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प्रधानमंत्री आज करेंगे ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन
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PM will inaugurate oxygen plant today
- फोटो : Kaithal
जिला नागरिक अस्पताल में बनाए गए ऑक्सीजन प्लांट का सात अक्तूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन करेंगे। यह उद्घाटन वर्चुअल माध्यम से किया जाएगा।
उद्घाटन की तैयारियों की जांच के लिए डीसी प्रदीप दहिया ने अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने बताया कि पीएम केयर फंड से तैयार किए गए प्रेशर स्विंग ऐड्सॉप्र्शन प्लांट की पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। स्वास्थ्य विभाग व इंजीनियर्स की टीम पीएसए प्लांट को चेक करने के बाद शुरू करने की अनुमति दे चुके हैं। उद्घाटन के बाद प्लांट को शुरू कर दिया जाएगा।
उनके साथ एसपी लोकेंद्र सिंह, एसडीएम संजय कुमार, जिप सीईओ सुरेश राविश व सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा भी मौजूद रहे। डीसी ने कहा कि प्लांट में करीब 2 करोड़ रुपये की लागत की मशीनों को यहां इंस्टॉल किया गया है। प्लांट से हर मिनट एक हजार लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन होगा, जिससे एक साथ कई वार्डों में मरीजों को ऑक्सीजन की सप्लाई आसानी से की जा सकेगी। कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं रहे, उसके पूरे प्रबंध कर लिए गए हैं।
ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता प्रति मिनट 1000 लीटर है अर्थात 24 घंटे में 14.40 लाख लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन होगा। अस्पताल में करीब 200 बड़े डी टाइप सिलिंडर की खपत थी। एक डी टाइप सिलिंडर में 7 क्यूबिक ऑक्सीजन स्टोर होती है। एक क्यूबिक मीटर में करीब एक हजार लीटर ऑक्सीजन आती है। इस हिसाब से एक डी टाइप सिलिंडर में 7 हजार सिलिंडर ऑक्सीजन स्टोर होती है। ऐसे में करीब 205.7 डी टाइप सिलिंडरों का उत्पादन रोजाना हो सकेगा। नागरिक अस्पताल में सीधे तौर पर ऑक्सीजन सप्लाई के लिए 150 कनेक्टर लगे हुए हैं।
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प्लांट में मशीन ऑक्सीजन के उत्पादन के लिए हवा में मौजूद ऑक्सीजन का ही इस्तेमाल करेंगी। हवा में करीब 78 प्रतिशत नाइट्रोजन और 21 प्रतिशत ऑक्सीजन उपलब्ध है। एक प्रतिशत दूसरी गैस होती है। प्लांट में प्रेशर स्विंग ऐड्सॉप्र्शन प्लांट तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसमें एक चैंबर से कुछ सोखने वाले रासायनिक तत्व डालकर उसमें से हवा को गुजारा जाता है। इसके बाद हवा का नाइट्रोजन सोखने वाले तत्वों से चिपककर अलग हो जाता है और ऑक्सीजन अलग हो जाती है। इसके लिए दबाव काफी उच्च रखना होता है।
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उद्घाटन की तैयारियों की जांच के लिए डीसी प्रदीप दहिया ने अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने बताया कि पीएम केयर फंड से तैयार किए गए प्रेशर स्विंग ऐड्सॉप्र्शन प्लांट की पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। स्वास्थ्य विभाग व इंजीनियर्स की टीम पीएसए प्लांट को चेक करने के बाद शुरू करने की अनुमति दे चुके हैं। उद्घाटन के बाद प्लांट को शुरू कर दिया जाएगा।
उनके साथ एसपी लोकेंद्र सिंह, एसडीएम संजय कुमार, जिप सीईओ सुरेश राविश व सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा भी मौजूद रहे। डीसी ने कहा कि प्लांट में करीब 2 करोड़ रुपये की लागत की मशीनों को यहां इंस्टॉल किया गया है। प्लांट से हर मिनट एक हजार लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन होगा, जिससे एक साथ कई वार्डों में मरीजों को ऑक्सीजन की सप्लाई आसानी से की जा सकेगी। कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं रहे, उसके पूरे प्रबंध कर लिए गए हैं।
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ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता प्रति मिनट 1000 लीटर है अर्थात 24 घंटे में 14.40 लाख लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन होगा। अस्पताल में करीब 200 बड़े डी टाइप सिलिंडर की खपत थी। एक डी टाइप सिलिंडर में 7 क्यूबिक ऑक्सीजन स्टोर होती है। एक क्यूबिक मीटर में करीब एक हजार लीटर ऑक्सीजन आती है। इस हिसाब से एक डी टाइप सिलिंडर में 7 हजार सिलिंडर ऑक्सीजन स्टोर होती है। ऐसे में करीब 205.7 डी टाइप सिलिंडरों का उत्पादन रोजाना हो सकेगा। नागरिक अस्पताल में सीधे तौर पर ऑक्सीजन सप्लाई के लिए 150 कनेक्टर लगे हुए हैं।
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प्लांट में मशीन ऑक्सीजन के उत्पादन के लिए हवा में मौजूद ऑक्सीजन का ही इस्तेमाल करेंगी। हवा में करीब 78 प्रतिशत नाइट्रोजन और 21 प्रतिशत ऑक्सीजन उपलब्ध है। एक प्रतिशत दूसरी गैस होती है। प्लांट में प्रेशर स्विंग ऐड्सॉप्र्शन प्लांट तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसमें एक चैंबर से कुछ सोखने वाले रासायनिक तत्व डालकर उसमें से हवा को गुजारा जाता है। इसके बाद हवा का नाइट्रोजन सोखने वाले तत्वों से चिपककर अलग हो जाता है और ऑक्सीजन अलग हो जाती है। इसके लिए दबाव काफी उच्च रखना होता है।