{"_id":"68a77011628f7f9ff9062bf3","slug":"preparations-for-ganesh-chaturthi-bring-fervour-to-the-market-kaithal-news-c-245-1-kht1010-136622-2025-08-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: गणेश चतुर्थी की तैयारियों से बाजार में रौनक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: गणेश चतुर्थी की तैयारियों से बाजार में रौनक
Fri, 22 Aug 2025 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 22 Aug 2025 12:44 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। गणेश चतुर्थी नजदीक आते ही शहर के बाजार भक्ति और उत्साह से गुलजार हो गए हैं। 27 अगस्त को मनाए जाने वाले इस पर्व के लिए पंडालों और घरों की सजावट की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। दुकानदार जहां गणेश प्रतिमाएं, सजावटी सामान, लाइटें और पूजा सामग्री सजा रहे हैं, वहीं फूलों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।
करीब 20 कारीगर दिन-रात मूर्तियां बनाने में जुटे हैं। वे मिट्टी, प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) और अन्य सामग्रियों से विभिन्न आकार और डिजाइनों की प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं। कीमतें 151 रुपये से लेकर 12 हजार रुपये तक हैं। इस बार “लाल बादशाह” शैली की मूर्तियों की सबसे ज्यादा डिमांड है, वहीं पर्यावरण-अनुकूल मिट्टी की प्रतिमाओं की मांग भी बढ़ी है।
कारीगर आयुष कश्यप, रव्या, जेठालाल, श्रवण आदि ने बताया कि रोजाना 40–50 लोग मूर्तियों का ऑर्डर दे रहे हैं। उनका कहना है कि भले ही इसमें समय और मेहनत लगती है, लेकिन वे इस उत्सव को सफल बनाने के लिए पूरे मन से काम कर रहे हैं।
विज्ञापन
गणेश चतुर्थी केवल धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का भी अवसर है। पंडालों में सांस्कृतिक कार्यक्रम और भजन संध्याएं आयोजित की जाएंगी। पर्व नजदीक आने के साथ ही बाजार की रौनक और बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन
कैथल। गणेश चतुर्थी नजदीक आते ही शहर के बाजार भक्ति और उत्साह से गुलजार हो गए हैं। 27 अगस्त को मनाए जाने वाले इस पर्व के लिए पंडालों और घरों की सजावट की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। दुकानदार जहां गणेश प्रतिमाएं, सजावटी सामान, लाइटें और पूजा सामग्री सजा रहे हैं, वहीं फूलों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।
करीब 20 कारीगर दिन-रात मूर्तियां बनाने में जुटे हैं। वे मिट्टी, प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) और अन्य सामग्रियों से विभिन्न आकार और डिजाइनों की प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं। कीमतें 151 रुपये से लेकर 12 हजार रुपये तक हैं। इस बार “लाल बादशाह” शैली की मूर्तियों की सबसे ज्यादा डिमांड है, वहीं पर्यावरण-अनुकूल मिट्टी की प्रतिमाओं की मांग भी बढ़ी है।
विज्ञापन
कारीगर आयुष कश्यप, रव्या, जेठालाल, श्रवण आदि ने बताया कि रोजाना 40–50 लोग मूर्तियों का ऑर्डर दे रहे हैं। उनका कहना है कि भले ही इसमें समय और मेहनत लगती है, लेकिन वे इस उत्सव को सफल बनाने के लिए पूरे मन से काम कर रहे हैं।
विज्ञापन
गणेश चतुर्थी केवल धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का भी अवसर है। पंडालों में सांस्कृतिक कार्यक्रम और भजन संध्याएं आयोजित की जाएंगी। पर्व नजदीक आने के साथ ही बाजार की रौनक और बढ़ती जा रही है।