{"_id":"655283f5849360ec7f0db787","slug":"pollution-bomb-explodes-on-diwali-kaithal-news-c-18-1-knl1004-262700-2023-11-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: दिवाली पर फूटा ‘प्रदूषण बम’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: दिवाली पर फूटा ‘प्रदूषण बम’
Tue, 14 Nov 2023 01:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 14 Nov 2023 01:45 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। दिवाली पर हुई जोरदार आतिशबाजी के बाद ‘प्रदूषण बम’ फूट गया। धमाकों का नतीजा... जिले में फिर से एक्यूआई 300 के पार पहुंच गया है। दीपावली से पहले एक्यूआई महज 98 पर था, जो सोमवार को 361 पर पहुंच गया। यह स्वास्थ्य के लिए बेहद ही खतरनाक श्रेणी में आंका जाता है।
गौरतलब है कि इस बार साधारण पटाखों पर प्रशासन ने पूरी तरह से बैन लगाया था और कृषि विभाग के अधिकारी भी फसल अवशेष प्रबंधन पर पूरी तरह से सक्रिय रहे लेकिन ‘प्रदूषण बम’ ने सब किए कराए पर पानी भेर दिया। सरकार की ओर से केवल ग्रीन पटाखों को ही चलाने की अनुमति दी गई थी। शहर में स्टालों पर तो इस बार पटाखे नहीं बिके, लेकिन लोगों ने गोदामों से पटाखों की जमकर खरीदारी की। इसके बाद लोगों ने जमकर पटाखे फोड़े। देर रात 12 बजे तक आसमान में आतिशबाजी का शोर और पटाखों से निकलने वाली चिंगारियां दिखाई पड़ रही थी।
उल्लेखनीय है कि बीते वर्ष दीपावली के बाद एक्यूआई 278 दर्ज किया गया था जबकि इस बार यह आंकड़ा 361 पर पहुंच गया। कुल मिलाकर ‘प्रदूषण बम’ की वजह से दीपावली के बाद एक्यूआई खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक कर्मचारी दीपक चट्ठा ने बताया कि बोर्ड की ओर से प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए कड़े प्रयास किए जा रहे है। पेड़ पौधों पर पानी का छिडक़ाव किया जा रहा है। बारिश के बाद प्रदूषण सामान्य था, दीपवाली पर आतिशबाजी के बाद प्रदूषण बढ़ा है।
विज्ञापन
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा माना जाता है, 51 से 100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच मध्यम, 201 और 300 के मध्य खराब, 301 से 400 के बीच बहुत खराब, 401 से 500 के बीच गंभीर माना जाता है।
विज्ञापन
कैथल। दिवाली पर हुई जोरदार आतिशबाजी के बाद ‘प्रदूषण बम’ फूट गया। धमाकों का नतीजा... जिले में फिर से एक्यूआई 300 के पार पहुंच गया है। दीपावली से पहले एक्यूआई महज 98 पर था, जो सोमवार को 361 पर पहुंच गया। यह स्वास्थ्य के लिए बेहद ही खतरनाक श्रेणी में आंका जाता है।
गौरतलब है कि इस बार साधारण पटाखों पर प्रशासन ने पूरी तरह से बैन लगाया था और कृषि विभाग के अधिकारी भी फसल अवशेष प्रबंधन पर पूरी तरह से सक्रिय रहे लेकिन ‘प्रदूषण बम’ ने सब किए कराए पर पानी भेर दिया। सरकार की ओर से केवल ग्रीन पटाखों को ही चलाने की अनुमति दी गई थी। शहर में स्टालों पर तो इस बार पटाखे नहीं बिके, लेकिन लोगों ने गोदामों से पटाखों की जमकर खरीदारी की। इसके बाद लोगों ने जमकर पटाखे फोड़े। देर रात 12 बजे तक आसमान में आतिशबाजी का शोर और पटाखों से निकलने वाली चिंगारियां दिखाई पड़ रही थी।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि बीते वर्ष दीपावली के बाद एक्यूआई 278 दर्ज किया गया था जबकि इस बार यह आंकड़ा 361 पर पहुंच गया। कुल मिलाकर ‘प्रदूषण बम’ की वजह से दीपावली के बाद एक्यूआई खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक कर्मचारी दीपक चट्ठा ने बताया कि बोर्ड की ओर से प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए कड़े प्रयास किए जा रहे है। पेड़ पौधों पर पानी का छिडक़ाव किया जा रहा है। बारिश के बाद प्रदूषण सामान्य था, दीपवाली पर आतिशबाजी के बाद प्रदूषण बढ़ा है।
विज्ञापन
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा माना जाता है, 51 से 100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच मध्यम, 201 और 300 के मध्य खराब, 301 से 400 के बीच बहुत खराब, 401 से 500 के बीच गंभीर माना जाता है।