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Kaithal News: नहीं बिक रहा धान, नाराज किसान लगा रहे जाम

Tue, 08 Oct 2024 04:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Tue, 08 Oct 2024 04:27 AM IST
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Paddy is not being sold, angry farmers are creating traffic jams
संवाद न्यूज एजेंसी
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ढांड। पीआर धान की खरीद न होने से गुस्सा आए किसानों ने पंचमुखी चौक पर धान से भरी ट्रॉलियां खड़ी करके जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही ढांड थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजेंद्र, नायब तहसीलदार ढांड अचिन मौके पर पहुंचे और जाम लगा रहे किसानों को समझने का प्रयास किया, लेकिन किसान एक ही बात पर अड़े रहे कि जब तक मंडी में वह सड़कों पर पड़े उनके धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं हो जाती। तब तक जाम नहीं खोलेंगे और वहीं धरने पर बैठ गए।

करीब दो घंटे के बाद नायब तहसीलदार की ओर से दिए लिखित पत्र के बाद किसानों ने जाम खोला। धरने का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन के युवा प्रदेश राजीव आर्य व प्रदेश महासचिव भूरा राम पबनावा ने किया। धरना दे रहे किसानों ने हरियाणा सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। किसानों को संबोधित करते हुए आर्य ने कहा कि 20 दिनों से किसान अनाज मंडी में धान लिए हुए बैठे हैं। अनाज मंडिया धान से भरी हुई है मजबूरी में किसानों को अपना धान सड़कों पर डालना पड़ रहा है।
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दिन की गर्मी वी रात को मच्छरों के आतंक से किसान परेशान हो रहे हैं। अब वे बीमार पड़ गए हैं, लेकिन सरकार गहरी नींद से सोई हुई है। कहा कि किसानों ने सप्ताह पहले भी मार्केट कमेटी के गेट की तालाबंदी कर रोष प्रकट करते हुए धान खरीद की मांग की थी, लेकिन उसे समय भी अधिकारियों ने झूठा आश्वासन देकर धरना समाप्त करवा दिया था। एक सप्ताह दिन भी जाने के बावजूद भी अधिकारियों ने मंडी से धान की खरीद करना उचित नहीं समझा।
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पबनावा ने कहा कि सरकारी एजेंसी के अधिकारी वी राइस मिलर आपस में मिले हुए हैं एक साजिश के तहत किसानों को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं किसानों का धान ओने-पौने दामों पर खरीदने की तैयारी कर रहे हैं जिसको भारतीय किसान यूनियन किसी भी सूरत में सहन नहीं करेगी।

नायब तहसीलदार ने मामले को बिगड़ता देख खाद्य आपूर्ति इंस्पेक्टर को मौके पर बुलाया और धान खरीद करने के लिए कहा परंतु किसानों ने कहा की खरीद के बाद माल उठाने व किसानों के खाते में पेमेंट डालने की लिखित में जिम्मेवारी लेने उसके बाद ही वे अपनी धान बेचने के लिए तैयार होंगे। इसके बाद खाद्य एवं आपूर्ति इंस्पेक्टर नीरज ने किसानों को सरकारी मापदंड के अनुसार धन को खरीदने वी खरीदे गए माल को सरकारी पॉलिसी के अनुसार उत्थान करने व उनके खाते में पैसे डालने की लिखित में एक पत्र दिया। इसके बाद किसानों ने धान बेचने के लिए सहमति जताई और जाम खोला।


सरकारी मापदंड पर खरा उतरने वाले धन की खरीद शुरू कर दी गई है जी धान में 17 प्रतिशत से अधिक नमी पाई गई उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया है किसानों को लिखित में आश्वासन दिया है कि सरकारी पॉलिसी के अनुसार धान खरीद कर उसकी लोडिंग व किसानों के खाते में पेमेंट डाल दी जाएगी अगर समय पर खरीदेंगे माल की लोडिंग नहीं हुई या किसी प्रकार की शॉर्टेज आई तो उसकी भरपाई ट्रांसपोर्टर से की जाएगी। -नीरज, खाद्य एवं आपूर्ति इंस्पेक्टर
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