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Kaithal News: हड़ताल पर पटवारी, कार्यालय पर लटके ताले, काम कराने पहुंचे लोग मायूस लौटे
Fri, 21 Aug 2026 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 21 Aug 2026 01:46 AM IST
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पटवार भवन में पटवारियों के कार्यालयों में पर लटकते ताले। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पटवारियों की दो दिन की हड़ताल के पहले ही दिन शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पटवार भवन में दैनिक कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को कमरों पर ताले लटकते मिले। कुछ निराश होकर लौट गए तो कुछ पटवारियों को ढूंढते-ढूंढते धरना स्थल तक पहुंच गए। हालांकि पटवारियों ने काम करने से मना कर दिया।
लघु सचिवालय में हड़ताल कर धरने पर बैठे पटवारियों ने लोगों को काम करने से मना कर दिया और सीधा सोमवार को आने के लिए कहा। पटवारियों के हड़ताल पर जाने से रोजाना बनने वाले करीब 1000 हजार प्रमाणपत्र वीरवार को नहीं बन सके। सबसे ज्यादा परेशानी निवास प्रमाणपत्र के लिए पहुंचे लोगों ने उठाई। करीब 80 प्रतिशत लोग तो मूल निवास प्रमाणपत्र बनवाने ही पहुंचे थे क्योंकि एसआईआर के कार्य के चलते वोट सत्यापन का कार्य अंतिम चरण में है और इसमें मूल निवास सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है। हालांकि जमाबंदी में त्रुटियों, लोन उतारने जैसे कार्य भी लोगों के नहीं होने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ी।
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वोट कटने से बचाने के लिए मूल निवास बनवाना था और उसके कागजों पर ही हस्ताक्षर करवाने थे। कार्यालय आकर पता चला कि पटवारी हड़ताल पर हैं। हड़ताल के दो दिन की छुट्टी के कारण मूल निवास बनना मुश्किल है जबकि बीएलओ बार-बार फोन कर दस्तावेज मांग रहा है।
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- सन्नी, नानकपुरी कॉलोनी, कैथल
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बीएलओ का फोन आया था तो वे एसआईआर के लिए दस्तावेज मांग रहे थे। पहले नगर परिषद की हड़ताल के कारण मूल निवास नहीं बन पा रहा था और अब पटवारियों की हड़ताल के कारण परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोग परेशान है और सरकार को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
- ओमप्रकाश, सुभाष नगर, कैथल
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आईटीआई में अप्रैंटिस के लिए मूल निवास प्रमाणपत्र मांग रहे हैं और वही बनवाने के लिए आए थे, लेकिन कार्यालय पहुंचकर पता चला कि पटवारी हड़ताल पर है। अब कईं दिनों तक इंतजार करना पड़ेगा और दूसरा कोई विकल्प ही नहीं है।
- गुलशन, अर्जुन नगर, कैथल
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जमाबंदी में त्रुटि के कारण नाम ही गायब कर दिया गया है। पिछले कई महीने से विभाग के चक्कर काट रहे हैं। तहसीलदार व अधिकारियों से इसे ठीक करवाया है और अब पटवारी पर इसे दुरुस्त किया जाना है। पहले ही चक्कर काटकर परेशान हो चुके हैं।
- विजेंद्र, गांव क्योड़क
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हड़ताल के कारण अटके कार्य
पटवारियों के हड़ताल पर होने से रोजाना बनने वाले करीब एक हजार प्रमाणपत्र नहीं बन पाए हैं। इसके अलावा रोजाना 200 से 300 लोग लोन उतारने व चढ़ाने संबंधी कार्य के लिए आते हैं, जो नहीं हो सके। 300 के करीब रोजाना जमाबंदी नकल जारी की जाती हैं जो नहीं हो सकी। रजिस्ट्री व इंतकाल जैसे कार्य भी नहीं हो सके जबकि जिले में पहले ही 5 हजार से ज्यादा इंतकाल लंबित हैं।
