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Kaithal News: ठंड संग बढ़ी निमोनिया की ओपीडी
Tue, 07 Jan 2025 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 07 Jan 2025 01:34 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में बढ़ रही कड़ाके की ठंड के बीच निमोनिया का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में जिला नागरिक अस्पताल में बने बाल रोग की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सामान्य दिनों की अपेक्षा में अब यहां पर दोगुनी ओपीडी हो रही है।
गौरतलब है ठंड बढ़ने के बाद लगातार निमोनिया बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में अब प्रतिदिन शिशुओं की 100 से अधिक ओपीडी हो रही है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को शिशुओं को ठंड में बाहर न निकालने की सलाह दी है। सिर्फ निमोनिया की ओपीडी 40 से अधिक है।
ठंड बढ़ने से जन्म के बाद 20 प्रतिशत शिशु निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। इनको जिला नागरिक अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में दाखिल किया जा रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से 28 फरवरी तक निमोनिया के खिलाफ सांस अभियान चला रहा है। इसमें आशा कार्यकर्ता व एएनएम घर घर निमोनिया ग्रस्त बच्चों को चिह्नित कर रही हैं। मेडिकल ऑफिसर के परामर्श से एमोक्सिसिलिन-जेंटामाइसिन की डोज दी जा रही है। बच्चों में निमोनिया की आसानी से पहचान निमोनिया होने पर बच्चे की पसलियां चलना मुख्य लक्ष्ण।
दो माह से एक वर्ष आयु तक के शिशुओं की श्वास की गति 50 प्रति मिनट से अधिक, एक से पांच साल के बच्चे की श्वास की गति 40 प्रति मिनट होना निमोनिया का लक्षण है।
इसके अलावा बच्चे का दूध नहीं पीना, सुस्त रहना, पसलियों का अंदर तक धंसना, बच्चों में बेचैनी एवं उत्तेजना का बढ़ जाना है।
निमोनिया से बचाव के लिए बच्चों को पीसीवी न्यूमोकोकल कन्जूगेट वैक्सीन (पीसीवी) का टीका लगवाना जरूरी है। पांच वर्ष तक के बच्चों में निमोनिया का खतरा रहता है। सर्दियों में निमोनिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य पीसीवी टीकाकरण किया जा रहा है। निमोनिया रोधक पीसीवी वैक्सीन की पहली डोज डेढ़ माह पर, दूसरी डोज साढ़े तीन माह पर और बूस्टर डोज नौ माह पर लगाया जाता है। पांच वर्ष तक के बच्चों के अभिभावक सर्दी के मौसम में अपने बच्चों का विशेष ध्यान रखे। निमोनिया रोधक पीसीवी टीकाकरण करवाएं और निमोनिया के लक्षण होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। -डाॅ. नवराज टिवाना, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
निमोनिया के लक्षण
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निमोनिया एक या दोनों फेफड़ों को प्रभावित कर सकता है, और इसके लक्षणों में खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ और थकान शामिल हैं।
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लक्षण हल्के हो सकते हैं और बिना इलाज के ठीक हो सकते हैं, लेकिन कभी-कभी वे गंभीर हो सकते हैं और अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता हो सकती है ।
बच्चों का ऐसे करें बचाव
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सर्दी से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाएं।
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ठंडी हवा से बचाव के लिए कानों को ढकें।
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पैरों में जुराब पहनाकर रखें।
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ठंडे पानी से बच्चे को दूर रखे।
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छह माह तक बच्चे को मां का दूध जरूरी है।
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कैथल। जिले में बढ़ रही कड़ाके की ठंड के बीच निमोनिया का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में जिला नागरिक अस्पताल में बने बाल रोग की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सामान्य दिनों की अपेक्षा में अब यहां पर दोगुनी ओपीडी हो रही है।
गौरतलब है ठंड बढ़ने के बाद लगातार निमोनिया बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में अब प्रतिदिन शिशुओं की 100 से अधिक ओपीडी हो रही है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को शिशुओं को ठंड में बाहर न निकालने की सलाह दी है। सिर्फ निमोनिया की ओपीडी 40 से अधिक है।
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ठंड बढ़ने से जन्म के बाद 20 प्रतिशत शिशु निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। इनको जिला नागरिक अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में दाखिल किया जा रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से 28 फरवरी तक निमोनिया के खिलाफ सांस अभियान चला रहा है। इसमें आशा कार्यकर्ता व एएनएम घर घर निमोनिया ग्रस्त बच्चों को चिह्नित कर रही हैं। मेडिकल ऑफिसर के परामर्श से एमोक्सिसिलिन-जेंटामाइसिन की डोज दी जा रही है। बच्चों में निमोनिया की आसानी से पहचान निमोनिया होने पर बच्चे की पसलियां चलना मुख्य लक्ष्ण।
दो माह से एक वर्ष आयु तक के शिशुओं की श्वास की गति 50 प्रति मिनट से अधिक, एक से पांच साल के बच्चे की श्वास की गति 40 प्रति मिनट होना निमोनिया का लक्षण है।
इसके अलावा बच्चे का दूध नहीं पीना, सुस्त रहना, पसलियों का अंदर तक धंसना, बच्चों में बेचैनी एवं उत्तेजना का बढ़ जाना है।
निमोनिया से बचाव के लिए बच्चों को पीसीवी न्यूमोकोकल कन्जूगेट वैक्सीन (पीसीवी) का टीका लगवाना जरूरी है। पांच वर्ष तक के बच्चों में निमोनिया का खतरा रहता है। सर्दियों में निमोनिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य पीसीवी टीकाकरण किया जा रहा है। निमोनिया रोधक पीसीवी वैक्सीन की पहली डोज डेढ़ माह पर, दूसरी डोज साढ़े तीन माह पर और बूस्टर डोज नौ माह पर लगाया जाता है। पांच वर्ष तक के बच्चों के अभिभावक सर्दी के मौसम में अपने बच्चों का विशेष ध्यान रखे। निमोनिया रोधक पीसीवी टीकाकरण करवाएं और निमोनिया के लक्षण होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। -डाॅ. नवराज टिवाना, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
निमोनिया के लक्षण
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निमोनिया एक या दोनों फेफड़ों को प्रभावित कर सकता है, और इसके लक्षणों में खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ और थकान शामिल हैं।
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लक्षण हल्के हो सकते हैं और बिना इलाज के ठीक हो सकते हैं, लेकिन कभी-कभी वे गंभीर हो सकते हैं और अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता हो सकती है ।
बच्चों का ऐसे करें बचाव
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सर्दी से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाएं।
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ठंडी हवा से बचाव के लिए कानों को ढकें।
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पैरों में जुराब पहनाकर रखें।
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ठंडे पानी से बच्चे को दूर रखे।
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छह माह तक बच्चे को मां का दूध जरूरी है।