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Kaithal News: राजकीय माॅडल संस्कृति प्राथमिक स्कूल परिसर में प्ले स्कूल की हुई शुरुआत
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कलायत। राजकीय माॅडल संस्कृति प्राथमिक स्कूल परिसर में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से संचालित प्ले स्कूल के रेडीनेस मेले में इसकी झलक देखने को मिली। इसमें मुख्य अतिथि के तौर पर वार्ड एक की पार्षद रेणू धानियां, वार्ड तीन की पार्षद उषा रानी, वार्ड चार की पार्षद निशा राणा और वार्ड 14 से पार्षद पूनम धीमान ने शिरकत की। इन पार्षदों ने प्ले स्कूल शिक्षक नीलम धानियां, जिला संयोजक नवीन कुमार, सुपरवाइजर मंजू रानी, सुमन रानी, स्कूल शिक्षक, आंगनबाड़ी वर्कर-हेल्पर, महिला एवं बच्चों की मौजूदगी में फीता काटकर कार्यक्रम की शुरुआत की।
महिला पार्षदों ने कहा कि महिलाओंं व बच्चों के विकास के लिए खासतौर से आंगनबाड़ी केंद्र एवं प्ले स्कूलों को सरकार द्वारा संचालन किया जा रहा है। इनमें स्कूली शिक्षा से पहले नन्हे-मुन्नों को खेल-खेल में पढ़ाई के प्रति प्रेरित किया जाता है। रेडीनेस का मतलब तैयारी, तत्परता या किसी काम को करने के लिए तैयार होने की स्थिति को कहा जाता है। उन्होंने कहा तीन से पांच वर्ष के बच्चों का प्ले स्कूल में दाखिला जरूर करवाएं।
आंगनबाड़ी केंद्र व प्ले स्कूलों में बच्चों का शारीरिक, सामाजिक, भाषा, बौद्धिक और गणितीय विकास खेल-खेल में किया जाता है। इससे वे स्कूल जाने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाते हैं। अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को प्ले स्कूल भेजें। ताकि उनका विकास सुनिश्चित हो सके। पार्षद रेणू धानियां, उषा रानी, निशा राणा और पूनम धीमान ने महिला एवं बाल विकास विभाग से शहर में प्ले स्कूलों की संख्या बढ़ाने की मांग की।
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उन्होंने कहा कि शहर में 16 वार्ड हैं लेकिन प्ले स्कूल केवल एक है। शहर के विभिन्न हिस्सों में बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्ले स्कूल खोले जाएं। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों के सरकारी भवनों का निर्माण किया जाए। इससे सरकारी स्कूलों में आने वाले समय मेंं प्रवेश का ग्राफ अपेक्षाकृत ज्यादा बढ़ेगा।
महिला पार्षद निशा राणा ने कहा कि दूसरों को प्ले स्कूल के प्रति प्रेरित करने के लिए वे खुद पहले अपने बच्चे का दाखिला करवाने को तैयार हैं। रेडीनेस मेेले मेंं विभाग की योजनाओंं के साथ-साथ बच्चों द्वारा की जा रही गतिविधियों की प्रदर्शनी लगाई गई। इससे देखकर अभिभावक उत्साहित दिखे। इसके एक-एक पहलू की जानकारी जिला संयोजक नवीन कुमार ने बारीकी से दी। उन्होंने कहा कि प्ले स्कूल एक तरह से घर के आंगन जैसे माहौल मेंं बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करना है। अकसर बच्चों में स्कूल का भय रहता है। इस डर को निकालने के लिए ही सरकार ने प्ले स्कूल खोलने का निर्णय लिया।
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महिला पार्षदों ने कहा कि महिलाओंं व बच्चों के विकास के लिए खासतौर से आंगनबाड़ी केंद्र एवं प्ले स्कूलों को सरकार द्वारा संचालन किया जा रहा है। इनमें स्कूली शिक्षा से पहले नन्हे-मुन्नों को खेल-खेल में पढ़ाई के प्रति प्रेरित किया जाता है। रेडीनेस का मतलब तैयारी, तत्परता या किसी काम को करने के लिए तैयार होने की स्थिति को कहा जाता है। उन्होंने कहा तीन से पांच वर्ष के बच्चों का प्ले स्कूल में दाखिला जरूर करवाएं।
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आंगनबाड़ी केंद्र व प्ले स्कूलों में बच्चों का शारीरिक, सामाजिक, भाषा, बौद्धिक और गणितीय विकास खेल-खेल में किया जाता है। इससे वे स्कूल जाने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाते हैं। अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को प्ले स्कूल भेजें। ताकि उनका विकास सुनिश्चित हो सके। पार्षद रेणू धानियां, उषा रानी, निशा राणा और पूनम धीमान ने महिला एवं बाल विकास विभाग से शहर में प्ले स्कूलों की संख्या बढ़ाने की मांग की।
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उन्होंने कहा कि शहर में 16 वार्ड हैं लेकिन प्ले स्कूल केवल एक है। शहर के विभिन्न हिस्सों में बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्ले स्कूल खोले जाएं। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों के सरकारी भवनों का निर्माण किया जाए। इससे सरकारी स्कूलों में आने वाले समय मेंं प्रवेश का ग्राफ अपेक्षाकृत ज्यादा बढ़ेगा।
महिला पार्षद निशा राणा ने कहा कि दूसरों को प्ले स्कूल के प्रति प्रेरित करने के लिए वे खुद पहले अपने बच्चे का दाखिला करवाने को तैयार हैं। रेडीनेस मेेले मेंं विभाग की योजनाओंं के साथ-साथ बच्चों द्वारा की जा रही गतिविधियों की प्रदर्शनी लगाई गई। इससे देखकर अभिभावक उत्साहित दिखे। इसके एक-एक पहलू की जानकारी जिला संयोजक नवीन कुमार ने बारीकी से दी। उन्होंने कहा कि प्ले स्कूल एक तरह से घर के आंगन जैसे माहौल मेंं बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करना है। अकसर बच्चों में स्कूल का भय रहता है। इस डर को निकालने के लिए ही सरकार ने प्ले स्कूल खोलने का निर्णय लिया।