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Kaithal News: टैंकों में मात्र पांच दिन का पानी
Tue, 03 Sep 2024 06:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 03 Sep 2024 06:11 AM IST
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जितेंद्र पांचाल
कैथल। सिरसा ब्रांच नहर टूटने के चार दिन बाद तक भी नहर का किनारा ठीक नहीं हो पाया है। अगर नहर के टूटे हुए किनारे को जल्द बंद नहीं किया गया तो सिरसा ब्रांच नहर में पानी की आपूर्ति नहीं आ सकेगी। ऐसे में शहरवासियों को पेयजल की किल्लत उठानी पड़ सकती है, क्योंकि जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से जो नहरी पेयजल शहर में सप्लाई किया जाता है, वह सिरसा ब्रांच नहर से ही विभाग के टैंकों में आता है। उसी पानी को शुद्ध करके शहर की आधी से ज्यादा आबादी को सप्लाई किया जाता है।
जनस्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस समय विभाग के टैंकों में शहर में सप्लाई करने के लिए मात्र पांच दिन का पानी शेष है। एक तो सामान्यत: नहर में 25 से 32 दिन के अंतराल में पानी आता है, दूसरा अब नहर टूटने के बाद ये भी नहीं पता है कि यह कब तक ठीक होगी और कब इसमें पानी आएगा? ऐसे में पानी आने तक शहरवासियों को किल्लत झेलनी पड़ सकती है।
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर में 33 एमएलडी पेयजल की सप्लाई रोजाना दी जाती है। इससे लोगों की पानी संबंधित रोजाना की जरूरतों को आसानी से पूरा किया जाता है। विभाग की ओर से 155 लीटर पानी प्रति व्यक्ति के हिसाब से शहर में सप्लाई किया जाता है। जिस क्षेत्र में नहरी पानी की कमी रहती है, वहां पर लोगों को ट्यूबवेल व सबमर्सिबल पर निर्भर रहना पड़ता है। जो पूरी तरह से नहरी पानी पर आधारित हैं, सबसे ज्यादा किल्लत उन लोगों को हो सकती है।
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जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ गोपाल वैद ने बताया कि विभाग के प्योदा रोड स्थित पेयजल टैंकों में अभी पांच दिन का पानी बचा हुआ है। नहरी पानी के संबंध में विभाग सिंचाई विभाग के अधिकारियों से लगातार संपर्क में है। उम्मीद है कि जल्द नहर ठीक कर पानी सप्लाई आ जाएगी। उसके साथ ही टैंकों में पानी जमा कर लिया जाएगा।
दूसरी ओर सिंचाई विभाग के एक्सईएन निशांत बत्तान ने बताया कि गांव मूंदड़ी में सिरसा ब्रांच नहर का जो किनारा टूटा है, उसे ठीक करने में कम से कम 10 से 12 दिन का समय लगेगा। विभाग का प्रयास है कि इस कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि शहरवासियों को पेयजल संकट से न जूझना पड़े। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर में 33 एमएलडी पेयजल की सप्लाई दी जाती है। इससे लोगों की पानी संबंधित रोजाना की जरूरतों को आसानी से पूरा किया जाता है।
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कैथल। सिरसा ब्रांच नहर टूटने के चार दिन बाद तक भी नहर का किनारा ठीक नहीं हो पाया है। अगर नहर के टूटे हुए किनारे को जल्द बंद नहीं किया गया तो सिरसा ब्रांच नहर में पानी की आपूर्ति नहीं आ सकेगी। ऐसे में शहरवासियों को पेयजल की किल्लत उठानी पड़ सकती है, क्योंकि जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से जो नहरी पेयजल शहर में सप्लाई किया जाता है, वह सिरसा ब्रांच नहर से ही विभाग के टैंकों में आता है। उसी पानी को शुद्ध करके शहर की आधी से ज्यादा आबादी को सप्लाई किया जाता है।
जनस्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस समय विभाग के टैंकों में शहर में सप्लाई करने के लिए मात्र पांच दिन का पानी शेष है। एक तो सामान्यत: नहर में 25 से 32 दिन के अंतराल में पानी आता है, दूसरा अब नहर टूटने के बाद ये भी नहीं पता है कि यह कब तक ठीक होगी और कब इसमें पानी आएगा? ऐसे में पानी आने तक शहरवासियों को किल्लत झेलनी पड़ सकती है।
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जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर में 33 एमएलडी पेयजल की सप्लाई रोजाना दी जाती है। इससे लोगों की पानी संबंधित रोजाना की जरूरतों को आसानी से पूरा किया जाता है। विभाग की ओर से 155 लीटर पानी प्रति व्यक्ति के हिसाब से शहर में सप्लाई किया जाता है। जिस क्षेत्र में नहरी पानी की कमी रहती है, वहां पर लोगों को ट्यूबवेल व सबमर्सिबल पर निर्भर रहना पड़ता है। जो पूरी तरह से नहरी पानी पर आधारित हैं, सबसे ज्यादा किल्लत उन लोगों को हो सकती है।
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जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ गोपाल वैद ने बताया कि विभाग के प्योदा रोड स्थित पेयजल टैंकों में अभी पांच दिन का पानी बचा हुआ है। नहरी पानी के संबंध में विभाग सिंचाई विभाग के अधिकारियों से लगातार संपर्क में है। उम्मीद है कि जल्द नहर ठीक कर पानी सप्लाई आ जाएगी। उसके साथ ही टैंकों में पानी जमा कर लिया जाएगा।
दूसरी ओर सिंचाई विभाग के एक्सईएन निशांत बत्तान ने बताया कि गांव मूंदड़ी में सिरसा ब्रांच नहर का जो किनारा टूटा है, उसे ठीक करने में कम से कम 10 से 12 दिन का समय लगेगा। विभाग का प्रयास है कि इस कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि शहरवासियों को पेयजल संकट से न जूझना पड़े। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर में 33 एमएलडी पेयजल की सप्लाई दी जाती है। इससे लोगों की पानी संबंधित रोजाना की जरूरतों को आसानी से पूरा किया जाता है।