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राज्य स्तर पर ये हड़ताल की जा रही है और ये मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है। अभी दो दिन के लिए हड़ताल की जानकारी मिली है। - रविंद्र हुड्डा, तहसीलदार, कैथल
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कैथल। पटवारियों की दो दिन की हड़ताल के पहले ही दिन शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पटवार भवन में दैनिक कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को कमरों पर ताले लटकते मिले। कुछ निराश होकर लौट गए तो कुछ पटवारियों को ढूंढते-ढूंढते धरना स्थल तक पहुंच गए। हालांकि पटवारियों ने काम करने से मना कर दिया।
लघु सचिवालय में हड़ताल कर धरने पर बैठे पटवारियों ने लोगों को काम करने से मना कर दिया और सीधा सोमवार को आने के लिए कहा। पटवारियों के हड़ताल पर जाने से रोजाना बनने वाले करीब 1000 हजार प्रमाणपत्र वीरवार को नहीं बन सके। सबसे ज्यादा परेशानी निवास प्रमाणपत्र के लिए पहुंचे लोगों ने उठाई। करीब 80 प्रतिशत लोग तो मूल निवास प्रमाणपत्र बनवाने ही पहुंचे थे क्योंकि एसआईआर के कार्य के चलते वोट सत्यापन का कार्य अंतिम चरण में है और इसमें मूल निवास सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है। हालांकि जमाबंदी में त्रुटियों, लोन उतारने जैसे कार्य भी लोगों के नहीं होने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ी।
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वोट कटने से बचाने के लिए मूल निवास बनवाना था और उसके कागजों पर ही हस्ताक्षर करवाने थे। कार्यालय आकर पता चला कि पटवारी हड़ताल पर हैं। हड़ताल के दो दिन की छुट्टी के कारण मूल निवास बनना मुश्किल है जबकि बीएलओ बार-बार फोन कर दस्तावेज मांग रहा है।
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- सन्नी, नानकपुरी कॉलोनी, कैथल
बीएलओ का फोन आया था तो वे एसआईआर के लिए दस्तावेज मांग रहे थे। पहले नगर परिषद की हड़ताल के कारण मूल निवास नहीं बन पा रहा था और अब पटवारियों की हड़ताल के कारण परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोग परेशान है और सरकार को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
- ओमप्रकाश, सुभाष नगर, कैथल
आईटीआई में अप्रैंटिस के लिए मूल निवास प्रमाणपत्र मांग रहे हैं और वही बनवाने के लिए आए थे, लेकिन कार्यालय पहुंचकर पता चला कि पटवारी हड़ताल पर है। अब कईं दिनों तक इंतजार करना पड़ेगा और दूसरा कोई विकल्प ही नहीं है।
- गुलशन, अर्जुन नगर, कैथल
जमाबंदी में त्रुटि के कारण नाम ही गायब कर दिया गया है। पिछले कई महीने से विभाग के चक्कर काट रहे हैं। तहसीलदार व अधिकारियों से इसे ठीक करवाया है और अब पटवारी पर इसे दुरुस्त किया जाना है। पहले ही चक्कर काटकर परेशान हो चुके हैं।
- विजेंद्र, गांव क्योड़क
हड़ताल के कारण अटके कार्य
पटवारियों के हड़ताल पर होने से रोजाना बनने वाले करीब एक हजार प्रमाणपत्र नहीं बन पाए हैं। इसके अलावा रोजाना 200 से 300 लोग लोन उतारने व चढ़ाने संबंधी कार्य के लिए आते हैं, जो नहीं हो सके। 300 के करीब रोजाना जमाबंदी नकल जारी की जाती हैं जो नहीं हो सकी। रजिस्ट्री व इंतकाल जैसे कार्य भी नहीं हो सके जबकि जिले में पहले ही 5 हजार से ज्यादा इंतकाल लंबित हैं।
राज्य स्तर पर ये हड़ताल की जा रही है और ये मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है। अभी दो दिन के लिए हड़ताल की जानकारी मिली है। - रविंद्र हुड्डा, तहसीलदार, कैथल

पटवार भवन में पटवारियों के कार्यालयों में पर लटकते ताले। संवाद