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Kaithal News: धान की रोपाई 4.24 लाख एकड़ क्षेत्र में होगी
Thu, 26 Jun 2025 01:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 26 Jun 2025 01:40 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में धान की रोपाई का सीजन एक सप्ताह पहले ही शुरू हो चुका है। इस बार जिले में कुल 4.24 लाख एकड़ क्षेत्र में धान की खेती की जाएगी, जिसमें 80 प्रतिशत क्षेत्र में सामान्य धान और 20 प्रतिशत क्षेत्र में बासमती धान की रोपाई की योजना है।
धान की रोपाई का कार्य आगामी 15 जुलाई तक चलेगा। किसान 15 जून से जुलाई के पहले सप्ताह तक पीआर किस्म की धान की रोपाई कर सकेंगे, जबकि बासमती किस्म की रोपाई 15 से 20 जुलाई के बीच की जाएगी।
हाल ही में हुई हल्की बारिश ने खेतों में नमी बढ़ा दी है, जिससे रोपाई के लिए अनुकूल वातावरण बन गया है। कई किसानों ने पूर्व में ढांचा व मूंग की फसल लगाकर खेतों को तैयार किया था। इन खेतों में धान की रोपाई से पहले अंतिम तैयारी में तीन से चार दिन लगते हैं।
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सीधी बिजाई को मिल रहा बढ़ावा ः कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. बाबू लाल ने बताया कि किसानों में अब धान की सीधी बिजाई को लेकर रुझान बढ़ रहा है, जिससे सिंचाई जल की बचत हो रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि धान की रोपाई से ग्रामीण और प्रवासी मजदूरों को डेढ़ महीने तक रोजगार मिलता है। इतने बड़े क्षेत्र में धान की रोपाई प्रवासी मजदूरों की भागीदारी के बिना संभव नहीं है। इससे मजदूरों को सीजन में काम मिलता है।
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कैथल। जिले में धान की रोपाई का सीजन एक सप्ताह पहले ही शुरू हो चुका है। इस बार जिले में कुल 4.24 लाख एकड़ क्षेत्र में धान की खेती की जाएगी, जिसमें 80 प्रतिशत क्षेत्र में सामान्य धान और 20 प्रतिशत क्षेत्र में बासमती धान की रोपाई की योजना है।
धान की रोपाई का कार्य आगामी 15 जुलाई तक चलेगा। किसान 15 जून से जुलाई के पहले सप्ताह तक पीआर किस्म की धान की रोपाई कर सकेंगे, जबकि बासमती किस्म की रोपाई 15 से 20 जुलाई के बीच की जाएगी।
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हाल ही में हुई हल्की बारिश ने खेतों में नमी बढ़ा दी है, जिससे रोपाई के लिए अनुकूल वातावरण बन गया है। कई किसानों ने पूर्व में ढांचा व मूंग की फसल लगाकर खेतों को तैयार किया था। इन खेतों में धान की रोपाई से पहले अंतिम तैयारी में तीन से चार दिन लगते हैं।
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सीधी बिजाई को मिल रहा बढ़ावा ः कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. बाबू लाल ने बताया कि किसानों में अब धान की सीधी बिजाई को लेकर रुझान बढ़ रहा है, जिससे सिंचाई जल की बचत हो रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि धान की रोपाई से ग्रामीण और प्रवासी मजदूरों को डेढ़ महीने तक रोजगार मिलता है। इतने बड़े क्षेत्र में धान की रोपाई प्रवासी मजदूरों की भागीदारी के बिना संभव नहीं है। इससे मजदूरों को सीजन में काम मिलता है।