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Kaithal News: डिपो में दौड़ रहीं महज 148, नई बसों का नवंबर तक बढ़ा इंतजार
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कैथल बस अड्डा पर बसों के इंतजार में खड़े यात्री। संवाद
- फोटो : ट्रामा सेंटर में प्राथमिक उपचार के बाद आगरा एंबुलेंस से निशा को ले जाते परिजन। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। रोडवेज डिपो में बसों की कमी दूर होने के लिए यात्रियों को अभी नवंबर तक इंतजार करना पड़ेगा। डिपो को अगस्त में 10 नई बसें मिलने की उम्मीद थी, लेकिन बसों की बॉडी तैयार नहीं होने के कारण इनकी आपूर्ति में देरी हो रही है। नई बसें मिलने में देरी से यात्रियों को फिलहाल परेशानी झेलनी पड़ेगी।
वहीं, पुरानी बसों में तकनीकी खराबी आने से भी बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है। डिपो से प्रतिदिन करीब 20 हजार यात्री रोडवेज बसों में सफर करते हैं। यात्रियों की संख्या के अनुसार डिपो को करीब 250 बसों की जरूरत है, जबकि वर्तमान में करीब 148 बसें ही उपलब्ध हैं। इस तरह डिपो में लगभग 100 बसों की कमी बनी हुई है। उपलब्ध बसों में कई बसें पुरानी हो चुकी हैं, जिन्हें बार-बार मरम्मत के लिए वर्कशॉप में खड़ा करना पड़ता है।
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दोपहर बाद कई रूटों पर बसों का इंतजार
यात्री सुरेंद्र, गुलराम सिंह और बनबीर सिंह ने बताया कि दोपहर बाद विभिन्न रूटों पर बसों की कमी अधिक महसूस होती है। दिल्ली, जींद, कुरुक्षेत्र, असंध और करनाल जाने वाले यात्रियों को कई बार बस के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। बसें कम होने से उपलब्ध बसों में भीड़ बढ़ जाती है। वहीं, किसी पुरानी बस में तकनीकी खराबी आने पर यात्रियों की परेशानी और बढ़ जाती है। यात्रियों का कहना है कि डिपो में नई बसें आने के साथ अतिरिक्त बसों की व्यवस्था भी जरूरी है।
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70 से अधिक बसें हो चुकी हैं पुरानी
रोडवेज चालक राजेंद्र ने बताया कि डिपो में 70 से अधिक बसें काफी पुरानी हो चुकी हैं। इनकी बार-बार वर्कशॉप में मरम्मत करवानी पड़ती है। इससे बसों के संचालन पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि डिपो में जल्द से जल्द नई बसें पहुंचाई जानी चाहिए, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके। साथ ही चालकों और परिचालकों को भी पुरानी बसों के कारण होने वाली परेशानियों से छुटकारा मिल सके।
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बसों की बॉडी तैयार होने का इंतजार : अनिल
वर्कशॉप मैनेजर अनिल कुमार ने बताया कि डिपो को नई बसें उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया चल रही है। पहले अगस्त में 10 बसें मिलने की उम्मीद थी, लेकिन इनकी बॉडी तैयार नहीं हो पाई। अब नवंबर तक बसें मिलने की संभावना है। नई बसें आने से डिपो में बसों की कमी दूर करने में मदद मिलेगी और यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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कैथल। रोडवेज डिपो में बसों की कमी दूर होने के लिए यात्रियों को अभी नवंबर तक इंतजार करना पड़ेगा। डिपो को अगस्त में 10 नई बसें मिलने की उम्मीद थी, लेकिन बसों की बॉडी तैयार नहीं होने के कारण इनकी आपूर्ति में देरी हो रही है। नई बसें मिलने में देरी से यात्रियों को फिलहाल परेशानी झेलनी पड़ेगी।
वहीं, पुरानी बसों में तकनीकी खराबी आने से भी बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है। डिपो से प्रतिदिन करीब 20 हजार यात्री रोडवेज बसों में सफर करते हैं। यात्रियों की संख्या के अनुसार डिपो को करीब 250 बसों की जरूरत है, जबकि वर्तमान में करीब 148 बसें ही उपलब्ध हैं। इस तरह डिपो में लगभग 100 बसों की कमी बनी हुई है। उपलब्ध बसों में कई बसें पुरानी हो चुकी हैं, जिन्हें बार-बार मरम्मत के लिए वर्कशॉप में खड़ा करना पड़ता है।
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दोपहर बाद कई रूटों पर बसों का इंतजार
यात्री सुरेंद्र, गुलराम सिंह और बनबीर सिंह ने बताया कि दोपहर बाद विभिन्न रूटों पर बसों की कमी अधिक महसूस होती है। दिल्ली, जींद, कुरुक्षेत्र, असंध और करनाल जाने वाले यात्रियों को कई बार बस के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। बसें कम होने से उपलब्ध बसों में भीड़ बढ़ जाती है। वहीं, किसी पुरानी बस में तकनीकी खराबी आने पर यात्रियों की परेशानी और बढ़ जाती है। यात्रियों का कहना है कि डिपो में नई बसें आने के साथ अतिरिक्त बसों की व्यवस्था भी जरूरी है।
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70 से अधिक बसें हो चुकी हैं पुरानी
रोडवेज चालक राजेंद्र ने बताया कि डिपो में 70 से अधिक बसें काफी पुरानी हो चुकी हैं। इनकी बार-बार वर्कशॉप में मरम्मत करवानी पड़ती है। इससे बसों के संचालन पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि डिपो में जल्द से जल्द नई बसें पहुंचाई जानी चाहिए, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके। साथ ही चालकों और परिचालकों को भी पुरानी बसों के कारण होने वाली परेशानियों से छुटकारा मिल सके।
बसों की बॉडी तैयार होने का इंतजार : अनिल
वर्कशॉप मैनेजर अनिल कुमार ने बताया कि डिपो को नई बसें उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया चल रही है। पहले अगस्त में 10 बसें मिलने की उम्मीद थी, लेकिन इनकी बॉडी तैयार नहीं हो पाई। अब नवंबर तक बसें मिलने की संभावना है। नई बसें आने से डिपो में बसों की कमी दूर करने में मदद मिलेगी और यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।