{"_id":"61e47aaf8e9a903be1646304","slug":"operators-will-soon-get-e-ticketing-machines-kaithal-news-knl96243965","type":"story","status":"publish","title_hn":"परिचालकों को जल्द मिलेगी ई टिकटिंग मशीनें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परिचालकों को जल्द मिलेगी ई टिकटिंग मशीनें
विज्ञापन
Operators will soon get e-ticketing machines
- फोटो : Kaithal
कैथल। रोडवेज के परिचालकों को शीघ्र ही ई-टिकटिंग के लिए मशीनें उपलब्ध होंगी। मशीनों के लिए रोडवेज कर्मचारी पिछले काफी समय से मांग करते आ रहे हैं। इसके लिए विभाग ने रूट योजना की जानकारी मांगी है। ताकि मशीनों को उसी हिसाब से तैयार करके भेजा जा सके। ये मशीनें मिल जाने के बाद परिचालकों को काम पूरा करने में काफी सुविधा रहेगी।
लंबे समय से कर रहे थे मांग
कर्मचारियों ने बताया कि कई प्रदेशों में सरकारी बसों में व कई निजी बसों तक में साधारण टिकट का समय खत्म हो चुका है। सभी जगह मशीन से टिकट काटी जाती हैं। जिससे कर्मचारियों को सुविधा रहती है। अब परिचालक को एक हाथ में टिकटों का पूरा बंडल उठाकर रखना पड़ता है। हर जगह रुकने के लिए अलग-अलग टिकट का हिसाब रखना पड़ता है। मशीन मिल जाए तो यह काम आसान हो जाता है और केवल टिकट की राशि भरकर तुरंत प्रिंट निकाल कर लोगों को दिए जा सकते हैं।
विभाग ने 19 जनवरी को अलग-अलग डिपो के ट्रैफिक मैनेजर, उनके सहायकों को मुख्यालय बुलाया है। यहां पर सभी डिपो की आपस में किराया सूची का क्रॉस मिलान कर इसे ई-टिकटिंग मशीन में फीड किया जाएगा। ई-टिकटिंग मशीनों के आने से परिवहन विभाग का भी लाखों रुपये का टिकट छपाई का खर्च बचेगा। वहीं परिचालकों को ई-टिकटिंग मशीन मिलने के बाद परिचालक भी फर्जीवाड़ा नहीं कर पाएंगे। इसके साथ ही समय की भी बचत होगी। टिकट काटने में परिचालक का काफी समय लग जाता था, लेकिन ई टिकटिंग होने के समय की बचत होगी।
विज्ञापन
रोडवेज महाप्रबंधक अजय गर्ग ने बताया कि 19 जनवरी को मुख्यालय में जाने के आदेश मिले हैं। इस मीटिंग के लिए किराया सूची की जानकारी भी मांगी गई है। इस किराया सूची को मशीनों में अपडेट किया जाएगा, ताकि उन्हें प्रयोग में लाया जा सके। बैठक में यह जानकारी दे दी जाएगी। जैसे ही विभाग मशीनें देगा, उन्हें परिचालकों को दे दिया जाएगा।
विज्ञापन
लंबे समय से कर रहे थे मांग
कर्मचारियों ने बताया कि कई प्रदेशों में सरकारी बसों में व कई निजी बसों तक में साधारण टिकट का समय खत्म हो चुका है। सभी जगह मशीन से टिकट काटी जाती हैं। जिससे कर्मचारियों को सुविधा रहती है। अब परिचालक को एक हाथ में टिकटों का पूरा बंडल उठाकर रखना पड़ता है। हर जगह रुकने के लिए अलग-अलग टिकट का हिसाब रखना पड़ता है। मशीन मिल जाए तो यह काम आसान हो जाता है और केवल टिकट की राशि भरकर तुरंत प्रिंट निकाल कर लोगों को दिए जा सकते हैं।
विज्ञापन
विभाग ने 19 जनवरी को अलग-अलग डिपो के ट्रैफिक मैनेजर, उनके सहायकों को मुख्यालय बुलाया है। यहां पर सभी डिपो की आपस में किराया सूची का क्रॉस मिलान कर इसे ई-टिकटिंग मशीन में फीड किया जाएगा। ई-टिकटिंग मशीनों के आने से परिवहन विभाग का भी लाखों रुपये का टिकट छपाई का खर्च बचेगा। वहीं परिचालकों को ई-टिकटिंग मशीन मिलने के बाद परिचालक भी फर्जीवाड़ा नहीं कर पाएंगे। इसके साथ ही समय की भी बचत होगी। टिकट काटने में परिचालक का काफी समय लग जाता था, लेकिन ई टिकटिंग होने के समय की बचत होगी।
विज्ञापन
रोडवेज महाप्रबंधक अजय गर्ग ने बताया कि 19 जनवरी को मुख्यालय में जाने के आदेश मिले हैं। इस मीटिंग के लिए किराया सूची की जानकारी भी मांगी गई है। इस किराया सूची को मशीनों में अपडेट किया जाएगा, ताकि उन्हें प्रयोग में लाया जा सके। बैठक में यह जानकारी दे दी जाएगी। जैसे ही विभाग मशीनें देगा, उन्हें परिचालकों को दे दिया जाएगा।