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Kaithal News: हड्डी रोग निवारण शिविर का समापन
Wed, 28 May 2025 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 28 May 2025 01:13 AM IST
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गुहला-चीका। भारतीय योग संस्थान जिला इकाई की ओर से पांच दिनों से चले हड्डी रोग निवारण शिविर मंगलवार को संपन्न हो गया। अंतिम दिन के शिविर में प्रमुख समाज सेवी प्रो. राम लाल वधवा ने बतौर मुख्यातिथि व पंजाबी वेलफेयर सोसायटी के प्रधान डॉ. अशोक भठ्ठला ने शिरकत करते हुए दीप प्रज्ज्वलित कर शिविर का शुभारंभ किया।
प्रो. राम लाल वधवा ने कहा कि योग करने वाला व्यक्ति सदैव स्वस्थ तो रहता ही है साथ ही लंबे समय तक स्वस्थ रहता है। डॉ अशोक भठ्ठला ने कहा कि योग सौ रोगों का एक इलाज है, आज पूरा विश्व योग की महिमा को पहचान रहा है।
शिविर में ताड़ आसन, मरकट आसन, पादोत्तानासन, त्रियंक ताड़ आसन का अभ्यास करवाते हुए इसके लाभ बताए।
संस्थान के जिला प्रधान डॉ. विनोद गुप्ता ने कहा कि योग भारत की प्राचीन विधि है, हमारे ऋषि मुन्नी हजारों वर्षों से योग करते आ रहे हैं जिससे भारत ने पूरे विश्व को योग के महत्व से अवगत करवाया है।
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डॉ. विनोद गुप्ता ने साधकों को अलोम विलोम प्राणायाम, भ्रामरी, ध्यानासन, गहरे श्वासों का अभ्यास करवाते हुए शांति पाठ व गायत्री मंत्र व राम नाम का जाप करवाया। अंतिम दिन शिविर में 100 से अधिक साधकों ने भाग लिया। संवाद
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प्रो. राम लाल वधवा ने कहा कि योग करने वाला व्यक्ति सदैव स्वस्थ तो रहता ही है साथ ही लंबे समय तक स्वस्थ रहता है। डॉ अशोक भठ्ठला ने कहा कि योग सौ रोगों का एक इलाज है, आज पूरा विश्व योग की महिमा को पहचान रहा है।
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शिविर में ताड़ आसन, मरकट आसन, पादोत्तानासन, त्रियंक ताड़ आसन का अभ्यास करवाते हुए इसके लाभ बताए।
संस्थान के जिला प्रधान डॉ. विनोद गुप्ता ने कहा कि योग भारत की प्राचीन विधि है, हमारे ऋषि मुन्नी हजारों वर्षों से योग करते आ रहे हैं जिससे भारत ने पूरे विश्व को योग के महत्व से अवगत करवाया है।
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डॉ. विनोद गुप्ता ने साधकों को अलोम विलोम प्राणायाम, भ्रामरी, ध्यानासन, गहरे श्वासों का अभ्यास करवाते हुए शांति पाठ व गायत्री मंत्र व राम नाम का जाप करवाया। अंतिम दिन शिविर में 100 से अधिक साधकों ने भाग लिया। संवाद