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पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि मनाई
ब्यूरो कैथल
Updated Wed, 06 Jul 2016 12:34 AM IST
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पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि मनाई
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्य तिथि के उपलक्ष्य में बालू मंडल के गांव चौशाला में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष राम मेहर सहारण ने की। कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि के तौर पर पूर्व विधायक भाई लीला राम और जिला मीडिया प्रभारी राजरमन दीक्षित ने शिरकत की। मंच का संचालन राजेश बिदान अधिवक्ता ने किया।
राम मेहर सहारण ने पूर्व विधायक लीला राम को पगड़ी पहना कर स्वागत किया। राज रमन दीक्षित को शकुंतला वजीर खेड़ा ने सम्मानित किया। गुज्जर ने कहा की सिर्फ बीजेपी ही ऐसी पार्टी है जो प्रदेश का विकास कर सकती है। जिला मीडिया प्रभारी राज रमण दीक्षित ने कहा की पंडित जी का जन्म अति संपन्न परिवार में हुआ था। उनके पिता आशुतोष मुखर्जी बंगाल के कुलपति के पद पर कार्यरत थे।
मुखर्जी ने 1917 में मैट्रिक उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड चले गए थे। पंडित जी मात्र 31 साल की उम्र में कोलकाता यूनिवर्सिटी के कुलपति बन गए थे। फिर उन्होंने सावरकर जी के साथ मिलकर हिंदू महासभा के लिए काम किया और फिर बंगाल के वित्तमंत्री भी बने। उन्होंने ही कहा था कि दो संविधान दो झंडे एक देश में नहीं चलेंगे। इस मौके पर शकुंतला वजीर खेड़ा एवं जसवंत पठानिया ने भी अपने विचार रखे। सुल्तान तंवर त्यागी सोमनाथ शर्मा रसीला महामंत्री रमेश भी मौजूद रहे।
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राम मेहर सहारण ने पूर्व विधायक लीला राम को पगड़ी पहना कर स्वागत किया। राज रमन दीक्षित को शकुंतला वजीर खेड़ा ने सम्मानित किया। गुज्जर ने कहा की सिर्फ बीजेपी ही ऐसी पार्टी है जो प्रदेश का विकास कर सकती है। जिला मीडिया प्रभारी राज रमण दीक्षित ने कहा की पंडित जी का जन्म अति संपन्न परिवार में हुआ था। उनके पिता आशुतोष मुखर्जी बंगाल के कुलपति के पद पर कार्यरत थे।
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मुखर्जी ने 1917 में मैट्रिक उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड चले गए थे। पंडित जी मात्र 31 साल की उम्र में कोलकाता यूनिवर्सिटी के कुलपति बन गए थे। फिर उन्होंने सावरकर जी के साथ मिलकर हिंदू महासभा के लिए काम किया और फिर बंगाल के वित्तमंत्री भी बने। उन्होंने ही कहा था कि दो संविधान दो झंडे एक देश में नहीं चलेंगे। इस मौके पर शकुंतला वजीर खेड़ा एवं जसवंत पठानिया ने भी अपने विचार रखे। सुल्तान तंवर त्यागी सोमनाथ शर्मा रसीला महामंत्री रमेश भी मौजूद रहे।
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