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Kaithal News: असुविधाओं के घेरे में खिलाड़ियों के सपने तोड़ रहे दम, स्टेडियम बदहाल
Sun, 01 Feb 2026 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 01 Feb 2026 01:50 AM IST
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अंबर
कैथल। जिले के पटियाला-चीका रोड पर स्थित गुरु गोविंद सिंह पट्टी अफगान खेल स्टेडियम अब पूरी तरह बदहाल हो चुका है। खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से बना यह स्टेडियम जर्जर हालत में है। पवेलियन से शौचालय, हॉल और खेल उपकरण तक—हर व्यवस्था अनदेखी की शिकार है। इसका सबसे बुरा असर यहां अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों पर पड़ रहा है। असुविधाओं के कारण जिले के युवा सपने टूटते नजर आ रहे हैं।
पवेलियन के शेड पूरी तरह ढह चुके हैं। कई जगह लोहे की चादरें उखड़ी पड़ी हैं, जिससे बरसात या तेज धूप में खिलाड़ियों को बैठने की जगह तक नहीं मिलती। मैदान के आसपास बने हॉल की खिड़कियां-दरवाजे टूटे हैं, सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
शौचालयों की हालत तो और भी चिंताजनक है। पानी की आपूर्ति बाधित है, साफ-सफाई नाममात्र की है और बदबू से परेशानी होती रहती है। खिलाड़ी बाहर के शौचालयों पर निर्भर हैं, जिससे समय बर्बाद होता है। महिला खिलाड़ियों को इसकी सबसे ज्यादा तकलीफ झेलनी पड़ रही है। स्थानीय खिलाड़ी और खेल प्रेमी चेतावनी दे रहे हैं—यदि समय रहते स्टेडियम की मरम्मत न हुई, तो कोई भी युवा देश के लिए मेडल जीतने का सपना लेकर यहां अभ्यास करने नहीं आएगा। उन्होंने प्रशासन से तत्काल सुधार की मांग की है। संवाद
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n खिलाड़ी नितिन ने कहा, खेल मुकाबलों में बेहतरीन प्रदर्शन तभी संभव है जब खिलाड़ी फिट रहें। जिम इसके लिए बेहतरीन है, लेकिन यहां उपकरण जर्जर हैं। ज्यादातर टूट चुके हैं, जंग लगी है और अभ्यास में चोट का खतरा बना रहता है।
n खिलाड़ी अंकित कुमार ने बताया, मैं रोज यहां अभ्यास करता हूं, लेकिन सुविधाओं की कमी से परेशानी होती है। जंग लगे उपकरणों से चोट और संक्रमण का डर रहता है। इसी कारण कई खिलाड़ी दूर जाने लगे हैं। स्टेडियम सुधर जाए तो यहां से अच्छे खिलाड़ी निकल सकते हैं, वरना मनोबल टूटता है।
गुरु गोविंद सिंह पट्टी अफगान खेल स्टेडियम की जर्जर हालत सुधारने का प्रयास किया जाएगा। जल्द सभी कमियां दूर कर ली जाएंगी और खिलाड़ियों को कोई समस्या नहीं होने पाएगी। - राजरानी, जिला खेल अधिकारी, कैथल
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कैथल। जिले के पटियाला-चीका रोड पर स्थित गुरु गोविंद सिंह पट्टी अफगान खेल स्टेडियम अब पूरी तरह बदहाल हो चुका है। खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से बना यह स्टेडियम जर्जर हालत में है। पवेलियन से शौचालय, हॉल और खेल उपकरण तक—हर व्यवस्था अनदेखी की शिकार है। इसका सबसे बुरा असर यहां अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों पर पड़ रहा है। असुविधाओं के कारण जिले के युवा सपने टूटते नजर आ रहे हैं।
पवेलियन के शेड पूरी तरह ढह चुके हैं। कई जगह लोहे की चादरें उखड़ी पड़ी हैं, जिससे बरसात या तेज धूप में खिलाड़ियों को बैठने की जगह तक नहीं मिलती। मैदान के आसपास बने हॉल की खिड़कियां-दरवाजे टूटे हैं, सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
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शौचालयों की हालत तो और भी चिंताजनक है। पानी की आपूर्ति बाधित है, साफ-सफाई नाममात्र की है और बदबू से परेशानी होती रहती है। खिलाड़ी बाहर के शौचालयों पर निर्भर हैं, जिससे समय बर्बाद होता है। महिला खिलाड़ियों को इसकी सबसे ज्यादा तकलीफ झेलनी पड़ रही है। स्थानीय खिलाड़ी और खेल प्रेमी चेतावनी दे रहे हैं—यदि समय रहते स्टेडियम की मरम्मत न हुई, तो कोई भी युवा देश के लिए मेडल जीतने का सपना लेकर यहां अभ्यास करने नहीं आएगा। उन्होंने प्रशासन से तत्काल सुधार की मांग की है। संवाद
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n खिलाड़ी नितिन ने कहा, खेल मुकाबलों में बेहतरीन प्रदर्शन तभी संभव है जब खिलाड़ी फिट रहें। जिम इसके लिए बेहतरीन है, लेकिन यहां उपकरण जर्जर हैं। ज्यादातर टूट चुके हैं, जंग लगी है और अभ्यास में चोट का खतरा बना रहता है।
n खिलाड़ी अंकित कुमार ने बताया, मैं रोज यहां अभ्यास करता हूं, लेकिन सुविधाओं की कमी से परेशानी होती है। जंग लगे उपकरणों से चोट और संक्रमण का डर रहता है। इसी कारण कई खिलाड़ी दूर जाने लगे हैं। स्टेडियम सुधर जाए तो यहां से अच्छे खिलाड़ी निकल सकते हैं, वरना मनोबल टूटता है।
गुरु गोविंद सिंह पट्टी अफगान खेल स्टेडियम की जर्जर हालत सुधारने का प्रयास किया जाएगा। जल्द सभी कमियां दूर कर ली जाएंगी और खिलाड़ियों को कोई समस्या नहीं होने पाएगी। - राजरानी, जिला खेल अधिकारी, कैथल