अब एससी, बीसी-ए व बीसी-बी वोटों पर है। इसी कड़ी में वीरवार को मंत्री कृष्ण लाल पवार पूर्व राज्य मंत्री कमलेश ढांडा और कार्यकर्ताओं के साथ जजपा को अलविदा करने वाले डॉ प्रीतम कौलेखां के आवास पर पहुंचे।
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जानकारी मिली है कि इस दौरान उन्होंने प्रीतम कौलेखां को भाजपा में आने का प्रस्ताव रखा। काफी देर चली मंत्रणा के बाद उन्होंने सहमति की मोहर लगा दी। प्रीतम कौलेखां अब 27 फरवरी को कलायत में प्रदेश मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की चुनावी जनसभा के दौरान भाजपा का दामन थामेंगे। उल्लेखनीय है कि भाजपा ने निकाय चुनाव में सभी वर्गों से समीकरण साधने को पार्टी नेताओं को फील्ड में उतारा है। संवाद
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