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Kaithal News: नाराज हो पाला राम सैनी बोले- मैं डिप्रेशन में, दे सकता हूं जान
Mon, 02 Dec 2024 02:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 02 Dec 2024 02:10 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर के गैबी साहब मैदान में रविवार को महाराजा शूर सैनी जयंती कार्यक्रम संपन्न होने के बाद में विवाद हो गया। दरअसल, कार्यक्रम के बाद सैनी समाज के नेता और कुरुक्षेत्र लोकसभा सीट से जजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले पालाराम सैनी ने मीडिया से बातचीत में मंच से नीचे उतारने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि इस अपमान के बाद वह इतने डिप्रेशन में है कि आत्महत्या भी कर सकते हैं। इस कार्यक्रम के लिए उन्होंने सवा दो लाख रुपये का चंदा दिया था। फिर भी मंच पर जगह नहीं दी गई।
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के बाद सितंबर में उन्होंने जजपा छोड़कर कांग्रेस की सदस्यता ले ली थी। समाज का कार्यक्रम होने के चलते वह भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। बाद में उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि मुझे कार्यक्रम में जबरन स्टेज से नीचे उतार दिया गया। यह ठीक नहीं था। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम शहर के सैनी समाज के लोगों ने किया था। आरोप लगाते हुए कहा कि इस पर जींद के जवाहर सैनी व उनके साथियों ने कब्जा कर लिया।
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उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें इस बात का बेहद दुख है कि उनके साथ सैनी समाज के कई गणमान्य व्यक्तियों को बेइज्जत किया गया। कुछ लोगों ने महाराजा शूर सैनी जयंती समारोह को बेचकर सीएम का अभिनंदन समारोह बना दिया। सैनी ने आरोप लगाते हुए कहा कि इस पूरे कार्यक्रम को हाईजैक कर राजनीतिक प्रोग्राम बना दिया। जो लोग इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कई दिनों से दिन-रात मेहनत कर रहे थे, उन लोगों को न तो मंच पर जगह दी गई और न ही उनके नाम आयोजकों की सूची में डाले गए। जिन लोगों ने कार्यक्रम के लिए लाखों रुपये का चंदा दिया था, समाज के उन गणमान्य व्यक्तियों को भी मंच पर नहीं जाने दिया।
पालाराम सैनी ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब कार्यक्रम सरकारी था, तो फिर लोगों से करोड़ों रुपये का चंदा क्यों इकट्ठा किया गया। अब वे कार्यक्रम में खर्च हुए रुपये का हिसाब लेंगे, यदि आयोजकों ने रुपये का हिसाब नहीं दिया तो जिन लोगों से उन्होंने चंदा इकट्ठा किया है, उनका चंदा वापस किया जाएगा। इस कार्यक्रम पर खर्च हुए रुपये का हिसाब लेंगे, इसको लेकर उन सभी गांव के गणमान्य व्यक्तियों को बुलाएंगे, जिनसे इस कार्यक्रम के लिए चंदा इकट्ठा किया गया था।
उन्होंने कहा कि जिस तरह आज बेइज्जती हुई है, इससे मैं बहुत डिप्रेशन में हूं। यदि मैं रात को सुसाइड करता हूं तो इसके जिम्मेदार आयोजक होंगे। आयोजकों के नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने पूरे समाज का नाश करने का काम किया। सैनी समाज के
कई पार्षदों का नाम तक मंच से नहीं लिया गया, जबकि उन्होंने इसके लिए पहले ही सूची बनाई हुई थी। रातों-रात सूची को बदला गया। हम पास के लिए तरसते रहे, लेकिन हमें मंच पर नहीं जाने दिया गया।
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कैथल। शहर के गैबी साहब मैदान में रविवार को महाराजा शूर सैनी जयंती कार्यक्रम संपन्न होने के बाद में विवाद हो गया। दरअसल, कार्यक्रम के बाद सैनी समाज के नेता और कुरुक्षेत्र लोकसभा सीट से जजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले पालाराम सैनी ने मीडिया से बातचीत में मंच से नीचे उतारने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि इस अपमान के बाद वह इतने डिप्रेशन में है कि आत्महत्या भी कर सकते हैं। इस कार्यक्रम के लिए उन्होंने सवा दो लाख रुपये का चंदा दिया था। फिर भी मंच पर जगह नहीं दी गई।
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गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के बाद सितंबर में उन्होंने जजपा छोड़कर कांग्रेस की सदस्यता ले ली थी। समाज का कार्यक्रम होने के चलते वह भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। बाद में उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि मुझे कार्यक्रम में जबरन स्टेज से नीचे उतार दिया गया। यह ठीक नहीं था। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम शहर के सैनी समाज के लोगों ने किया था। आरोप लगाते हुए कहा कि इस पर जींद के जवाहर सैनी व उनके साथियों ने कब्जा कर लिया।
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उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें इस बात का बेहद दुख है कि उनके साथ सैनी समाज के कई गणमान्य व्यक्तियों को बेइज्जत किया गया। कुछ लोगों ने महाराजा शूर सैनी जयंती समारोह को बेचकर सीएम का अभिनंदन समारोह बना दिया। सैनी ने आरोप लगाते हुए कहा कि इस पूरे कार्यक्रम को हाईजैक कर राजनीतिक प्रोग्राम बना दिया। जो लोग इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कई दिनों से दिन-रात मेहनत कर रहे थे, उन लोगों को न तो मंच पर जगह दी गई और न ही उनके नाम आयोजकों की सूची में डाले गए। जिन लोगों ने कार्यक्रम के लिए लाखों रुपये का चंदा दिया था, समाज के उन गणमान्य व्यक्तियों को भी मंच पर नहीं जाने दिया।
पालाराम सैनी ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब कार्यक्रम सरकारी था, तो फिर लोगों से करोड़ों रुपये का चंदा क्यों इकट्ठा किया गया। अब वे कार्यक्रम में खर्च हुए रुपये का हिसाब लेंगे, यदि आयोजकों ने रुपये का हिसाब नहीं दिया तो जिन लोगों से उन्होंने चंदा इकट्ठा किया है, उनका चंदा वापस किया जाएगा। इस कार्यक्रम पर खर्च हुए रुपये का हिसाब लेंगे, इसको लेकर उन सभी गांव के गणमान्य व्यक्तियों को बुलाएंगे, जिनसे इस कार्यक्रम के लिए चंदा इकट्ठा किया गया था।
उन्होंने कहा कि जिस तरह आज बेइज्जती हुई है, इससे मैं बहुत डिप्रेशन में हूं। यदि मैं रात को सुसाइड करता हूं तो इसके जिम्मेदार आयोजक होंगे। आयोजकों के नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने पूरे समाज का नाश करने का काम किया। सैनी समाज के
कई पार्षदों का नाम तक मंच से नहीं लिया गया, जबकि उन्होंने इसके लिए पहले ही सूची बनाई हुई थी। रातों-रात सूची को बदला गया। हम पास के लिए तरसते रहे, लेकिन हमें मंच पर नहीं जाने दिया गया।