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Kaithal News: लू के थपेड़ों से लोग घरों में दुबकने को मजबूर
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। लगातार बढ़ रही गर्मी और लू के थपेड़ों ने लोगों को घरों में दुबकने को मजबूर कर दिया। केवल अति आवश्यक होने पर ही लोग अपने घरों से बाहर सड़कों पर निकल रहे हैं। इस बार नौतपा के पहले पांच दिनों में अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस पार तक पहुंच चुका है। केवल मानव ही नहीं, गर्मी का प्रकोप मवेशियों के लिए भी बढ़ी परेशानी बना है। खाने को हरे चारे की किल्लत बढ़ रही है और पशुओं के बीमार होने का डर भी पशुपालकों को सता रहा है।
बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 46.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस रहा। 11 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से दिन भर झुलसा देने वाली लू चली। लोग सिर पर कपड़ा ढककर सड़कों पर चलते दिखाई दिए। सुबह करीब सात बजे से ही धूप काफी तेज हो गई थी और शाम करीब छह बजे तक तेज रही।
उधर, कृषि विज्ञान केंद्र कैथल के मौसम समन्वयक रमेश चंद्र वर्मा ने कहा कि आगामी दिनों में तापमान ऐसे ही बना रहेगा। गर्मी कम होने की संभावना अभी नहीं है। पशुपालक एवं किसान संजू, कर्मजीत व प्रदीप ने बताया कि गर्मी के कारण पशुओं को काफी परेशानी हो रही है। गर्मी के कारण हरे चारे की किल्लत हो गई है। सूखे चारे पर पशुओं को गुजारा करना पड़ रहा है। जो पशु दुधारू हैं, उनका दूध भी घट रहा है। इसके अलावा पशुओं को ज्यादा समय तक बाहर भी नहीं रख सकते हैं। इससे लू लगने का भी डर रहता है।
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नौतपा के बीच हो रही भीषण गर्मी में बेल वाली सब्जियों को नुकसान पहुंच सकता है। इसके साथ ही तरबूज और खरबूजे की खेती में पांच प्रतिशत तक का नुकसान हो सकता है। इसलिए सभी किसानों से आग्रह है कि वे अधिक गर्मी होने की स्थिति में सब्जियों में हल्की सिंचाई कर सकते हैं। ऐसे में वे सब्जियों में गर्मियों में होने वाले नुकसान से बचा सकते हैं।
- डॉ. हीरा लाल, जिला उद्यान अधिकारी, कैथल।
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कैथल। लगातार बढ़ रही गर्मी और लू के थपेड़ों ने लोगों को घरों में दुबकने को मजबूर कर दिया। केवल अति आवश्यक होने पर ही लोग अपने घरों से बाहर सड़कों पर निकल रहे हैं। इस बार नौतपा के पहले पांच दिनों में अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस पार तक पहुंच चुका है। केवल मानव ही नहीं, गर्मी का प्रकोप मवेशियों के लिए भी बढ़ी परेशानी बना है। खाने को हरे चारे की किल्लत बढ़ रही है और पशुओं के बीमार होने का डर भी पशुपालकों को सता रहा है।
बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 46.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस रहा। 11 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से दिन भर झुलसा देने वाली लू चली। लोग सिर पर कपड़ा ढककर सड़कों पर चलते दिखाई दिए। सुबह करीब सात बजे से ही धूप काफी तेज हो गई थी और शाम करीब छह बजे तक तेज रही।
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उधर, कृषि विज्ञान केंद्र कैथल के मौसम समन्वयक रमेश चंद्र वर्मा ने कहा कि आगामी दिनों में तापमान ऐसे ही बना रहेगा। गर्मी कम होने की संभावना अभी नहीं है। पशुपालक एवं किसान संजू, कर्मजीत व प्रदीप ने बताया कि गर्मी के कारण पशुओं को काफी परेशानी हो रही है। गर्मी के कारण हरे चारे की किल्लत हो गई है। सूखे चारे पर पशुओं को गुजारा करना पड़ रहा है। जो पशु दुधारू हैं, उनका दूध भी घट रहा है। इसके अलावा पशुओं को ज्यादा समय तक बाहर भी नहीं रख सकते हैं। इससे लू लगने का भी डर रहता है।
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नौतपा के बीच हो रही भीषण गर्मी में बेल वाली सब्जियों को नुकसान पहुंच सकता है। इसके साथ ही तरबूज और खरबूजे की खेती में पांच प्रतिशत तक का नुकसान हो सकता है। इसलिए सभी किसानों से आग्रह है कि वे अधिक गर्मी होने की स्थिति में सब्जियों में हल्की सिंचाई कर सकते हैं। ऐसे में वे सब्जियों में गर्मियों में होने वाले नुकसान से बचा सकते हैं।
- डॉ. हीरा लाल, जिला उद्यान अधिकारी, कैथल।