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Kaithal News: 30 में से 20 डॉक्टर ने ही किया ज्वाइन, 10 ज्वाइनिंग के लिए पहुंचे ही नहीं
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जिला नागरिक अस्पताल में लगी मरीजों की भीड़। संवाद
कैथल। स्वास्थ्य विभाग को 30 नए डॉक्टर मिले थे लेकिन इनमें से 10 डॉक्टर ज्वाइनिंग के लिए ही नहीं पहुंचे। विभाग की ओर से इन डॉक्टरों को 9 से 23 सितंबर तक जॉइन करने का समय दिया गया था। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद भी केवल 20 डॉक्टरों ने ही ज्वाइन किया। स्वास्थ्य विभाग में जिले के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के 149 पद स्वीकृत हैं लेकिन नए डॉक्टरों की नियुक्ति के बावजूद अब भी 59 पद खाली हैं। जिला नागरिक अस्पताल में ही 55 स्वीकृत पदों में से 14 पद अब भी खाली पड़े हैं। यही हाल गुहला और कलायत उपमंडल अस्पतालों का है। गुहला उपमंडल अस्पताल में डॉक्टरों के 4 और कलायत में 3 पद अब भी खाली हैं।
कई सीएचसी में आधे से भी कम डॉक्टर
सीएचसी राजौंद में सात स्वीकृत पदों में दो ही डॉक्टर तैनात हैं जबकि पांच पद खाली हैं। सीएचसी कौल में सात में से तीन डॉक्टर कार्यरत हैं और चार पद रिक्त हैं। सीएचसी पूंडरी में पांच और सीएचसी सीवन में तीन पद खाली हैं।
अगौंध, पाडला और रसीना में एक भी डॉक्टर नहीं
नए डॉक्टरों के ज्वाइन करने के बावजूद जिले के कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को डॉक्टर ही नहीं मिल सके। पीएचसी अगौंध, पाडला और रसीना में डॉक्टरों के दो-दो पद स्वीकृत हैं लेकिन तीनों केंद्रों में एक भी डॉक्टर नहीं है। इसके अलावा कांगथली, भागल, अरनौल, खरकां, क्योड़क, बात्ता, बालू, बढ़सिकरी, किठाना, करोड़ा, जखौली, पाई, हाबड़ी, फरल, ढांड और टीक में डाॅक्टरों के एक-एक पद खाली हैं। सिर्फ सजूमा, देवबन और मुंदड़ी में ही डॉक्टर के दो पद भरे हुए हैं।
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ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहीं सुविधाएं
डॉक्टरों की कमी का सीधा असर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त डॉक्टर नहीं होने से मरीजों को इलाज के लिए जिला नागरिक अस्पताल या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। नए डॉक्टर मिलने के बावजूद 10 की ज्वाइनिंग न होने से रिक्त पदों की समस्या बरकरार है।
मुख्याल्य की ओर से भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही हर जिले को जरूरत के अनुसार ही डॉक्टर भेजे थे और कैथल को भी 30 डॉक्टर मिले थे। नियमानुसार ही डॉक्टरों को 15 दिन के अंदर अपनी नियुक्ति संबंधित अस्पताल में देनी थी लेकिन 20 डॉक्टरों ने ही समय पर पहुंचकर ज्वाइन किया है।
- डॉ. रेणु चावला, सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग, कैथल।
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कई सीएचसी में आधे से भी कम डॉक्टर
सीएचसी राजौंद में सात स्वीकृत पदों में दो ही डॉक्टर तैनात हैं जबकि पांच पद खाली हैं। सीएचसी कौल में सात में से तीन डॉक्टर कार्यरत हैं और चार पद रिक्त हैं। सीएचसी पूंडरी में पांच और सीएचसी सीवन में तीन पद खाली हैं।
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अगौंध, पाडला और रसीना में एक भी डॉक्टर नहीं
नए डॉक्टरों के ज्वाइन करने के बावजूद जिले के कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को डॉक्टर ही नहीं मिल सके। पीएचसी अगौंध, पाडला और रसीना में डॉक्टरों के दो-दो पद स्वीकृत हैं लेकिन तीनों केंद्रों में एक भी डॉक्टर नहीं है। इसके अलावा कांगथली, भागल, अरनौल, खरकां, क्योड़क, बात्ता, बालू, बढ़सिकरी, किठाना, करोड़ा, जखौली, पाई, हाबड़ी, फरल, ढांड और टीक में डाॅक्टरों के एक-एक पद खाली हैं। सिर्फ सजूमा, देवबन और मुंदड़ी में ही डॉक्टर के दो पद भरे हुए हैं।
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ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहीं सुविधाएं
डॉक्टरों की कमी का सीधा असर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त डॉक्टर नहीं होने से मरीजों को इलाज के लिए जिला नागरिक अस्पताल या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। नए डॉक्टर मिलने के बावजूद 10 की ज्वाइनिंग न होने से रिक्त पदों की समस्या बरकरार है।
मुख्याल्य की ओर से भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही हर जिले को जरूरत के अनुसार ही डॉक्टर भेजे थे और कैथल को भी 30 डॉक्टर मिले थे। नियमानुसार ही डॉक्टरों को 15 दिन के अंदर अपनी नियुक्ति संबंधित अस्पताल में देनी थी लेकिन 20 डॉक्टरों ने ही समय पर पहुंचकर ज्वाइन किया है।
- डॉ. रेणु चावला, सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग, कैथल।