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रणदीप सुरजेवाला और माजरा की मुलाकात से चढ़ा सियासी पारा
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कांग्रेस पार्टी के अखिल भारतीय मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला की पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा के साथ शनिवार को हुई मुलाकात से जिले के राजनीतिक माहौल में गर्मी आ गई है। रविवार सायं रणदीप सुरजेवाला सेक्टर-20 स्थित माजरा के आवास पर पहुंचे। करीब एक घंटे तक बातचीत के बाद कोई भी पक्ष इस मुलाकात को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं कर रहा है। दोनों की ओर से मुलाकात को पारिवारिक बताया जा रहा है। हालांकि रामपाल माजरा के भाजपा का दामन छोड़ने के बाद अचानक हुई इस मुलाकात का लोग अपने-अपने ढंग से मायने निकाल रहे हैं। कोई पूर्व मुख्य संसदीय सचिव के कांग्रेस में जाने के कयास लगा रहा है तो कोई अभी इसे दूर की कौड़ी बता रहा है।
पूर्व सीपीएस माजरा ने मुलाकात के प्रश्न पर कांग्रेस में जाने की अटकलों पर विराम लगा दिया और कहा कि अभी वे किसी दल में नहीं जा रहे। रणदीप सुरजेवाला घर पर शिष्टाचार के तहत मुलाकात करने आए थे। हमारे दोनों के बेटों की नई-नई शादी हुई है, पारिवारिक विषयों पर चर्चा करने के साथ-साथ किसान आंदोलन, कोरोना, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे विषयों पर चर्चा की गई। इससे ज्यादा कोई बातचीत नहीं हुई। वहीं, कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला ने भी इसे शिष्टाचार के तहत मुलाकात बताया।
बता दें पूर्व मुख्य संसदीय सचिव ने कई दशकों तक लोकदल की राजनीति की है। एक समय इनेलो राज में वे जिले के एकछत्र नेता रहे, लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था। फिर पिछले साल माजरा ने भाजपा छोड़ने का एलान किया। इसके बाद से माजरा किसी दल में नहीं हैं और अपने के लिए राजनीतिक जमीन तलाश रहे हैं।
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उधर, बाद वर्ष 2005 में कैथल से सुरजेवाला परिवार ने जब चुनाव लड़ना शुरू किया तो जिले की राजनीति में इस परिवार का दबदबा बढ़ना शुरू हो गया। फिलहाल वे कांग्रेस के अखिल भारतीय मीडिया प्रभारी हैं और उन्हें तमिलनाडू का प्रभारी भी बनाया गया है।
कांग्रेस के अखिल भारतीय मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि वे उस रास्ते से गुजर रहे थे तो वहां खड़े लोगों से पूछ लिया कि माजरा जी घर पर हैं। इस पर माजरा जी बाहर आए और आकर उन्होंने चाय पीने का आग्रह किया। मैं चाय पीकर आया हूं। यह महज शिष्टाचार मुलाकात है। इसमें कोई राजनीतिक बात नहीं है। भले ही माजरा कांग्रेस के विरोधी दल में रहे हैं, लेकिन उनसे मेरी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। सीएम मनोहर लाल भी मेरे बेटे की शादी में आए थे तो क्या उसके भी राजनीतिक मायने निकलते हैं।
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पूर्व सीपीएस माजरा ने मुलाकात के प्रश्न पर कांग्रेस में जाने की अटकलों पर विराम लगा दिया और कहा कि अभी वे किसी दल में नहीं जा रहे। रणदीप सुरजेवाला घर पर शिष्टाचार के तहत मुलाकात करने आए थे। हमारे दोनों के बेटों की नई-नई शादी हुई है, पारिवारिक विषयों पर चर्चा करने के साथ-साथ किसान आंदोलन, कोरोना, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे विषयों पर चर्चा की गई। इससे ज्यादा कोई बातचीत नहीं हुई। वहीं, कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला ने भी इसे शिष्टाचार के तहत मुलाकात बताया।
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बता दें पूर्व मुख्य संसदीय सचिव ने कई दशकों तक लोकदल की राजनीति की है। एक समय इनेलो राज में वे जिले के एकछत्र नेता रहे, लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था। फिर पिछले साल माजरा ने भाजपा छोड़ने का एलान किया। इसके बाद से माजरा किसी दल में नहीं हैं और अपने के लिए राजनीतिक जमीन तलाश रहे हैं।
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उधर, बाद वर्ष 2005 में कैथल से सुरजेवाला परिवार ने जब चुनाव लड़ना शुरू किया तो जिले की राजनीति में इस परिवार का दबदबा बढ़ना शुरू हो गया। फिलहाल वे कांग्रेस के अखिल भारतीय मीडिया प्रभारी हैं और उन्हें तमिलनाडू का प्रभारी भी बनाया गया है।
कांग्रेस के अखिल भारतीय मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि वे उस रास्ते से गुजर रहे थे तो वहां खड़े लोगों से पूछ लिया कि माजरा जी घर पर हैं। इस पर माजरा जी बाहर आए और आकर उन्होंने चाय पीने का आग्रह किया। मैं चाय पीकर आया हूं। यह महज शिष्टाचार मुलाकात है। इसमें कोई राजनीतिक बात नहीं है। भले ही माजरा कांग्रेस के विरोधी दल में रहे हैं, लेकिन उनसे मेरी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। सीएम मनोहर लाल भी मेरे बेटे की शादी में आए थे तो क्या उसके भी राजनीतिक मायने निकलते हैं।